झारखंड में परीक्षा रिफॉर्म कमेटी पर घमासान: BJP ने उठाए सवाल तो सत्ता पक्ष ने किया पलटवार
Jharkhand Exam Reform: झारखंड में कई परीक्षाओं के रद्द होने के बाद गठित रिफॉर्म कमेटी को लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है. बीजेपी ने कमेटी की अब तक बैठक नहीं होने पर सवाल उठाए हैं, जबकि कांग्रेस और झामुमो ने जल्द रिपोर्ट आने का दावा किया है.
Jharkhand Exam Reform: पिछले महीने छात्रों के उबाल और आक्रोश के बाद कई परीक्षाओं को रद्द किए जाने के साथ ही झारखंड सरकार ने रिफॉर्म कमेटी गठित की थी. अब रिफॉर्म कमेटी को लेकर बयानबाजी होने लगी है. विरोधी सवाल उठाते हुए पूछ रहे हैं कि रिफॉर्म कमेटी ने एग्जाम रिफॉर्म को लेकर अब तक क्या कदम उठाए हैं. वहीं, सत्ताधारी दल ने जोरदार हमला बोला है. शिक्षाविदों का स्पष्ट मानना है कि विशेषज्ञों से भी सुझाव लेने के साथ इस प्रक्रिया को जल्द संपन्न करवाना चाहिए.
संदीप वर्मा ने उठाए सवाल
झारखंड में परीक्षा प्रणाली के सुधार को लेकर राज्य द्वारा गठित रिफॉर्म कमेटी को लेकर बीजेपी प्रदेश प्रवक्ता संदीप वर्मा ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा परीक्षा को लेकर रिफॉर्म कमेटी के गठन किए हुए एक महीने से ज्यादा हो चुका है, लेकिन रिफॉर्म कमेटी की अब तक एक भी बैठक नहीं हुई है. जेपीएससी का भी गठन नहीं हुआ है, जेपीएससी आज भंग है. 22 परीक्षाएं रद्द किए जाने के बाद भी इनका आयोजन कब होगा, इसका कोई ठिकाना नहीं है. राज्य सरकार ने रिफॉर्म कमेटी सिर्फ आईवॉश के लिए बनाई है, इसका अब तक कोई काम सतह पर नहीं दिखा है.
राकेश सिन्हा ने कहा
कांग्रेस प्रदेश प्रवक्ता राकेश सिन्हा ने कहा कि 150 परीक्षाओं के पेपर लीक करवाने वाली बीजेपी, 58 बार परीक्षा स्थगित करवाने वाली बीजेपी और 24 बच्चों को आत्महत्या के लिए मजबूर करने वाली बीजेपी अब झारखंड में रिफॉर्म की बात कर रही है. राज्य सरकार पूरी तरह रिफॉर्म के लिए संजीदा है. राज्य सरकार उस पर प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है. हमारी सरकार दिखावे और फोटो शूट के लिए रिफॉर्म नहीं करेगी. गहराई तक जाकर रिफॉर्म करेंगे. गठित कमेटी अपने तरीके से आकलन कर रही है. आकलन के बाद कमेटी ठोस रिफॉर्म की दिशा में आगे बढ़ेगी.
झामुमो प्रवक्ता मनोज पांडेय का बयान
झामुमो प्रवक्ता मनोज पांडेय ने बताया कि रिफॉर्म कमेटी का गठन हुआ है, रिफॉर्म कमेटी की रिपोर्ट आएगी. अगर उस पर तीव्र गति से काम नहीं हो रहा, तो बीच में क्या कुछ हुआ, क्या त्रासदी आई, पार्टी और सरकार में, उसके चलते हो सकता है थोड़ा विलंब हुआ हो. रिफॉर्म कमेटी की रिपोर्ट, वह भी एक काबिल आईएएस अधिकारी की अध्यक्षता में बनी कमेटी की रिपोर्ट, बहुत जल्द आएगी और फिर उस पर चर्चा के बाद लागू होगी. छात्रों को न्याय मिलेगा और पेपर लीक नहीं होंगे, इसके लिए पुख्ता उपाय किया जाएगा.
रिफॉर्म पॉलिसी से पहले विशेषज्ञों से सुझाव लेने की मांग
शिक्षाविद का रिफॉर्म कमेटी पर स्पष्ट कहना है कि झारखंड सरकार ने परीक्षा रद्द करने के साथ अपने इरादे स्पष्ट किए हैं. रिफॉर्म को लेकर टीम गठित हुई है, इस ओर तेज गति से काम होना चाहिए. जो परीक्षाएं रद्द हुई हैं, उसके अनुरूप नियुक्तियों की प्रक्रिया होनी चाहिए और उससे पहले रिफॉर्म पॉलिसी आनी चाहिए. इसको लेकर सरकार के द्वारा शिक्षाविदों एवं अन्य विशेषज्ञों और बुद्धिजीवियों से भी सुझाव मांगे जाएं, ताकि जब सरकार नीति लेकर आए तो उसके बाद कोई सवाल न उठे. राज्य सरकार और कमेटी को जल्दी से जल्दी इस प्रक्रिया को संपन्न करवाना चाहिए. राज्य सरकार द्वारा कई परीक्षाओं को रद्द किए जाने और रिफॉर्म कमेटी के गठन पर अब झारखंड में बयानबाजी होने लगी है.
रिपोर्ट: कुमार चन्दन