बमबाजों पर स्ट्राइक: सुवेंदु राज में चला कोड़ा, बंगाल के तालबेरिया से मिला जखीरा, कई गिरफ्तार
बम धमाकों से दहले बंगाल के तालबेरिया में धरती का सीना चीरकर छुपाए गए हथियारों का जखीरा निकालने के लिए पुलिस ने तगड़ी स्ट्राइक की है.
बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले में बमबाजी की कई वारदातों के बाद पुलिस ने जमीन खोदकर नीचे छिपाए गए विस्फोटकों को तलाशकर डिफ्यूज करने के लिए एक बड़ा अभियान चलाया है. आपको बताते चलें कि बशीरहाट-हारोआ इलाके के तालबेरिया गांव में बीजेपी कार्यकर्ताओं को निशाना बनाकर लगातार बम फेंके जाने के बाद पूरे इलाके में तनाव का माहौल बना हुआ है. हालांकि स्थिति तनावपूर्ण लेकिन नियंत्रण में बनी हुई है. पुलिस को आशंका थी कि हमलों के बाद भी बड़ी संख्या में जिंदा बम आसपास छिपाकर रखे गए हैं.
डॉग स्क्वाड और बॉम्ब स्क्वाड का कमाल
लोकल पुलिस की मौजूदगी में CID के बम निरोधक दस्ते को मौके पर बुलाया गया. मेटल डिटेक्टर की मदद से टीम ने गांव और आसपास के इलाकों की गहन तलाशी ली. बम स्क्वाड के सर्च ऑपरेशन में बड़ी तादाद में जिंदा बम मिले और तीन और संदिग्धों को दबोचा गया. इन लोगों से पूछताछ के बाद कुछ और गिरफ्तारियां होने की उम्मीद लगाई जा रही है. सर्च में बरामद हुए जिंदा बमों को टीम ने सुरक्षित तरीके से निष्क्रिय कर दिया. इस तरह एक बड़ा खतरा टल गया.
बंगाल में बमबाजी का इतिहास
पश्चिम बंगाल में राजनीतिक हिंसा का इतिहास करीब छह दशक पुराना है. बमबाजी का ये सिलसिला वामपंथी (CPM) शासन के दौरान भी चरम पर था. दावा किया जाता है कि टीएमसी के सत्ता में आने के बाद देसी बमों का निर्माण, भंडारण और इस्तेमाल राजनीतिक वर्चस्व कायम करने और विरोधियों को डराने का एक संगठित जरिया बन गया.
2011 में पहली बार टीएमसी की सरकार बनने से लेकर 2026 में उसके पतन होने के 15 सालों तक बीजेपी के नेता ये आरोप लगाते रहे कि ममता बनर्जी के राज में बम बनाना एक कुटीर उद्योग बन गया था.
कई राजनीतिक विश्लेषकों का भी मानना रहा है कि टीएमसी राज में बंगाल के ग्रामीण और अर्ध-शहरी इलाकों में 'पेटो' यानी कच्चा बम बनाना एक फलता-फूलता कुटीर उद्योग बन गया था. 100 रुपये से कम लागत में लोकल लेवल पर बारूद, छर्रे, और सुतली का उपयोग करके जानलेवा बम तैयार कर दिए जाते थे, जिनका इस्तेमाल चुनावों के दौरान किया जाता था. यही बम गुप्त ठिकानों या पार्टी दफ्तरों में जमा किया जाते थे.
मई में सुवेंदु अधिकारी की सरकार के शपथ ग्रहण के बाद इस पृवत्ति को खत्म करने के लिए और लॉ एंड ऑर्डर को सही बनाए रखने के लिए बमबाजों पर स्ट्राइक कर रही है.