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झारखंड के कई जिलों में लगातार बारिश हो रही है. इसके कारण बाढ़ का खतरा भी मंडराने लगा है. वही, जमशेदपुर में भी लगातार हो रही बारिश के कारण एक बार फिर बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है. शहर से गुजरने वाली खरकई और स्वर्णरेखा नदियां उफान पर हैं. खरकई नदी खतरे के निशान से करीब 3 मीटर ऊपर बह रही है, जबकि स्वर्णरेखा नदी भी खतरे के निशान के करीब है. इसका आम लोगों के जीवन पर भी काफी असर पड़ रहा है.
नदियों में बढ़ा पानी का दबाव
मिली जानकारी के अनुसार, नदियों का जलस्तर बढ़ने से शहर के निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा और भी अधिक बढ़ गया है.लोग हर पल डर के साए में जिने को मजबूर है. लगातार बारिश के कारण व्यांगबिल और चांडिल डैम के फाटक भी खोले दिए गए हैं, जिससे नदियों में पानी का दबाव और बढ़ गया है. इससे आसपास इलाकों में रहने वाले लोगों में डर का माहौल बन गया है. प्रशासन की ओर से निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और नदी के किनारे नहीं जाने की अपील की गई है. इधर, नदी के साथ-साथ शहर के कई नाले भी उफान पर हैं.
हजारों लोगों को हो रही परेशानी
नदियों और नालों के उफान पर आने का असर आम जनजीवन पर भी साफ दिखने देने लगा है. जमशेदपुर और कपाली को जोड़ने वाला जाकिर पुल पूरी तरह से पानी में डूब गया है. पुल के डूबने से दोनों क्षेत्रों के बीच आवागमन प्रभावित हो गया है और हजारों लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. जरा सी लापरवाही भारी पड़ सकती है, ऐसे में लोगों को सावधानी बरतने और सतर्क रहने के लिए कहा गया है. इतना ही नहीं, प्रशासन जलस्तर और स्थिति पर लगातार अपनी नजर बनाए हुए हैं.
रिपोर्ट: रंजीत कुमार ओझा