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केंद्रीय मंत्री ने पद से दिया इस्तीफा, राज्यसभा की सीट भी छोड़ी; PM मोदी को पत्र लिखकर बताई मन की बात

सीनियर भाजपा नेता और केंद्रीय मंत्री एल. मुरुगन ने अपने मंत्री पद और राज्यसभा की सदस्यसता से इस्तीफे दे दिया है. उन्होंने तीन पन्नों का एक पत्र जारी कर यह ऐलान किया है.

Written By Tahir Kamran
Published: Oct 13, 2026, 06:24 PM IST | Updated: Oct 13, 2026, 06:55 PM IST
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केंद्रीय मंत्री डॉ. एल. मुरुगन ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. मुरुगन सूचना और प्रसारण के साथ-साथ संसदीय मामलों के राज्य थे. उन्होंने 13 अक्तूबर 2026 को अपने मंत्री पद और राज्यसभा सदस्यता, दोनों से इस्तीफा दे दिया. उन्होंने पीएम मोदी को पत्र लिखकर तमिलनाडु के उनके हालिया दौरे के लिए शुक्रिया भी जताया. अपने पत्र में उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की तारीफ की है. ABVP और BJP में अपने शुरुआती संघर्ष और तरक्की का भी जिक्र किया है. साथ ही कई मंत्रालयों में काम करने के मौकों के लिए आभार जताया है.

हालांकि, यह साफ नहीं है कि उन्होंने यह पद क्यों छोड़े हैं. उन्होंने अपने इस पत्र में कोई खास वजह का जिक्र नहीं किया है. मुरुगुन ने इतना जरूर कहा है कि वो 2029 के लोकसभा चुनावों से पहले तमिलनाडु में BJP संगठन को मजबूत करने के लिए पार्टी के जमीनी स्तर के काम में पूरी तरह से लौटना चाहते हैं.

शुरुआती दिनों को किया याद

मुरुगन ने अपने पत्र में बताया कि वह किसी राजनीतिक परिवार से नहीं आते. उनके माता-पिता दिहाड़ी मजदूर के रूप में काम करते थे और पशुपालन से भी जुड़े रहे हैं. उन्होंने लिखा कि उनके माता-पिता ने कभी कल्पना नहीं की थी कि उनका बेटा एक दिन केंद्र सरकार में मंत्री बनेगा. एल. मुरुगन ने अपने राजनीतिक सफर का जिक्र करते हुए बताया कि वह कॉलेज के दिनों में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) से जुड़े थे. महाकवि भारती, सरदार पटेल और डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के राष्ट्रवादी विचारों से प्रेरित होकर उन्होंने राजनीति में कदम रखा. उन्होंने कहा कि ABVP और बीजेपी में करीब 30 वर्षों के दौरान उनका मार्गदर्शक सिद्धांत रहा है. राष्ट्र पहले, पार्टी उसके बाद और स्वयं सबसे आखिर में.

तमिल मछुआरों की मदद का जिक्र किया

पत्र में मुरुगन ने चेन्नई मेट्रो, तूतीकोरिन बंदरगाह के विस्तार, राजमार्गों के विकास और अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत रेलवे स्टेशनों को फिर से बनाने जैसे कार्यों का उल्लेख किया. उन्होंने तमिल भाषा और संस्कृति को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान दिलाने के लिए प्रधानमंत्री की पहल की भी सराहना की. मुरुगन ने लिखा कि प्रधानमंत्री ने तमिलनाडु के लोगों की जरूरतों और राज्य के विकास से जुड़े मुद्दों पर हमेशा ध्यान दिया. उन्होंने मछुआरों और प्रभावित क्षेत्रों में फंसे तमिल नागरिकों की मदद के लिए पीएम मोदी की कोशिशिों का भी जिक्र किया.

पीएम मोदी ने UN में बोली थी तमिल कहावत

मुरुगन ने UN में पीएम मोदी द्वारा तमिल कहावत 'यादुम ऊरे, यावरुम केलिर' का जिक्र करने की भी तारीफ की. इसका हिंदी अर्थ है 'पूरी दुनिया हमारा घर है और सभी लोग हमारे अपने हैं.' उन्होंने काशी तमिल संगमम और सौराष्ट्र तमिल संगमम का भी उल्लेख किया. इसके अलावा उन्होंने पीएम मोदी की तरफ से रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को तिरुक्कुरल भेंट किए जाने का उल्लेख करते हुए कहा कि इससे तमिल ज्ञान और दर्शन को दुनिया के सामने रखने का अवसर मिला.

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About the Author

Zee News में नेशनल डेस्क पर देश–विदेश और राजनीति से जुड़ी खबरें लिखते हैं. करियर का आगाज 2015 से 'पंजाब केसरी' ग्रुप के उर्दू अखबार ‘हिंद समाचार’ से किया, जहां वे कंटेट राइटर से पेज डिजाइनर तक पहुंचे. इसके बाद उर्दू, हिंदी और पंजाबी - तीनों भाषाओं में काम करने का मौका मिला. 2018 में डिजिटल की तरफ कूच करते हुए पंजाब केसरी ग्रुप की उर्दू वेबसाइट की लॉन्चिंग टीम का नेतृत्व किया. इसके बाद 2020 में 'Zee Salaam' ज्वाइन किया, यहां भी वेबसाइट को लॉन्च करने के साथ-साथ तीन साल टीम का नेतृत्व भी किया. इसी दौरान ZEE Delhi NCR वेबसाइट भी लॉन्च हुई, जिसमें उनका अहम योगदान रहा. 2023 में India Daily Live की लॉन्चिंग टीम के साथ काम किया और शुरुआती दिनों में हिंदी के अलावा पंजाबी, तमिल, तेलुगु और गुजराती वेबसाइट टीमों को मैनेज किया. अक्टूबर 2024 में फिर से Zee Media में में वापसी करते हुए नेशनल टीम का हिस्सा बने. तकनीक में दिलचस्पी की वजह से उन्होंने React.js और वेब डिजाइनिंग सीखी. यही कारण है कि उनकी खबरों में HTML-CSS के छोटे-छोटे ग्राफिक्स दिख जाते हैं, जो मुश्किल बातों को भी आसान बना देते हैं. करियर की शुरुआत में कुछ दिनों तक फोटो स्टूडियो में भी काम किया, जहां कैमरा, Adobe Photoshop और ग्राफिक डिजाइनिंग सीखी, जो आज भी उनके डिजिटल काम में मदद करता है. उर्दू शायरी से प्यार अलग ही है. ग़ज़लें, नज़्में, गीत भी लिखते हैं और कई अखबारों में उनकी शायरी छप भी चुकी हैं. राहत इंदौरी, मुनव्वर राणा, अनवर जलालपुरी खुशबीर सिंह शाद और नवाज देवबंदी, माजिद देवबंदी  जैसे शायरों के इंटरव्यू व बातचीत का अनुभव भी उनके पास है. आप tahir.kamran@india.com पर सीधे ईमेल या फिर नीचे X और Facbook से जुड़ सकते हैं. 
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