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मणिपुर में 4 मौतों से भड़का गुस्सा: CM आवास के बाहर शव रखकर प्रदर्शन; पुलिस ने छोड़े आंसू गैस के गोले

मणिपुर में एक बार फिर हिंसा भड़क गई है और अब तक 4 लोगों की मौत हो गई है. गुस्साए लोगों ने लाशों को मुख्यमंत्री आवास के बाहर रखकर प्रदर्शन भी दर्ज कराया. इस दौरान पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े.

मणिपुर में 4 मौतों से भड़का गुस्सा: CM आवास के बाहर शव रखकर प्रदर्शन; पुलिस ने छोड़े आंसू गैस के गोले
Image Credit: मुख्यमंत्री आवास के बाहर का मंजर

मणिपुर से एक बार फिर हिंसा से जुड़ी खबरें सामने आने लगी हैं. इंफाल ईस्ट जिले में सोमवार सुबह उयुमपोक इलाके में नोंगसुम पहाड़ियों के पास कथित तौर पर कुकी उग्रवादियों ने हमला किया. हमले में 4 लोगों की मौत हो गई, जबकि 3 अन्य लोग जख्मी बताए जा रहे हैं. घटना को लेकर मैतेई समाज में भारी गुस्सा है और उन्होंने अपना विरोध दर्ज कराने का अजीब तरीका अपनाया. मैतेई समुदाय मृतक की लाश मुख्यमंत्री आवास पर लेकर पहुंच गया.

मरने वालों में एक की पहचान अरुबाम रोनिल के तौर पर हुई है, जिसकी उम्र 32 साल बताई जा रही है जो नोंगशुम मयाई लीकाई में रहते थे. अन्य मृतकों में उयुमपोक नोंगशुम अवांग लीकाई के रहने वाले लैरेनलाकपम इनाओबी (44) और उयुमपोक मयाई लीकाई के रहने वाले क्षेत्रीमायुम सुशील (32) हैं. ये जंगल में जलाने वाली लकड़ियां इकट्ठा कर रहे थे. अफसरों का कहना है कि 16 लोगों का एक ग्रुप अपने गांव के पास की पहाड़ियों पर जलाऊ लकड़ी इकट्ठा करने गया था, तभी उन पर घात लगाकर हमला किया गया.

पुलिस ने छोड़े आंसू गैस के गोले

बताया जा रहा है कि स्थानीय लोगों ने दो लाशों को मुख्यमंत्री के बंगले के बाहर रख दिए और अपना विरोध प्रदर्शन दर्ज कराया. मुख्यमंत्री वाई खेमचंद सिंह के बंगले के बाहर तैनात सुरक्षाकर्मी उस समय हैरान रह गए, जब कुछ शव लेकर बंगले के गेट के बाहर छोड़कर चले गए. इसके बाद सुरक्षाकर्मियों को आंसू गैस के गोले दागने पड़े. हालांकि, इस बात की जानकारी नहीं मिल पाई है कि जब मुख्यमंत्री के आवास के पास विरोध प्रदर्शन शुरू हुआ, तो क्या वह आवास पर मौजूद थे, लेकिन पुलिस ने तुरंत हालात को काबू में करने के लिए आंसू गैस के कई गोले दागे. बाद में जिसके बाद शवों को जवाहरलाल नेहरू आयुर्वेद संस्थान (JNIMS) ले जाया गया.

मुख्यमंत्रियों ने घायलों से की मुलाकात

हिंसा के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने हमने वाली जगह को महफूज कर दिया है. मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने राज मेडिसिटी अस्पताल में इलाज करा रहे घायलों से मुलाकात की. इस घटना के बाद एक बार फिर राज्य में तनाव बढ़ा दिया है और आगे हिंसा बढ़ने की आशंकाओं के बीच इम्फाल शहर और उसके आसपास की गतिविधियां लगभग ठप्प हो गई हैं. घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए, विधायक थोकचोम लोकेशोर सिंह ने अफसरों से फौरन हस्तक्षेप करने के निर्देश जारी किए.

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About the Author

Tahir Kamran

Tahir Kamran

Zee News में नेशनल डेस्क पर देश–विदेश और राजनीति से जुड़ी खबरें लिखते हैं. करियर का आगाज 2015 से 'पंजाब केसरी' ग्रुप के उर्दू अखबार ‘हिंद समाचार’ से किया, जहां वे कंटेट राइटर से पेज डिजाइनर तक पहुंचे. इसके बाद उर्दू, हिंदी और पंजाबी - तीनों भाषाओं में काम करने का मौका मिला. 2018 में डिजिटल की तरफ कूच करते हुए पंजाब केसरी ग्रुप की उर्दू वेबसाइट की लॉन्चिंग टीम का नेतृत्व किया. इसके बाद 2020 में 'Zee Salaam' ज्वाइन किया, यहां भी वेबसाइट को लॉन्च करने के साथ-साथ तीन साल टीम का नेतृत्व भी किया. इसी दौरान ZEE Delhi NCR वेबसाइट भी लॉन्च हुई, जिसमें उनका अहम योगदान रहा. 2023 में India Daily Live की लॉन्चिंग टीम के साथ काम किया और शुरुआती दिनों में हिंदी के अलावा पंजाबी, तमिल, तेलुगु और गुजराती वेबसाइट टीमों को मैनेज किया. अक्टूबर 2024 में फिर से Zee Media में में वापसी करते हुए नेशनल टीम का हिस्सा बने. तकनीक में दिलचस्पी की वजह से उन्होंने React.js और वेब डिजाइनिंग सीखी. यही कारण है कि उनकी खबरों में HTML-CSS के छोटे-छोटे ग्राफिक्स दिख जाते हैं, जो मुश्किल बातों को भी आसान बना देते हैं. करियर की शुरुआत में कुछ दिनों तक फोटो स्टूडियो में भी काम किया, जहां कैमरा, Adobe Photoshop और ग्राफिक डिजाइनिंग सीखी, जो आज भी उनके डिजिटल काम में मदद करता है. उर्दू शायरी से प्यार अलग ही है. ग़ज़लें, नज़्में, गीत भी लिखते हैं और कई अखबारों में उनकी शायरी छप भी चुकी हैं. राहत इंदौरी, मुनव्वर राणा, अनवर जलालपुरी खुशबीर सिंह शाद और नवाज देवबंदी, माजिद देवबंदी  जैसे शायरों के इंटरव्यू व बातचीत का अनुभव भी उनके पास है. आप tahir.kamran@india.com पर सीधे ईमेल या फिर नीचे X और Facbook से जुड़ सकते हैं. 
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