घाटशिला दौरे पर जदयू प्रदेश अध्यक्ष खीरू महतो, बंद खदानों और रोजगार के मुद्दों पर भरी चुनावी हुंकार
झारखंड में संगठन विस्तार और आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर जनता दल यूनाइटेड ने अपनी सक्रियता बढ़ा दी है. इसी सिलसिले में जदयू के प्रदेश अध्यक्ष सह राज्यसभा सांसद खीरू महतो प्रदेश और जिला संगठन के पदाधिकारियों के साथ घाटशिला पहुंचे. यहां पार्टी कार्यकर्ताओं ने उनका जोरदार स्वागत किया.
एनडीए गठबंधन के प्रमुख घटक दलों में शामिल जनता दल यूनाइटेड अब झारखंड में अपनी राजनीतिक जमीन मजबूत करने की तैयारी में जुट गई है. पार्टी की नजर बूथ और पंचायत स्तर से लेकर विधानसभा क्षेत्रों तक संगठन के विस्तार पर है. इसी कड़ी में जदयू के झारखंड प्रदेश अध्यक्ष सह राज्यसभा सांसद खीरू महतो घाटशिला दौरे पर पहुंचे. इस दौरान उन्होंने मुसाबनी में आयोजित कार्यकर्ता प्रशिक्षण शिविर में शिरकत की, जहां बड़ी संख्या में लोगों ने जदयू की सदस्यता ग्रहण की. इसके बाद उनका काफिला मुसाबनी पहुंचा, जहां प्रखंड अध्यक्ष वीर बहादुर सिंह के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने प्रदेश अध्यक्ष का अभिनंदन किया.
मुसाबनी पहुंचने पर खीरू महतो ने मुसाबनी नंबर तीन स्थित बस स्टैंड चौक पर महान स्वतंत्रता सेनानी सिदो-कान्हू की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया. इसके बाद मैरिज हॉल में आयोजित जदयू कार्यकर्ता प्रशिक्षण शिविर में वे शामिल हुए. कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया. इस दौरान महिला कार्यकर्ताओं ने पारंपरिक रीति-रिवाज से प्रदेश अध्यक्ष का स्वागत किया. वहीं, प्रखंड अध्यक्ष वीर बहादुर सिंह के नेतृत्व में बड़ी संख्या में महिलाओं, पुरुषों और युवाओं ने जदयू की सदस्यता ग्रहण की. प्रदेश अध्यक्ष ने सभी नए सदस्यों को पार्टी का पट्टा पहनाकर संगठन में शामिल कराया.
कार्यकर्ता प्रशिक्षण शिविर को संबोधित करते हुए प्रदेश अध्यक्ष खीरू महतो ने बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व और नीतियों की सराहना की. उन्होंने कहा कि जदयू लगातार मजबूत हो रही है. बिहार में महिलाओं को पंचायत से लेकर विधानसभा और लोकसभा तक प्रतिनिधित्व देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई है. उन्होंने झारखंड में भी महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी बढ़ाने और बिहार की तर्ज पर पूर्ण शराबबंदी लागू कराने के लिए आंदोलन चलाने की बात कही.
वहीं, खीरू महतो ने झारखंड सरकार पर आदिवासी और गरीब जनता की उपेक्षा का आरोप लगाते हुए घाटशिला और मुसाबनी की बंद पड़ी खदानों, बेरोजगारी और पलायन का मुद्दा उठाया. उन्होंने आगामी विधानसभा चुनाव में पोटका, घाटशिला और बहरागोड़ा सीटों पर जदयू की मजबूत दावेदारी के संकेत भी दिए.
खीरू महतो ने झारखंड सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि जिस उद्देश्य से झारखंड मुक्ति मोर्चा का गठन हुआ था, सरकार उस उद्देश्य से भटक गई है. उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने धरतीपुत्र के नाम पर जनता का विश्वास हासिल किया, लेकिन राज्य की गरीब और आदिवासी जनता के साथ छल हुआ है. उन्होंने घाटशिला और मुसाबनी की बदहाल औद्योगिक स्थिति का जिक्र करते हुए कहा कि कॉपर माइंस बंद हैं, मऊभंडार की कॉपर प्रोसेसिंग यूनिट बंद पड़ी है और स्थानीय लोग रोजगार के अभाव में पलायन करने को मजबूर हैं. विस्थापन नीति और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं का अभाव भी क्षेत्र की बड़ी समस्या है.
जदयू प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि घाटशिला और मुसाबनी की समस्याओं को वे सदन में उठाएंगे. साथ ही केंद्रीय खान मंत्री से मुलाकात कर बंद खदानों और औद्योगिक इकाइयों को फिर से चालू कराने और क्षेत्र में रोजगार के अवसर पैदा करने का प्रयास करेंगे. उन्होंने स्थानीय कार्यकर्ताओं से पोटका, घाटशिला और बहरागोड़ा विधानसभा क्षेत्रों में संगठन को मजबूत करने का आह्वान किया, ताकि आगामी विधानसभा चुनाव में पार्टी गठबंधन के भीतर इन सीटों पर अपनी दावेदारी मजबूती से पेश कर सके.
वहीं, गठबंधन में रहते हुए अलग से विधानसभा सीटों पर दावेदारी के सवाल पर खीरू महतो ने स्पष्ट कहा कि जिन सीटों पर लगातार सहयोगी दलों को हार का सामना करना पड़ रहा है, वहां जदयू मजबूती से चुनाव लड़ने की दावेदारी कर सकती है. उन्होंने कहा कि कोई भी विधानसभा सीट किसी दल के लिए स्थायी रूप से तय नहीं होती. क्षेत्र में मजबूत संगठन और जनाधार के आधार पर सीटों पर अधिकार बनता है.
रिपोर्ट:रणधीर कुमार सिंह
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