मुंबई में अगले हफ्ते कूटनीति की बड़ी हलचल देखने को मिलने वाली है. विदेश मंत्रालय ने कन्फर्म कर दिया है कि 20 अक्टूबर को विदेश मंत्री एस जयशंकर अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो से मुलाकात करेंगे. इससे ठीक पहले 19 और 20 अक्टूबर को वे यूएई के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री अब्दुल्ला बिन जायद अल नाहयान की भी मेजबानी करेंगे.
इस बैठक को लेकर विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने सवाल खड़े किए थे और सरकार पर तंज कसा था. राहुल गांधी ने दावा किया था, विदेश मंत्रालय के अधिकारी इस बात को लेकर भ्रमित हैं कि क्या हो रहा है, जिसके बाद अब विदेश मंत्रालय ने आधिकारिक तौर पर पूरा शेड्यूल साफ किया है. मंत्रालय का कहना है कि दिल्ली से बाहर दूसरे शहरों में विदेशी मेहमानों की मेजबानी करना कोई नई बात नहीं है, यह तो पिछले कई सालों से चला आ रहा है.
Mr Rubio has summoned his employee to Mumbai. Modi ji, your officials in the External Affairs Ministry are confused about what's going on. You might want to explain. Unless, of course, you want me to.
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) October 16, 2026
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर एक पोस्ट में दावा किया था कि, विदेश मंत्रालय के अधिकारी इस यात्रा और घटनाक्रम को लेकर भ्रम की स्थिति में हैं. राहुल की यह टिप्पणी भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर के उस बयान के बाद आई थी, जिसमें उन्होंने उम्मीद जताई थी कि अमेरिकी अधिकारी मुंबई में जयशंकर से मुलाकात करेंगे. इसके बाद कांग्रेस ने सवाल उठाया था कि भारत सरकार की ओर से इस बैठक का आधिकारिक शेड्यूल पहले से सार्वजनिक क्यों नहीं किया गया.
EAM Jaishankar to host deputy UAE PM, US Secy of state Marco Rubio in Mumbai, says MEA https://t.co/N4Ln9xj1NP
— Sidhant Sibal (@sidhant) October 16, 2026
राहुल गांधी के अलावा कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने भी विदेश मंत्री एस. जयशंकर और अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो की मुंबई में होने वाली बैठक को लेकर मोदी सरकार और विदेश मंत्रालय को घेरा था. 15 अक्तूबर को उन्होंने सवाल उठाया था कि, रूबियो के भारत दौरे और जयशंकर से उनकी मुलाकात की जानकारी भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर दे रहे हैं, जबकि यह जानकारी भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता की तरफ से आनी चाहिए थी. जयराम रमेश का कहना था, भारत के अंदर हमारे ही विदेश मंत्री की मीटिंग की खबर किसी दूसरे देश का राजदूत क्यों दे रहा है?
अब विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने पूरी स्थिति स्पष्ठ कर दी है. उन्होंने समाचार एजेंसी एएनआई से बातचीत में बताया, 'विदेश मंत्री एस जयशंकर 20 अक्टूबर को अमेरिकी विदेश मंत्री के साथ द्विपक्षीय बातचीत करने के अलावा अमेरिका की स्वतंत्रता की 250वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में आयोजित विशेष समारोह में विशिष्ट अतिथि के रूप में भी शामिल होंगे.'
बैठक के आयोजन स्थल को लेकर उठ रहे सवालों के बीच विदेश मंत्रालय ने साफ किया कि राजधानी नई दिल्ली से बाहर विदेशी गणमान्य व्यक्तियों की मेजबानी करना कोई नई या असामान्य बात नहीं है. रणधीर जायसवाल ने पिछले कुछ सालों के उदाहरण देते हुए कहा, 'पिछले लगभग एक दशक से यह नियमित परंपरा रही है कि हम विदेशी नेताओं और समकक्षों की मेजबानी दिल्ली से बाहर अलग-अलग शहरों में करते रहे हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वडोदरा में स्पेन के प्रधानमंत्री की मेजबानी की थी. अहमदाबाद में जर्मन चांसलर की और वाराणसी में मॉरीशस के प्रधानमंत्री की अगवानी की गई थी. इसी तरह विदेश मंत्री ने गोवा में विदेश मंत्रियों की बैठक, गुजरात के केवड़िया में बोत्सवाना के विदेश मंत्री की मेजबानी और अमृतसर में 'हार्ट ऑफ एशिया' सम्मेलन की अध्यक्षता की थी.'