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पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने दिग्गज एक्टर मिथुन चक्रवर्ती को राज्य की सरकार में सलाहकार नियुक्त किया है. उन्हें इन्फॉर्मेशन एंड कल्चर अफेयर्स डिपार्टमेंट में सलाहकार बनाया गया है. मिथुन चक्रवर्ती को सूचना एवं सांस्कृतिक मामलों के विभाग में कैबिनेट मंत्री का दर्जा दिया जाएगा, जो मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के अधीन है. यानी वे सामान्य सरकारी सलाहकार नहीं होंगे, बल्कि उन्हें राज्य सरकार में कैबिनेट स्तर का प्रोटोकॉल/दर्जा मिलेगा.
यह ऐलान खुद मुख्यमंत्री ने महान बंगाली अभिनेता उत्तम कुमार के जन्म शताब्दी समारोह से जुड़े एक कार्यक्रम के दौरान की. मिथुन चक्रवर्ती की नियुक्ति ऐसे समय में हुई है, जब भाजपा सरकार बंगाल के सांस्कृतिक और फिल्म क्षेत्रों पर अपना ध्यान केंद्रित करने की कोशिश कर रही है. राज्य सरकार इन समारोहों को बंगाल की फिल्म विरासत को बढ़ावा देने और राज्य को एक प्रमुख सांस्कृतिक और सिनेमाई केंद्र के रूप में फिर से जिंदा करने की कोशिशों के हिस्से के रूप में प्रस्तुत कर रही है.

मिथुन चक्रवर्ती भारतीय फिल्म इंडस्ट्री की दिग्गज एक्टर्स में शुमार किए जाते हैं. भाजपा की सक्रिय प्रचारक और पश्चिम बंगाल की एक प्रमुख राजनीतिक हस्ती भी रही हैं. 2011 में उन्होंने तत्कालीन मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के कहने पर तृणमूल कांग्रेस का दामन थामा था. फरवरी 2014 में उन्हें TMC ने राज्यसभा का सदस्य भी मनोनीत किया था. हालांकि, 20216 में उन्होंने शारदा चिटफंड घोटाले से नाम जुड़ने और सेहत ठीक ना होने की बात कहकर इस्तीफा दे दिया था.
एक्टर मिथुन ने 7 मार्च 2021 को भाजपा की सदस्यता ले ली थी. विधानसभा चुनाव से बिल्कुल पहले वो प्रधानमंत्री मोदी की रैली में आधिकारिक तौर पर भाजपा में शामिल हुए. हालांकि, 2021 के विधानसभा चुनाव में भाजपा को कामयाबी नहीं मिल पाई थी, लेकिन 2026 विधानसभा चुनाव में भाजपा ने TMC को उखाड़ फेंका और मजबूत बहुमत से सरकार बनाई. उन्होंने 2026 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों के दौरान भाजपा के लिए बड़े स्तर पर किया था.
2021 के बाद से मिथुन चक्रवर्ती ने BJP में अपनी एक अहम सार्वजनिक पहचान बना रखी है. इसका अंदाजा इस बात से भी लगाया जा सकता है कि खुद मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने चक्रवर्ती को पार्टी का एक प्रमुख चेहरा बताया है. इससे पहले जब मिथुन चक्रवर्ती की अगस्त महीने में सर्जरी हुई थी, तो खुद सुवेंदु अधिकारी उनसे मिलने के लिए कोलकाता गए थे.