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रिम्स-2 का जल्द शुरू होगा निर्माण, पर्यावरण विभाग से क्लियरेंस मिलने का इंतजार

पर्यावरण विभाग से क्लियरेंस मिलने के बाद रिम्स-2 का निर्माण कार्य जल्द शुरू होगा. वहीं, विभागीय इंजीनियरों का मानना है कि इतने बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में पर्यावरण मंजूरी मिलने में काफी समय लग जाता है.

Written By Ranjana Kumari
Published: Sep 14, 2026, 01:43 PM IST | Updated: Sep 14, 2026, 02:27 PM IST
Image Credit: रिम्स-2 का जल्द शुरू होगा निर्माण (फाइल फोटो)
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राजधानी रांची के कांके (नगड़ी) में प्रस्तावित 2800 बेड वाले 'रिम्स-2' (Multi-specialty Teaching Hospital-cum-Medical College) के निर्माण कार्य को तेज करने के लिए तैयारियां की जा रही है. लगभग 2514 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले इस मेगा प्रोजेक्ट का भौतिक निर्माण बिना किसी बाधा के शुरू करने के लिए राज्य का स्वास्थ्य विभाग और झारखंड स्टेट बिल्डिंग कंस्ट्रक्शन कॉरपोरेशन लिमिटेड (JSBCCL) पूरी तरह से सक्रिय हो गए हैं. निर्माण कार्य शुरू करने से पहले पर्यावरण मंजूरी (Environmental Clearance) हासिल करने की है, जिसके लिए प्रशासनिक कवायद भी शुरू कर दी गई है, ताकि कोई अड़चन न आए.

इच्छुक एजेंसियों से मांगे गए आवेदन
इस पूरी प्रक्रिया को सही ढंग से आगे बढ़ाने के लिए JSBCCL ने एक विशेषज्ञ पर्यावरण कंसल्टेंट की नियुक्ति प्रक्रिया शुरू कर दी है और इच्छुक एजेंसियों से आवेदन मांगे गए हैं. इसी महीने के अंत तक कंसल्टेंट का चयन पूरा कर लिया जाएगा. इस चयनित कंसल्टेंट की मुख्य जिम्मेदारी होगी कि वह इस विशाल परियोजना का पर्यावरण पर पड़ने वाले संभावित प्रभावों का विस्तृत वैज्ञानिक अध्ययन करें, एक उचित इन्वायरमेंटल मैनेजमेंट प्लान तैयार करें और सरकार से सभी आवश्यक पर्यावरण अनुमतियां प्राप्त करने का पूरा जिम्मा संभाले.

पर्यावरण मंजूरी मिलने में हो सकती है देरी
अस्पताल और मेडिकल कॉलेज के निर्माण के लिए टेंडर की प्रक्रिया पहले ही शुरू की जा चुकी है, लेकिन प्रशासन की मुख्य रणनीति यह है कि टेंडर के अंतिम निबटारे और कार्य आवंटन (Work Allocation) से पहले ही पर्यावरण मंजूरी हासिल कर ली जाए. विभागीय इंजीनियरों का मानना है कि इतने बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में पर्यावरण मंजूरी मिलने में काफी समय लग जाता है, जिससे ग्राउंड पर काम शुरू होने में कानूनी या प्रशासनिक देरी होती है. इसी देरी से बचने के लिए यह अग्रिम तैयारी की जा रही है ताकि टेंडर फाइनल होते ही बिना किसी रुकावट के धरातल पर निर्माण कार्य तुरंत शुरू किया जा सके.

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About the Author

रंजना कुमारी Zee Bihar Jharkhand की डिजिटल टीम में बतौर Sub-Editor अपनी जिम्मेदारी निभा रही हैं. बिहार के सिवान जिले के जीरादेई से ताल्लुक रखने वाली रंजना स्थानीय और जमीनी मुद्दों पर गहरी पकड़ रखती हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में वे मुख्य रूप से राजनीति, क्राइम, यूटिलिटी और देश-दुनिया की अहम रूटीन खबरों को प्रमुखता से कवर करती हैं. Zee Media का हिस्सा बनने से पहले रंजना ने न्यूज इंडिया 24x7 में भी डेढ़ साल तक अपनी सेवाएं दी थीं. एकेडमिक की बात करें तो रंजना GJU से मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन कर रही हैं.
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