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तिरुमाला की पहाड़ी में भगवान की सवारी: तिरुपति में उमड़ेगी श्रद्धालुओं की भीड़, ब्रह्मोत्सव के लिए TTD ने किए खास इंतजाम

मान्यता है कि ब्रह्मोत्सव के आयोजन को देखने का सौभाग्य मिलना जीवन में सकारात्मक बदलाव आने का संकेत होता है. स्थानीय लोग इस आयोजन को भगवान की विशेष कृपा और आध्यात्मिक पुण्यलाभ से जोड़कर देखते हैं.

Written ByShwetank Ratnamber
Published: Oct 10, 2026, 02:25 PM IST|Updated: Oct 11, 2026, 01:29 PM IST
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तिरुमाला की पहाड़ी में भगवान की सवारी: तिरुपति में उमड़ेगी श्रद्धालुओं की भीड़, ब्रह्मोत्सव के लिए TTD ने किए खास इंतजाम

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Shwetank Ratnamber

Shwetank Ratnamber

श्वेतांक रत्नाम्बर वरिष्ठ पत्रकार हैं, जिन्हें टीवी और डिजिटल न्यूज़ मीडिया में 22 वर्षों से ज्यादा का व्यापक अनुभव है. वर्तमान में वे Zee News (Hindi) की डिजिटल टीम में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय (देश-दुनिया) खबरों की डेस्क पर कार्यरत हैं. समसामयिक मुद्दों, वैश्विक राजनीति और कूटनीति पर गहरी समझ रखने वाले श्वेतांक जटिल अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों और राजनीतिक समीकरणों का सटीक विश्लेषण करने के विशेषज्ञ हैं.Zee News डिजिटल से पहले उन्होंने ज़ी मीडिया नेटवर्क के ग्लोबल न्यूज़ चैनल 'WION' के साथ काम किया है. इस दौरान उन्होंने 'Gravitas', 'The West Asia Post' और 'One Africa' जैसे कई प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय प्राइम-टाइम शोज़ के हिंदी प्रोडक्शन और इंटरप्रिटेशन में अहम भूमिका निभाई. 2004 से शुरू हुए अपने पत्रकारिता करियर में श्वेतांक ने रिपोर्टिंग और एंकरिंग के साथ-साथ चार लोकसभा और कई राज्यों के विधानसभा चुनावों की व्यापक ग्राउंड कवरेज की है.जामिया मिल्लिया इस्लामिया (JMI), नई दिल्ली से जर्नलिज्म में पीजी डिप्लोमा के बाद मास कम्युनिकेशन और पॉलिटिकल साइंस में मास्टर्स डिग्री हासिल करने वाले श्वेतांक लंबे समय से 'प्रेस क्लब ऑफ इंडिया' (PCI) के सम्मानित सदस्य हैं.आप श्वेतांक रत्नाम्बर से सीधे shwetank.ratnamber@india.com पर ईमेल के जरिए संपर्क कर सकते हैं. इसके अलावा आप उनसे एक्स (ट्विटर), मेटा (फेसबुक) और लिंक्डइन पर भी कनेक्ट कर सकते हैं.' 
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तिरुपति बालाजी के धाम में श्रीवारी ब्रह्मोत्सव की तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं. नवरात्र, दशहरा की छुट्टियों और अधिक मास का विशेष संयोग होने के कारण तिरुमला की पहाड़ियों में स्थित भगवान वेंकेटेश्वर स्वामी (तिरुपति बालाजी) के धाम में ब्रह्मोत्सव के दौरान भारी तादाद में श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है. भारी भीड़ को देखते हुए तिरुमला तिरुपति देवस्थानम (TTD) ने इस बार भगवान के दर्शनों की व्यवस्था एकदम सुचारु रखने और तीर्थयात्रियों को बेहतर सुविधाएं देने के लिए अपनी पूरी मशीनरी लगा दी है.

बीते तीन सालों के आंकड़ों पर नजर डालें तो 2024 में 6 लाख, 2025 में 5.4 लाख और 2026 में 5.7 लाख श्रद्धालु पहुंचे थे. अब 2026 के दूसरे ब्रह्मोत्सव की बारी है, जिसमें पिछले आयोजन की तुलना में 30 प्रतिशत अधिक श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद जताई जा रही है.

नोट करें तारीख

TTD की वेबसाइट पर मौजूद जानकारी के मुताबिक, नवरात्र ब्रह्मोत्सव का आयोजन 12 से 20 अक्टूबर तक होगा. वहीं, गरुड़ वाहन सेवा 16 अक्टूबर को निर्धारित है.

श्रद्धालुओं की सेवा भगवान की सेवा करने के समान

TTD के अतिरिक्त कार्यकारी अधिकारी (Additional Executive Officer) वेंकैया चौधरी ने ज़ी मीडिया से खास बातचीत में बताया कि देवस्थान के कर्मचारी चौबीसों घंटे काम कर रहे हैं. उनका एकमात्र उद्देश्य पूरी निष्ठा से श्रद्धालुओं की सेवा करना है. उनका मानना है कि श्रद्धालुओं की सेवा करना भगवान की सेवा करने के समान है.

ज़ी मीडिया के साथ विशेष बातचीत में वेंकैया चौधरी ने हमारे संवाददाता गिरि से आयोजन की तैयारियों, परिवहन व्यवस्था, कतारों के प्रबंधन, श्रद्धालुओं की संभावित भीड़ और इस भीड़ को संभालने के लिए TTD कर्मचारियों के बीच तालमेल के बारे में बात की, तो उन्होंने बताया कि भीड़ के प्रबंधन समेत हर पहलू पर ध्यान दिया जा रहा है.

वेंकय्या चौधरी ने बातचीत में बताया,'पिछले साल 60 लाख से ज्यादा श्रद्धालु आए थे और इस बार, पिछले साल के मुकाबले 20 प्रतिशत अधिक श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद कर रहे हैं और हमने उस हिसाब की व्यवस्था भी कर ली है.' उन्होंने बताया,'यहां हर साल ना सिर्फ दक्षिण भारत, बल्कि उत्तर भारत के साथ-साथ अमेरिका और गल्फ देशों से भी श्रद्धालु आते हैं.' तिरुमला की रसोई के बारे में बात करते हुए उन्होंने बताया, 'हमारे किचन में इन दिनों लगातार काम हो रहा है. सैकड़ों की तादाद में हमारे कर्मचारी पूरी निष्ठा और आस्था से काम कर रहे हैं.' उन्होंने आगे बताया,'हमारे पास हजारों की तादाद में सेवक हैं, हजारों की तादाद में सैनिटेशन के लिए कर्मचारी तैनात हैं. इसके साथ ही बसों की संख्या भी अच्छा खासा इंतजाम हमारे पास मौजूद है. '

ब्रह्मोत्सव में क्यों खास है भगवान का दर्शन?

तिरुमला में ब्रह्मोत्सव भगवान वेंकटेश्वर स्वामी का प्रमुख वार्षिक धार्मिक उत्सव है. इस दौरान विशेष पूजा-अर्चना, वैदिक मंत्रों का पाठ और भगवान की उत्सव प्रतिमा की भव्य शोभायात्राएं निकाली जाती हैं. तिरुमला का ब्रह्मोत्सव केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि यहां की ऐतिहासिक उत्सव परंपरा का प्रतीक है. इनमें गरुड़ वाहन सेवा का विशेष महत्व है. जबकि चक्रस्नानम इस उत्सव के प्रमुख अनुष्ठानों में शामिल है. इस महोत्सव के दौरान जब भगवान की सवारी निकलती है तो दोनों ओर हजारों श्रद्धालु हाथ जोड़कर इस विहंगम दृश्य का गवाह बनते हैं.

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