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महाराष्ट्र के ठाणे शहर में मंगलवार रात अज्ञात हमलावरों ने स्थानीय शिवसेना (UBT) नेता प्रदीप पूर्णेकर पर ताबड़तोड़ गोलियां चलाईं, जिसके बाद उनकी अस्पताल में मौत हो गई. शिवसेना (UBT) के एक नेता ने बताया कि पूर्णेकर उद्धव ठाकरे की अगुआई वाली पार्टी के ठाणे 'विभाग प्रमुख' थे. यह घटना रात करीब 9 बजे कपूरबावड़ी पुलिस स्टेशन के इलाके में हुई. इस घटना से इलाके में तनाव फैल गया और स्थानीय पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों के बीच चिंता पैदा हो गई.
पुलिस ने बताया कि हमले के बाद पूर्णेकर को घोड़बंदर रोड पर आर मॉल के पास इन्फिनिटी अस्पताल ले जाया गया, जहां मेडिकल स्टाफ ने तुरंत इमरजेंसी इलाज शुरू किया. उनके मुताबिक, उन्हें गोली लगने से गंभीर चोटें आईं और इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई.
पुलिस खंगाल रही सीसीटीवी
घटना की जानकारी मिलने पर पुलिस की एक टीम मौके पर पहुंची ताकि इलाके को सुरक्षित किया जा सके और फॉरेंसिक सबूत इकट्ठा किए जा सकें. जांच करने वाले अधिकारी हमलावरों के भागने के रास्ते का पता लगाने के लिए घटनास्थल और आसपास की मुख्य सड़कों पर लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाल रहे हैं. संदिग्धों को पकड़ने के लिए ठाणे में बाहर निकलने के मुख्य रास्तों पर 'नाकाबंदी' या चेकपॉइंट बनाए गए हैं.
आरोपियों को पकड़ने के लिए 9 टीमें तैनात
जानकारी के मुताबिक, मामले में दो संदिग्धों को हिरासत में लिया है और शक है कि इसमें 5 आरोपी शामिल हैं. इस घटना ने राज्य की राजनीति में हलचल मचा दी है. पुलिस उपायुक्त प्रशांत कदम ने बताया, बाकी आरोपियों की तलाश के लिए क्राइम ब्रांच और पुलिस की 9 टीमें तैनात की गई हैं और कपूरबावड़ी पुलिस CCTV की मदद से आगे की जांच कर रही है. प्रदीप पूर्णेकर पर हुई गोलीबारी का पहला CCTV वीडियो भी सामने आया है. इस वीडियो में दो लोग चेहरे पर रुमाल बांधकर दोपहिया वाहन से प्रदीप पूर्णेकर के ऑफिस की ओर जाते हुए दिख रहे हैं. कुल 5 संदिग्ध आरोपी हैं, जिनके नाम हैं निखिल यादव, पाप्या शिंदे, आकाश निमसे, संतोष कनौजिया और एक अज्ञात व्यक्ति. इनमें से पाप्या शिंदे और आकाश निमसे को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है.
मीनाक्षी शिंदे और राजेंद्र शिंदे ने उन्हें जान से मारने की धमकी दी थी. प्रदीप पूर्णेकर के बेटे राम पूर्णेकर ने आरोप लगाया है कि राजेंद्र शिंदे ने एक मीटिंग करके यह सब करवाया. जब तक उनके पिता को न्याय नहीं मिल जाता, वे यहां से नहीं हटेंगे. प्रदीप पूर्णेकर के बड़े भाई जयनार्थ पूर्णेकर ने एक सनसनीखेज दावा किया है कि यह सब गणपति से शुरू हुआ. वह रेकी कर रहा था. पुलिस को क्लस्टर-जैसे एंगल की जांच करनी चाहिए.