दिल्ली प्रोटेस्ट: बैरिकेड्स, मेट्रो-रेल बंदोबस्त पर कोर्ट सख्त, मंगलवार तक जवाब देने का 'सुप्रीम' आदेश
कपिल सिब्बल ने कहा, 'हम कुछ मुद्दों पर आज ही अंतरिम आदेश चाहते हैं. किसी भी रेल को दिल्ली आने से न रोका जाए. BNS की धारा 163 सिर्फ जंतर मंतर के 4 किमी दायरे में है इससे बाहर लोगों को हिरासत में नहीं लिया जा सकता. वहीं शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वालों को हिरासत में नहीं लिया जाना चाहिए जब तक पब्लिक ऑर्डर न बिगड़ रहा हो.'
दिल्ली में सीजेपी की प्रोटेस्ट कॉल के बीच अवमानना मामले (ट्रेन-मेट्रो सेवा बंद करने) को लेकर रविवार को सुप्रीम कोर्ट की स्पेशल बेंच में हुई सुनवाई के दौरान सर्वोच्च अदालत ने नाराजगी जताते हुए केंद्र सरकार, पुलिस और डीएमआरसी सभी को नोटिस जारी करते हुए लिखित जवाब की मांग की है. इसी तरह से सुप्रीम कोर्ट ने इंटरनेट बंद करने पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि कानूनी जरूरी हो तभी इंटरनेट सेवा को बंद करना चाहिए. सुप्रीम कोर्ट ने गृह सचिव से भी जवाब मांगा है.
बैरिकेड्स लगाने की हो समीक्षा: SC
'सुप्रीम' सुनवाई के दौरान कोर्ट ने संबंधित पक्षकारों से मंगलवार तक जवाब मांगा है. कोर्ट ने कहा, आप इंटरनेट नहीं बंद कर सकते हैं. इसी तरह से बिना कानूनी प्रकिया का पालन करके किसी को हिरासत में नहीं लेना चाहिए. कोर्ट ने कहा कि ट्रेन और मेट्रो सेवाओं को सुचारू रूप से चलते रहने देना चाहिए. आज भी दिल्ली में कड़े सुरक्षा इंतजाम हैं.
कोर्ट रूम LIVE
सीनियर एडवोकेट सिब्बल ने यह भी कहा, 'शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वालों को हिरासत में नहीं लिया जाना चाहिए जब तक कि इससे पब्लिक ऑर्डर न बिगड़ रहा हो.'
हालांकि कोर्ट ने सॉलिसिटर जनरल की इस दलील को दर्ज किया कि जिन याचिकाओं का मौखिक रूप से उल्लेख किया गया है, उसकी कॉपी सरकार को उपलब्ध नहीं कराई गई हैं. इसलिए सरकार उन याचिकाओ पर अपना पक्ष नहीं रख सकती है.
इसके बाद कोर्ट ने SG की दलील को भी अपने आदेश मे दर्ज किया.
'SC ने कहा अंतरिम आदेश पास करेंगे'
SC ने कहा, 'मेट्रो सामान्य रूप से चलेंगी, जब तक कानून-व्यवस्था से जुड़ी कोई ऐसी स्थिति उत्पन्न न हो. उसमें आम जनता की आवाजाही की स्वतंत्रता बहाल की जाएगी. इंटरनेट सेवाएं बहाल हों वहीं, वकीलों को पेशेवर ड्यूटी का पालन करने से नहीं रोका जाएगा. उन्हें अपने मुवक्किलों को कानूनी सहायता देने का अधिकार मिले.'
सिब्बल का बयान
वकील कपिल सिब्बल ने कहा, 'सुप्रीम कोर्ट ने जो आज ऑर्डर दिया है उससे हम आश्वस्त है और उन्हें धन्यवाद देते हैं लोगों की समस्या का कोर्ट ने समाधान किया और लोगों को विश्वास हो गया है की सुप्रीम कोर्ट ही लोगो की चिंता को सुनती हैं
सरकार का पक्ष
कोर्ट में सरकार का पक्ष रखते हुए एएसजी मेहता ने कहा. 'सभी स्टेशन बंद नहीं थे. कुछ निश्चित मेट्रो स्टेशन बंद किए गए थे. इंटरनेट सेवा रात में 10 बजे बहाल कर दी गई थी. इसके अलावा सभी फैसले लोगों की सुरक्षा के लिए लिए गए.'
'सीपी से आज भी कई प्रोटस्टर्स हिरासत में लिए गए'
शनिवार को बंद किए गए सभी रास्ते खोल दिए गए हैं. जिसके बाद बॉर्डर पर आवाजाही शुरू हो गई है. इससे इतर पुलिस ने सीजीपी की सेकेंड कमान की प्रोटेस्ट कॉल पर जंतर मंतर जाने की कोशिश कर रहे लोगों को हिरासत में लिया है.