)
कांग्रेस के पूर्व मंत्री योगेंद्र साव के बयान से शुरू हुआ विवाद अब और भी गहराता जा रहा है. यह विवाद गठबंधन की सियासत में तकरार का रूप लेता दिख रहा है. पहले झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के नेताओं ने कांग्रेस पर सवाल उठाते हुए हमला बोला, तो कांग्रेस अनुशासन समिति ने योगेंद्र साव को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया. अब कांग्रेस की राष्ट्रीय सचिव अंबा प्रसाद ने झामुमो नेताओं के बयानों और राजनीतिक अनुशासन पर सवाल खड़े किए हैं.
वहीं, गठबंधन के भीतर उठे इन सवालों के बाद झारखंड की सियासत गरमा गई है. गठबंधन के नेताओं के बीच खिंची सियासी तलवारों ने भारतीय जनता पार्टी को गठबंधन पर हमला करने का एक बेहतरीन मौका दे दिया है, जिससे झारखंड में राजनीति तेज हो गई है.
कांग्रेस नेता योगेंद्र साव के बयान से तूल पकड़ी सियासत और कांग्रेस की राष्ट्रीय सचिव अंबा प्रसाद के सवालों पर झामुमो नेता सुप्रियो भट्टाचार्य ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि किसी भी क्रिया की प्रतिक्रिया तो होती ही है, हम क्रिया ही ऐसी क्यों करें कि कोई प्रतिक्रिया आए? इसलिए इन चीजों से बचना चाहिए. योगेंद्र साव ने जिस भाषा का प्रयोग किया और जिस भावना के साथ बात की, वह अनुचित है. उन्होंने कहा कि गुरुजी के बारे में अगर तथ्यहीन और हीन भावना के साथ बोला जाए, तो प्रतिक्रिया को आप नहीं रोक सकते हैं. गुरुजी हम लोगों के लिए सर्वोपरि हैं. हेमंत सोरेन सिर्फ उनके पुत्र ही नहीं हैं, बल्कि लाखों लोग उनके प्रति समर्पित हैं. ऐसे में अगर कोई इस तरह की बात करे, तो विरोध को रोका नहीं जा सकता.
कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता राकेश सिन्हा ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि हेमंत सोरेन झामुमो के अध्यक्ष होने के साथ-साथ गठबंधन दल के मुखिया और नेता भी हैं. घटक दल का कोई व्यक्ति अगर गठबंधन के मुखिया के ऊपर अनर्गल बयानबाजी करे, तो यह गंभीर मामला है. हमें लगता है कि यह गठबंधन एक-दूसरे के सहयोग का स्वाभाविक गठबंधन है, इसलिए गठबंधन के अंदर के सभी दलों को इस तरह के बयानों से परहेज करना चाहिए, जिस बयान से विपक्ष को गठबंधन पर प्रश्न खड़े करने का मौका मिले. यह बात सभी के लिए है, चाहे वह कांग्रेस हो, झामुमो हो या राजद हो. इस बात का ख्याल हर व्यक्ति को रखना चाहिए.
दूसरी ओर बीजेपी के प्रदेश प्रवक्ता संदीप वर्मा ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह अवसरवादिता का गठबंधन है. कांग्रेस और झामुमो सत्ता सुख के लिए आपस में गठबंधन कर सरकार चला रहे हैं, उन्हें जनहित से कोई लेना-देना नहीं है. योगेंद्र साव ने तो सीधे मुख्यमंत्री पर निशाना साधा है, इसके लिए बीजेपी को कुछ कहने की आवश्यकता ही नहीं है. आपस में ही इन लोगों के ऐसे विचार हैं, तो सोचा जा सकता है कि यहां की जनता कितना पिस रही होगी. आज जेएमएम और कांग्रेस की सरकार में भ्रष्टाचार के नए कीर्तिमान स्थापित हो रहे हैं.
रिपोर्ट: धीरज ठाकुर