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झारखंड में सामने आए 734 करोड़ रुपये के जीएसटी (GST) घोटाले में ED ने बुधवार (30 सितंबर) को जमशेदपुर के स्क्रैप कारोबारी ज्ञानचंद जायसवाल उर्फ बबलू जायसवाल के ठिकानों पर छापा मारा था. जमशेदपुर, कोलकाता और देवघर में एक साथ छापेमारी के दौरान ED को कई अहम सबूत हाथ लगे हैं, जिसके चलते ज्ञानचंद जायसवाल और उनके बेटे को देर रात गिरफ्तार कर लिया गया. गिरफ्तारी के बाद दोनों का एमजीएम अस्पताल में मेडिकल कराया गया. अस्पताल में पिता-पुत्र ने हंगामा करते हुए खुद को फंसाए जाने का आरोप लगाया. ज्ञानचंद जायसवाल ने कहा कि उनका ब्लड प्रेशर बढ़ा हुआ है और उन्हें दवा नहीं दी जा रही है. हालांकि, ईडी की टीम उन्हें अपने साथ रांची ले गई. अब ईडी की ओर से गिरफ्तारी और जांच को लेकर विस्तृत जानकारी सामने आने का इंतजार है.
जून 2024 में सामने आया था यह खेल
बता दें कि ज्ञानचंद जायसवाल पहले भी जून 2024 में 55.66 करोड़ रुपये के फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) मामले में जेल जा चुके हैं. उस वक्त जांच के दौरान जय भोलानाथ कंपनी, मां शारदा एंडेवर, मेकर्स कास्टिंग, केदारनाथ ट्रैक्सीन और ज्ञानदीप आयरन जैसी शेल (मुखौटा) कंपनियों के तार जुड़े मिले थे. जांच अधिकारियों ने पाया था कि बिना माल (लौह स्क्रैप) की वास्तविक सप्लाई किए सिर्फ कागजी इनवॉइस जारी कर करोड़ों रुपये का अनुचित लाभ उठाया गया था. इस केस में उन्हें जमानत मिलने के बाद ईडी ने पीएमएलए (PMLA) के तहत मनी ट्रेल की जांच अपने हाथ में ली थी.
CRPF जवानों की घेराबंदी में चली छापेमारी
इसी कड़ी में ईडी की टीम नेज्ञानचंद जायसवाल से जुड़े तीन ठिकानों पर एक साथ तलाशी अभियान चलाया गया. होटल सोनेट के सामने स्थित ज्योति अपार्टमेंट में ज्ञानचंद जायसवाल के आवास-सह-कार्यालय की तलाशी ली गई. इसके अलावा केएन रोड स्थित बीएस टावर के ग्राउंड फ्लोर पर कारोबारी के फ्लैट और उनके अकाउंटेंट संजय पारेख के ठिकाने पर भी ईडी की टीम पहुंची. छापेमारी में ईडी के करीब 50 से अधिक अधिकारी और कर्मचारी शामिल रहे. सुरक्षा के लिए सभी ठिकानों पर सीआरपीएफ के जवानों को तैनात किया गया था.
अब पिता-पुत्र से की जा रही पूछताछ
टीम ने दस्तावेजों, कारोबारी लेन-देन और अन्य रिकॉर्ड की सघन जांच की तथा संबंधित लोगों से पूछताछ भी की. इसी मामले में कोलकाता के दो ठिकानों पर भी ईडी ने कार्रवाई की. बताया जा रहा है कि यह कार्रवाई झारखंड में कथित तौर पर बड़े पैमाने पर फर्जी कंपनियों और बिलों के जरिए इनपुट टैक्स क्रेडिट लेने से जुड़े 734 करोड़ रुपये के मामले की जांच के तहत की गई है. ईडी अब गिरफ्तार पिता-पुत्र से पूछताछ कर मामले में वित्तीय लेन-देन और अन्य संभावित कड़ियों की जांच करेगी.
रिपोर्ट- रंजीत ओझा