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जामताड़ा में साइबर अपराध के खिलाफ पुलिस ने एक बार फिर कार्रवाई की है. पुलिस ने करमाटांड़ थाना क्षेत्र में छापेमारी कर चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है. पुलिस के मुताबिक, आरोपी देश के अलग-अलग राज्यों के लोगों को साइबर ठगी का शिकार बनाते थे. छापेमारी के दौरान 11 मोबाइल फोन, एक टैब और 12 सिम कार्ड बरामद किए गए हैं.
साइबर ठगी के लिए कुख्यात जामताड़ा में पुलिस की कार्रवाई से हड़कंप मचा है. पुलिस अधीक्षक शंभू कुमार सिंह को मिली गुप्त सूचना के आधार पर साइबर अपराध थाना पुलिस ने यह कार्रवाई की. पुलिस उपाधीक्षक अमित रविदास के नेतृत्व में गठित टीम ने करमाटांड़ थाना क्षेत्र के पिंडारी रेलवे फाटक के पास एक किराये के मकान में छापेमारी की. इस दौरान चार संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया.
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सुनीत कुमार दास, कपिल दास, सोतेश्वर दास और तनवीर अंसारी के रूप में हुई है. पुलिस के अनुसार, आरोपियों की उम्र 20 से 30 वर्ष के बीच है. पुलिस का दावा है कि आरोपी बैंक खातों के केवाईसी अपडेट, ई-चालान, शादी कार्ड, आमंत्रण पत्र और बिजली-पानी के बिल जैसे बहाने बनाकर लोगों को निशाना बनाते थे.
आरोप है कि वे एपीके (APK) फाइल भेजकर या WhatsApp स्क्रीन शेयर के जरिए लोगों की संवेदनशील जानकारी तक पहुंचने की कोशिश करते थे. इसके बाद कथित तौर पर अलग-अलग राज्यों के फर्जी बैंक खातों के माध्यम से ठगी की रकम निकाली जाती थी.
पुलिस ने आरोपियों के पास से 11 मोबाइल फोन, एक टैब और 12 सिम कार्ड जब्त किए हैं. इस मामले में साइबर अपराध थाना कांड संख्या 68/26, दिनांक 15 अक्टूबर 2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS), आईटी एक्ट और टेलीकम्युनिकेशंस एक्ट की कई धाराओं में मामला दर्ज किया गया है.
साइबर सेल के डीएसपी अमित कुमार ने कहा कि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ और मामले की आगे की जांच की जा रही है. हालांकि, आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी. डीएसपी अमित कुमार का कहना है कि साइबर अपराध के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा. पुलिस ने लोगों से अपील की है कि अनजान लिंक या एपीके (APK) फाइल डाउनलोड न करें और किसी के कहने पर WhatsApp स्क्रीन शेयर न करें.
रिपोर्ट: देबाशीष भारती