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दुधमुंही बेटी भी नहीं बनी राहत की वजह: मुस्कान को फांसी सुनाते वक्त महाभारत का जिक्र, कोर्ट ने कहा- सजा देना धर्म का काम

नीले ड्रम कांड के दोनों मुजरिम (मुस्कान और साहिल) को अदालत ने आज यानी 14 अक्टूबर को फांसी की सजा सुना दी है. इससे पहले अदालत ने उन्हें 30 सितंबर को दोषी करार दिया था.

Written By Tahir Kamran
Published: Oct 14, 2026, 04:26 PM IST | Updated: Oct 14, 2026, 06:54 PM IST
Image Credit: AI की मदद से बनाई गई तस्वीर
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मेरठ के 'नीले ड्रम कांड' में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाते हुए दोनों मुजरिमों को फांसी की सजा देने का ऐलान किया है. कोर्ट में मुस्कान की तरफ से छोटी बेटी होने की दलील दी गई, लेकिन अदालत ने सख्ती के साथ कहा कि ऐसे मुजरिमों को बचाना कानून के साथ मजाक होगा. एक वकील ने मीडिया के साथ बात करते हुए बताया कि कोर्ट ने फैसला सुनाने के दौरान महाभारत का जिक्र करते हुए कहा है कि ऐसे दोषियों को सजा देना धर्म का कार्य है.

वकील कृष्ण कुमार दुबे ने पत्रकारों के साथ बातचीत करते हुए कहा,'इस जुर्म के लिए दोनों को मौत की सजा सुनाई गई है. उन्हें धारा 302 के तहत 50000 रुपये और धारा 238A के तहत 20000 रुपये का जुर्माना भरने का आदेश दिया गया है. यह एक ऐतिहासिक फैसला है. पूरा देश इसे देख रहा था; जनता की नजरें इस बात पर टिकी थीं कि इस जुर्म को अंजाम देने वालों को क्या सजा मिलेगी. वे सदमे में लग रहे थे; वे हैरान थे. मौत की सजा का सामना कर रहे व्यक्ति की मानसिक स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है.'

अदालत ने बेटियों के तर्क को खारिज कर दिया

वकील ने आगे बताया,'बचाव पक्ष ने तर्क दिए थे, जैसे कि हत्या को किसी ने नहीं देखा और दोनों आरोपियों की बेटियां हैं, लेकिन इन सभी तर्कों को खारिज कर दिया गया, क्योंकि अभियोजन पक्ष की तरफ पेश किए गए सबूत इतने मजबूत, महत्वपूर्ण और सटीक थे कि उन्होंने उनके जुर्म को पूरी तरह साबित कर दिया. मुख्य आधार हत्या का तरीका था. उसने अपने पति (जिससे उसने प्यार करके शादी की थी) का कत्ल किया और फिर ठिकाने लगाने के लिए उसके शरीर को तीन हिस्सों में काट दिया और अवशेषों को एक नीले ड्रम में छिपा दिया. यह बहुत सोच-समझकर बनाई गई साजिश और रणनीति थी.

6 साल तक साथ रह सकती है बेटी

एडवोकेट दुबे आगे कहते हैं,'उसने शांत और स्थिर दिमाग से हत्या को अंजाम दिया. नतीजतन, ऐसी पहले से सोची-समझी हत्या के लिए मौत की सजा ही उचित सजा थी देश के अदालती फैसलों में यह एक महत्वपूर्ण फैसला है; किसी महिला को मौत की सजा सुनाया जाना अपने आप में एक मिसाल कायम करने वाली घटना है, जहां तक उसकी बेटी की बात है, वह छह साल तक अपनी मां के साथ रह सकती है.' मुस्कान की दो बेटियां हैं. पहली बेटी का जन्म 2019 में हुआ था. जबकि दूसरी बेटी अभी सिर्फ 11 महीने की है. दूसरी बेटी का जन्म नवंबर 2025 में जेल में हुआ था. मुस्कान ने उसका नाम राधा रखा था. 

30 सितंबर को दोषी करार दिया गया था

मुस्कान और उसके साथी साहिल को अदालत ने 30 सितंबर को हत्या करने और सबूत मिटाने के आरोप में दोषी करार दिया था. सरकारी वकील ने दोनों के लिए फांसी की सजा की मांग की थी. उन्होंने इस अपराध को 'दुर्लभतम से दुर्लभ' कैटेगरी का बताते हुए दोनों के लिए मौत की सजा की मांग की थी.

यह मामला मार्च 2025 का है, जब मेरठ में सौरभ की हत्या कर दी गई थी. सौरभ राजपूत मर्चेंट नेवी (Merchant Navy) मेंअधिकारी थे और लंदन में काम करते थे. उनकी लाश के टुकड़ों को सीमेंट और रेत से भरे एक नीले प्लास्टिक के ड्रम में छिपा दिया गया था. ड्रम के अंदर लाश के अवशेष मिलने के बाद इस हत्याकांड का खुलासा हुआ. इस मामले की सुनवाई के दौरान कुल 126 बार अदालत में सुनवाई हुई और अभियोजन पक्ष के 22 गवाहों के बयान दर्ज किए गए.

फैसले के बाद क्या बोली सौरभ राजपूत की मां

सौरभ राजपूत की मां, रेनू देवी ने अदालत के फैसले के बाद कहा,'हमें बहुत अच्छा लग रहा है; हमें इस बात का गहरा संतोष है कि उन दोनों को मौत की सजा सुनाई गई है. हमें वह न्याय मिला जिसकी हमें तलाश थी. हम अपने वकीलों, सहयोगियों और स्टाफ के बहुत आभारी हैं; हम हमेशा उनका धन्यवाद करेंगे और उनके कर्जदार रहेंगे. जेल में बंद बेटी से हमारा कोई लेना-देना नहीं है. रही बात बड़ी बेटी की, तो अगर उसके नाना-नानी उसे बिना किसी शर्त के हमें सौंप देते हैं, तो हम उसे अपने साथ रखेंगे.'

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About the Author

Zee News में नेशनल डेस्क पर देश–विदेश और राजनीति से जुड़ी खबरें लिखते हैं. करियर का आगाज 2015 से 'पंजाब केसरी' ग्रुप के उर्दू अखबार ‘हिंद समाचार’ से किया, जहां वे कंटेट राइटर से पेज डिजाइनर तक पहुंचे. इसके बाद उर्दू, हिंदी और पंजाबी - तीनों भाषाओं में काम करने का मौका मिला. 2018 में डिजिटल की तरफ कूच करते हुए पंजाब केसरी ग्रुप की उर्दू वेबसाइट की लॉन्चिंग टीम का नेतृत्व किया. इसके बाद 2020 में 'Zee Salaam' ज्वाइन किया, यहां भी वेबसाइट को लॉन्च करने के साथ-साथ तीन साल टीम का नेतृत्व भी किया. इसी दौरान ZEE Delhi NCR वेबसाइट भी लॉन्च हुई, जिसमें उनका अहम योगदान रहा. 2023 में India Daily Live की लॉन्चिंग टीम के साथ काम किया और शुरुआती दिनों में हिंदी के अलावा पंजाबी, तमिल, तेलुगु और गुजराती वेबसाइट टीमों को मैनेज किया. अक्टूबर 2024 में फिर से Zee Media में में वापसी करते हुए नेशनल टीम का हिस्सा बने. तकनीक में दिलचस्पी की वजह से उन्होंने React.js और वेब डिजाइनिंग सीखी. यही कारण है कि उनकी खबरों में HTML-CSS के छोटे-छोटे ग्राफिक्स दिख जाते हैं, जो मुश्किल बातों को भी आसान बना देते हैं. करियर की शुरुआत में कुछ दिनों तक फोटो स्टूडियो में भी काम किया, जहां कैमरा, Adobe Photoshop और ग्राफिक डिजाइनिंग सीखी, जो आज भी उनके डिजिटल काम में मदद करता है. उर्दू शायरी से प्यार अलग ही है. ग़ज़लें, नज़्में, गीत भी लिखते हैं और कई अखबारों में उनकी शायरी छप भी चुकी हैं. राहत इंदौरी, मुनव्वर राणा, अनवर जलालपुरी खुशबीर सिंह शाद और नवाज देवबंदी, माजिद देवबंदी  जैसे शायरों के इंटरव्यू व बातचीत का अनुभव भी उनके पास है. आप tahir.kamran@india.com पर सीधे ईमेल या फिर नीचे X और Facbook से जुड़ सकते हैं. 
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