तिरुमाला का भव्य आयोजनः संपन्न हुआ नवरात्रि ब्रह्मोत्सव, TTD ने सभी सेवादारों-भक्तों का जताया आभार
तिरुमाला के नवरात्रि ब्रह्मोत्सव की सफलता पर तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम (TTD) के कार्यकारी अधिकारी एम रविचंद्र ने सभी सेवादारों और भक्तों का हृदय से आभार जताया. उन्होंने बताया कि इस उत्सव में आंध्र प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम ने भी विशेष भूमिका निभाई.
तिरुपति के प्रसिद्ध तिरुमाला श्रीवारी नवरात्रि ब्रह्मोत्सव का मंगलवार (20 अक्टूबर) को बड़ी धूमधाम से समापन हुआ. पहले दिन गरुड़ ध्वज फहराने के साथ ही इस खास आयोजन की शुरुआत हुई थी और नौवें दिन ध्वजा अवरोहण (ध्वज उतारने) के साथ इस उत्सव का समापन हुआ. तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम (TTD) के कार्यकारी अधिकारी और IAS एम रविचंद्र ने इस उत्सव के दौरान अपनी समर्पित सेवाएं देने वाले ट्रस्ट के सभी कार्यकर्ताओं, कर्मचारियों, पुजारियों, श्रीवारी सेवकों का अभिनंदन किया. उन्होंने उत्सव की सफलता के लिए जिला प्रशासन, पुलिस विभाग और मीडियाकर्मियों का भी आभार जताया. इस उत्सव की जानकारी देते हुए ट्रस्ट के कार्यकारी अध्यक्ष और IAS एम रविचंद्र ने बताया कि तिरुमाला में दो ब्रह्मोत्सव का आयोजन होता है. पहला- सालाकटला ब्रह्मोत्सव, जोकि हर वर्ष माना जाता है. इस वर्ष सितंबर में इसका आयोजन हुआ था. वहीं, नवरात्रि ब्रह्मोत्सव विशेष अवसरों पर आयोजित होता है. लूनर कैलेंडर के अनुसार, नवरात्रि ब्रह्मोत्सव हर तीसरे वर्ष में आयोजित होता है.
शांतिपूर्ण संपन्न हुआ नवरात्रि ब्रह्मोत्सव
नवरात्रि ब्रह्मोत्सव की सफलता पर खुशी जताते हुए एम रविचंद्र ने कहा कि मैं सभी भक्तों का हृदय से धन्यवाद देता हूं. खराब मौसम में भी लोग कतार में खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार करते रहे. भक्तों ने हमें और ज्यादा मेहनत करने के लिए प्रेरित किया है. हमारी कोशिश होगी कि अगले वर्ष भक्तों को और भी ज्यादा सुविधाएं मिलें. हमारी कोशिश रहती है कि किसी भी भक्त को कोई दिक्कत ना हो और सभी भक्तों को दर्शन मिल सकें. ट्रस्ट के साथियों के अलावा पुलिस और अन्य संस्थाओं ने भी इस कार्यक्रम को कुशलता से संपन्न कराने में पूरी मदद की. सभी के सहयोग से यह उत्सव संपन्न हो सका. सभी के सहयोग से हम ज्यादा से ज्यादा श्रद्धालुओं को अन्न प्रसादम् पहुंचाने में सफल हो सके. उन्होंने कहा कि रथयात्रा को भी बड़ी आसानी से संपन्न कराया गया. इसके लिए सभी का आभार. इस रथ यात्रा में बहुत लोगों की मेहनत लगी.
सबके प्रयासों से सफल रहा उत्सव- एम रविचंद्र
एम रविचंद्र ने बताया कि इस ब्रह्मोत्सव के दौरान देश-विदेश से लाखों की संख्या में भक्त आएं और सभी भक्तों ने 'मूल विराट' (मुख्य देवता) के दर्शन किए. उन्होंने बताया कि 'गरुड़ सेवा' के दिन मौसम बहुत खराब हो गया था. भारी बारिश के बावजूद बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने इस कार्यक्रम में हिस्सा लिया था. उन्होंने बताया कि भक्तों की भारी भीड़ को संभालने और उनकी सुरक्षा व सुविधा सुनिश्चित करने के लिए पुलिस-प्रशासन की ओर से विशेष उपाय किए गए थे. चुनौतीपूर्ण मौसम के बीच अधिकारियों, कर्मचारियों और सेवा कर्मियों ने रेनकोट पहनकर अपनी जिम्मेदारी को बखूबी निभाया. उनके प्रयासों से सभी भक्तों ने बड़े ही आराम से 'वाहन सेवा' का आनंद ले सके.
इस उत्सव में APSRTC की रही अहम भूमिका
TTD के कार्यकारी अधिकारी एम रविचंद्र ने बताया कि 12 से 19 अक्टूबर के बीच करीब 6.46 लाख भक्तों ने भगवान वेंकटेश्वर स्वामी के दर्शन किए और करीब 2.44 लाख भक्तों ने मुंडन कराया. उन्होंने इसमें आंध्र प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (APSRTC) की विशेष भूमिका बताई. उन्होंने बताया कि APSRTC की बसों ने तिरुपति से तिरुमाला के बीच 13 हजार 608 फेरे लगाए, जिनसे 4.01 लाख भक्तों ने यात्रा की. इतना ही नहीं तिरुमाला से वापसी के लिए सरकारी बसों ने 13,667 फेरे लगाए और लगभग 5 लाख भक्तों को सकुशल उनके गंतव्य तक पहुंचाया.
श्रद्धालुओं ने दिल खोलकर दान दिया
एम रविचंद्र के अनुसार, इन 9 दिनों के अंदर भक्तों ने दिल खोलकर मंदिर को दान दिया. उन्होंने बताया कि हुंडी (मंदिर के दान पात्र) में 25.79 करोड़ रुपये प्राप्त हुए. वहीं, ट्रस्ट के कर्मचारियों के सहयोग से 22.60 लाख अन्न प्रसाद के पैकेट वितरित किए गए. ट्रस्ट से मिली जानकारी के मुताबिक, सिर्फ मंगलवार (20 अक्टूबर) को 83 हजार से ज्यादा भक्तों ने भगवान वेंकटेश्वर स्वामी के दर्शन किए और 19 हजार से ज्यादा श्रद्धालुओं ने देवस्थान पर अपने बाल दान (मुंडन) किए. इस दौरान भक्तों ने दिल खोलकर मंदिर को दान दिया. टीडीपी ने बताया कि मंगलवार को मंदिर को करीब 3 करोड़ हुंडी (दान) मिला.
आकर्षण का केंद्र रही फूलों की सजावट
नवरात्रि ब्रह्मोत्सव के दौरान श्रीवारी मंदिर और पूरे परिसर की सजावट मुख्य आकर्षण का केंद्र रही. एम रविचंद्र ने बताया कि उत्सव के दौरान मंदिर और पूरे परिसर की सजावट के लिए लगभग 60 टन ताजे फूल, 5 लाख कटे हुए फूल और 80,000 मौसमी फूलों का उपयोग किया गया. उन्होंने कहा कि इस उत्सव दौरान तिरुमाला और तिरुपति में की गई लाइटिंग ने भी भक्तों को आकर्षित किया. उन्होंने कहा कि 36 बड़ी डिजिटल स्क्रीन के माध्यम से तीर्थयात्रियों को अलग-अलग शहरों को जाने वाली गाड़ियों की जानकारी दी गई, जिससे उन्हें इधर-उधर भटकना नहीं पड़ा. इसके अलावा श्री वेंकटेश्वर भक्ति चैनल (SVBC) ने HD क्वालिटी में पूरी दुनिया में इस ब्रह्मोत्सवम का प्रसारण किया. इस दौरान प्रख्यात विद्वानों की ओर से अलग-अलग भाषाओं में कमेंट्री करके लोगों को चल रहे कार्यक्रम की जानकारी दी गई.