तिरुपति बालाजी के धाम में श्रीवारी ब्रह्मोत्सव की तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं. नवरात्र, दशहरा की छुट्टियों और अधिक मास का विशेष संयोग होने के कारण तिरुमला की पहाड़ियों में स्थित भगवान वेंकेटेश्वर स्वामी (तिरुपति बालाजी) के धाम में ब्रह्मोत्सव के दौरान भारी तादाद में श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है. भारी भीड़ को देखते हुए तिरुमला तिरुपति देवस्थानम (TTD) ने इस बार भगवान के दर्शनों की व्यवस्था एकदम सुचारु रखने और तीर्थयात्रियों को बेहतर सुविधाएं देने के लिए अपनी पूरी मशीनरी लगा दी है.
बीते तीन सालों के आंकड़ों पर नजर डालें तो 2024 में 6 लाख, 2025 में 5.4 लाख और 2026 में 5.7 लाख श्रद्धालु पहुंचे थे. अब 2026 के दूसरे ब्रह्मोत्सव की बारी है, जिसमें पिछले आयोजन की तुलना में 30 प्रतिशत अधिक श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद जताई जा रही है.
TTD की वेबसाइट पर मौजूद जानकारी के मुताबिक, नवरात्र ब्रह्मोत्सव का आयोजन 12 से 20 अक्टूबर तक होगा. वहीं, गरुड़ वाहन सेवा 16 अक्टूबर को निर्धारित है.
TTD के अतिरिक्त कार्यकारी अधिकारी (Additional Executive Officer) वेंकैया चौधरी ने ज़ी मीडिया से खास बातचीत में बताया कि देवस्थान के कर्मचारी चौबीसों घंटे काम कर रहे हैं. उनका एकमात्र उद्देश्य पूरी निष्ठा से श्रद्धालुओं की सेवा करना है. उनका मानना है कि श्रद्धालुओं की सेवा करना भगवान की सेवा करने के समान है.
ज़ी मीडिया के साथ विशेष बातचीत में वेंकैया चौधरी ने हमारे संवाददाता गिरि से आयोजन की तैयारियों, परिवहन व्यवस्था, कतारों के प्रबंधन, श्रद्धालुओं की संभावित भीड़ और इस भीड़ को संभालने के लिए TTD कर्मचारियों के बीच तालमेल के बारे में बात की, तो उन्होंने बताया कि भीड़ के प्रबंधन समेत हर पहलू पर ध्यान दिया जा रहा है.
वेंकय्या चौधरी ने बातचीत में बताया,'पिछले साल 60 लाख से ज्यादा श्रद्धालु आए थे और इस बार, पिछले साल के मुकाबले 20 प्रतिशत अधिक श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद कर रहे हैं और हमने उस हिसाब की व्यवस्था भी कर ली है.' उन्होंने बताया,'यहां हर साल ना सिर्फ दक्षिण भारत, बल्कि उत्तर भारत के साथ-साथ अमेरिका और गल्फ देशों से भी श्रद्धालु आते हैं.' तिरुमला की रसोई के बारे में बात करते हुए उन्होंने बताया, 'हमारे किचन में इन दिनों लगातार काम हो रहा है. सैकड़ों की तादाद में हमारे कर्मचारी पूरी निष्ठा और आस्था से काम कर रहे हैं.' उन्होंने आगे बताया,'हमारे पास हजारों की तादाद में सेवक हैं, हजारों की तादाद में सैनिटेशन के लिए कर्मचारी तैनात हैं. इसके साथ ही बसों की संख्या भी अच्छा खासा इंतजाम हमारे पास मौजूद है. '
तिरुमला में ब्रह्मोत्सव भगवान वेंकटेश्वर स्वामी का प्रमुख वार्षिक धार्मिक उत्सव है. इस दौरान विशेष पूजा-अर्चना, वैदिक मंत्रों का पाठ और भगवान की उत्सव प्रतिमा की भव्य शोभायात्राएं निकाली जाती हैं. तिरुमला का ब्रह्मोत्सव केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि यहां की ऐतिहासिक उत्सव परंपरा का प्रतीक है. इनमें गरुड़ वाहन सेवा का विशेष महत्व है. जबकि चक्रस्नानम इस उत्सव के प्रमुख अनुष्ठानों में शामिल है. इस महोत्सव के दौरान जब भगवान की सवारी निकलती है तो दोनों ओर हजारों श्रद्धालु हाथ जोड़कर इस विहंगम दृश्य का गवाह बनते हैं.