गिरिडीह जिले के मुफ्फसिल थाना क्षेत्र के बंदरकुप्पी में बीती रात को हुए ऋतिक यादव हत्याकांड में पुलिस जांच तेज हो गयी है. एसपी डॉ. बिमल कुमार के निर्देश पर एसडीपीओ जितवाहन उरांव के नेतृत्व में एसआईटी का गठन कर दिया गया है. इस हत्याकांड का मुख्य आरोपी आजसू छात्र संघ का जिला उपाध्यक्ष सतीश यादव है, जो घटना के बाद से फरार है.
वहीं, पुलिस लगातार हत्याकांड में शामिल दोषियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही है, लेकिन सबसे बड़ा लीड इस केस का यह है कि सूत्रों के अनुसार ऋतिक की हत्या करने के बाद मुख्य आरोपी सतीश यादव ने खुद आजसू छात्र संघ के जिलाध्यक्ष अक्षय यादव को फोन कर सूचना दी थी कि उन लोगों ने ऋतिक की हत्या कर दी है. पुलिस ने इस मामले की जांच शुरू की ओर आजसू छात्र संघ के जिलाध्यक्ष अक्षय यादव समेत 8 युवकों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है, जिसमें बंदरकुप्पी स्थित मैगी दुकान का संचालक भी शामिल है.
कैसे हुई हत्या?
मृतक ऋतिक यादव शहर के बरवाडीह पुलिस लाइन का रहने वाला था. उसके पिता झारखंड पुलिस में एएसआई हैं और हजारीबाग जेल में तैनात हैं. सूत्रों के अनुसार, मृतक ऋतिक का होमगार्ड जवान में चयन भी हो गया था और वह कुछ दिनों में जॉइनिंग करने वाला था. गुरुवार की रात सतीश और उसके साथियों ने ऋतिक को फोन कर पुराने विवाद को खत्म करने के लिए समझौते के बहाने बुलाया था. बताया जा रहा है कि पहले बराकर नदी पुल के पास दोनों पक्षों में विवाद हुआ, उसके बाद उसे बंदरकुप्पी मैगी दुकान के पास ले जाकर पीट-पीटकर हत्या कर दी गई. ऋतिक गुरुवार की रात मैगी खाने के लिए ही बंदरकुप्पी गया था.
दो साल पुरानी रंजिश बनी जान की दुश्मन
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, सतीश और ऋतिक के बीच 2 साल पुराना विवाद था. दो साल पहले ऋतिक ने सतीश को बड़ा चौक में एक थप्पड़ मारा था, उसी का बदला लेने के लिए सतीश ने दुश्मनी पाल रखी थी. इतना ही नहीं, 4-5 दिन पहले ही सतीश के कुछ साथियों ने चर्चा की थी कि ऋतिक की जिंदगी अब 4-5 दिन ही बची है. फिलहाल, पुलिस फरार आरोपी सतीश की तलाश में जुटी है और हिरासत में लिए गए 8 लोगों से पूछताछ कर रही है.
रिपोर्ट: मृणाल सिन्हा