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9 October 2026 Weather Update: मानसून की विदाई के बाद हिमालयी क्षेत्र में नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हुआ है. जिससे उत्तर भारत में मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है. इसकी वजह से पहाड़ों पर बर्फ की चादर बिछने लगी है तो मैदानों में भी ठिठुरन धीरे-धीरे बढ़ रही है. भारतीय मौसम विभाग (IMD) के मुताबिक, पश्चिमी विक्षोभ की वजह से हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर के ऊंचाई वाले इलाकों में हल्की से मध्यम बर्फबारी का दौर शुरू हो गया है.
हिमाचल प्रदेश के लाहौल-स्पीति, किन्नौर, कुल्लू और उत्तराखंड के बदरीनाथ-केदारनाथ की ऊंची चोटियों पर बर्फ की सफेद चादर बिछ गई है. इस बर्फबारी की वजह से तापमान में भी गिरावट आई है. हिमाचल प्रदेश के लाहौल-स्पीति के कुकुमसेरी जैसे क्षेत्रों में न्यूनतम तापमान तेजी से लुढ़ककर 2.3 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है. इसके चलते वहां के लोगों को कड़ाके की ठंड का सामना करना पड़ रहा है.
जम्मू-कश्मीर के बांदीपोरा जिले में गुरुवार को अचानक भीषण तूफान आया, जिससे बारिश के साथ ओले भी गिरे. इस प्राकृतिक आपदा के चलते खेतों में खड़ी फसलें नष्ट हो गईं, जिससे किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ा है. फसल को हुए नुकसान के सटीक आंकड़े अभी सामने नहीं आए हैं. किसानों ने कृषि विभाग और स्थानीय प्रशासन से खेतों का सर्वे करके मुआवजा दिलवाने की अपील की है.
पहाड़ों से आ रही ठंडी हवाओं का असर मैदानी इलाकों पर भी नजर आने लगा है. दिन में तो अच्छी खासी धूप निकल रही है. जिसके चलते अधिकतम तापमान 31 से 35 डिग्री सेल्सियस के बीच बना हुआ है. लेकिन रात और सुबह के वक्त इस ठंडक का एहसास साफ हो रहा है. पंजाब, हरियाणा, दिल्ली-एनसीआर, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और राजस्थान के मैदानी हिस्सों में रात का तापमान धीरे-धीरे घटने लगा है.
मौसम वैज्ञानिकों ने पूर्वानुमान जताया है कि अगले कुछ दिनों में न्यूनतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक की और गिरावट आ सकती है. इसके चलते दशहरे तक लोगों को रात में अच्छी खासी ठंड देखने को मिल सकती है. इस ठंड से किसानों चेहरे खिल गए हैं. जितनी ज्यादा सर्दी बढ़ेगी, उन्हें गेहूं जैसी रबी की फसलें उगाने में मदद मिलेगी. हालांकि, इस बदलते मौसम में लोगों को फ्लू जैसी मौसमी बीमारियों से जूझना पड़ सकता है.