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10 साल बाद हुई JTET की परीक्षा, लेकिन भाषा विवाद अब भी अनसुलझा... बीजेपी ने सरकार को घेरा

झारखंड में लगभग 10 साल के लंबे अंतराल के बाद JTET परीक्षा आयोजित की गई, फिर भी विवाद सुलझा नहीं है. वहीं, अब बीजेपी ने राज्य सरकार पर निशाना साधा है.

Edited By Ranjana Kumari
Published: Nov 05, 2026, 12:34 PM IST | Updated: Nov 05, 2026, 12:56 PM IST
Image Credit: 10 साल बाद हुई JTET की परीक्षा, लेकिन भाषा विवाद अब भी अनसुलझा (AI IMAGE)
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झारखण्ड में तकरीबन 10 वर्षों के लंबे इंतजार के बाद शिक्षक पात्रता परीक्षा संपन्न हुई, लेकिन भाषा विवाद अब भी बरकरार है. भोजपुरी, मगही, अंगिका और मैथिली को क्षेत्रीय भाषाओं की सूची में शामिल करने को लेकर शुरू हुआ विवाद अब तक नहीं सुलझ पाया है. सरकार की ओर से गठित मंत्रियों की कमेटी ने भी रिपोर्ट मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को सौंप दी गई है, लेकिन कोई फैसला नहीं आया है. ऐसे में परीक्षा तो हो गई, लेकिन इन भाषाओं को मान्यता और परीक्षा में जगह देने का सवाल अब भी बरकरार है.

बीजेपी ने सरकार पर साधा निशाना

अनसुलझे भाषा विवाद पर भारतीय जनता पार्टी ने राज्य सरकार को घेरा है. बीजेपी के प्रदेश प्रवक्ता दीनदयाल बरनवाल ने कहा कि सरकार ने छात्रों को ठगने का काम किया. परीक्षा भी कर ली गई, लेकिन रास्ता नहीं निकला. सरकार ने भाषा के मुद्दे पर एक समिति गठित की, जिसके अध्यक्ष वित्त मंत्री थे और इसमें कई अन्य सदस्य भी शामिल हैं. लेकिन रिपोर्ट सौंपे जाने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की गई और परीक्षा फिर भी आयोजित कर दी गई. सरकार इस रिपोर्ट को सामने क्यों नहीं ला रही है?

'जनता के प्रति न तो जवाबदेह है, न ही जिम्मेदार'

छात्रों की एक रिफॉर्म कमिटी बनाई गई थी, लेकिन उसका भी कुछ अभी तक नहीं हो पाया है. यह सरकार जनता के प्रति न तो जवाबदेह है और न ही जिम्मेदार. बल्कि यह भ्रष्टाचार के लिए प्रतिबद्ध है, यह सिर्फ भ्रष्टाचार ही करेगी और कुछ नहीं.

जल्द ही मुख्यमंत्री फैसला लेंगे- राधा कृष्ण किशोर

इधर, कांग्रेस के मंत्री और भाषा विवाद को लेकर बनाई गई कमेटी के अध्यक्ष राधा कृष्ण किशोर ने कहा कि अभी भी वह अपने स्टैंड पर हैं और कमेटी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को अपनी रिपोर्ट सौंप दी है और जल्द ही मुख्यमंत्री फैसला लेंगे.

छात्रों को राज्य की सरकार पर भरोसा- मनोज पांडे

वहीं, झारखंड मुक्ति मोर्चा के प्रवक्ता मनोज पांडे ने एक बार फिर छात्रों को भरोसा दिलाते हुए कहा कि मुख्यमंत्री छात्रों के हित में जल्द फैसला लेंगे. कुछ परिस्थितियों ऐसी उत्पन्न हो गई थी, जिस वजह से इसमें वक्त लग गया है. लेकिन छात्रों को राज्य की सरकार पर भरोसा है.

रिपोर्ट: कामरान जलीली

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रंजना कुमारी Zee Bihar Jharkhand की डिजिटल टीम में बतौर Sub-Editor अपनी जिम्मेदारी निभा रही हैं. बिहार के सिवान जिले के जीरादेई से ताल्लुक रखने वाली रंजना स्थानीय और जमीनी मुद्दों पर गहरी पकड़ रखती हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में वे मुख्य रूप से राजनीति, क्राइम, यूटिलिटी और देश-दुनिया की अहम रूटीन खबरों को प्रमुखता से कवर करती हैं. Zee Media का हिस्सा बनने से पहले रंजना ने न्यूज इंडिया 24x7 में भी डेढ़ साल तक अपनी सेवाएं दी थीं. एकेडमिक की बात करें तो रंजना GJU से मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन कर रही हैं.
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