ममता ने दिल्ली में भरी हुंकार, सुवेंदु अधिकारी ने कोलकाता में मिटा दी निशानी; सांस्कृतिक केंद्र 'नंदन' से हटी पूर्व CM की नेमप्लेट
तृणमूल कांग्रेस की मुखिया ममता बनर्जी को बंगाल की सुवेंदु अधिकारी सरकार एक के बाद एक झटके दे रही हैं. सरकारी संस्थानों से ममता बनर्जी से जुड़ी निशानियां मिटाई जा रही हैं.
पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद सरकारी संस्थानों से एक-एक करके पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से जुड़ी निशानियां हटाई जा रही हैं. अब सुवेंदु सरकार ने कोलकाता अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव (KIFF) से ठीक पहले टीएमसी को एक और झटका दिया है. सरकार के निर्देश पर कोलकाता के सांस्कृतिक केंद्र 'नंदन' के मुख्य हॉल से ममता बनर्जी की नेमप्लेट हटा दी गई है. इसके साथ ही, उनके नाम वाली जगह पर भगवा रंग पोत दिया गया है. हालांकि, दिलचस्प बात ये है कि सरकार ने पूर्व वामंपथी सीएम ज्योति बसु के नाम की पट्टिका नहीं छेड़ी है. उनके नाम की पट्टिका अभी भी इस संस्थान में लगी हुई है.
इंडी गठबंधन में ज्यादा सक्रिय हुईं ममता बनर्जी
सुवेंदु सरकार का यह कदम ऐसे वक्त में सामने आया है, जब बंगाल की सत्ता गंवाने के बाद ममता बनर्जी अब इंडी गठबंधन के विरोध-प्रदर्शनों में ज्यादा सक्रिय नजर आ रही हैं. उन्होंने रविवार को दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित चलो दिल्ली रैली में भाग लिया था. कांग्रेस नेता राहुल गांधी के नेतृत्व में हुई इस रैली में ममता के साथ ही अखिलेश यादव, सुप्रिया सुले, फारूक अब्दुल्ला, महबूबा मुफ्ती समेत कई नेता रैली में दिखाई दिए.
रामलीला मैदान रैली में मोदी सरकार पर लगाया था आरोप
विपक्षी दलों के कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए ममता बनर्जी ने बीजेपी पर पश्चिम बंगाल को लूटने का आरोप लगाया था. बनर्जी ने कहा कि लोकतंत्र की रक्षा करने के लिए यह लड़ाई लगातार जारी रहेगी. अपनी पार्टी की हार के लिए एसआईआर को जिम्मेदार बताते हुए ममता ने कहा, 'बंगाल में SIR के नाम पर वोट चोरी करके हमें हराया गया. लेकिन हम हार नहीं मानेंगे. हम अपनी जान दे देंगे लेकिन आत्मसमर्पण नहीं करेंगे. उन्होंने हमारे बंगाल को लूटा है. हम लोकतंत्र को बचाएंगे और इसे वापस लाएंगे.'
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मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश के इस्तीफे की मांग
दूसरे विपक्षी नेताओं ने भी मोदी सरकार पर बरसते हुए सभी विपक्षी नेताओं ने वोट चोरी का आरोप लगाते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग दोहराई थी. गठबंधन ने यह भी कहा कि SIR के खिलाफ उनका आंदोलन आगे भी जारी रहेगा. इस रैली से पहले इंडी गठबंधन के नेताओं ने मॉक पार्लियामेंट का आयोजन कर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ महाभियोग चलाने का नाटक किया था.