कांग्रेस के नेतृत्व में एक नवंबर को नई दिल्ली के रामलीला मैदान में ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ महारैली करने का ऐलान किया गया है. इस रैली को देखते हुए दिल्ली के व्यापारियों ने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी से एक खास अपील की है. 'चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री' (CTI) ने पत्र लिखकर विपक्ष की इस रैली को दिवाली तक टालने की अपील की. व्यापारियों की इस अपील पर राहुल गांधी का बयान सामने आया है.
लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने एक्स पोस्ट में कहा कि दिल्ली के हर व्यापारी से: हम आपसे प्यार करते हैं, आपकी बात सुन रहे हैं. राहुल ने कहा कि मेट्रो सरकार ने बंद की, सड़कें सरकार ने बंद की, राजधानी पर सरकार ने ताला लगाया. राहुल गांधी एक शर्त रखते हुए कहा कि अगर पीएम मोदी देश के चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाते हैं, तो यह आंदोलन केवल 30 सेकंड में रुक जाएगा.
विपक्ष नई दिल्ली के रामलीला मैदान में एक नवंबर को एक बड़ी रैली का आयोजन कर रहा है. इस रैली में विपक्षी दलों के नेता शामिल होंगे. चूंकि, यह रैली ऐसे समय पर आयोजित की जा रही है, जब अगले कुछ दिनों में ही देश में कई बड़े त्योहार हैं. यही कारण है कि दिल्ली के व्यापारियों को डर सता रहा है कि रैली के कारण व्यापार में गहरा नुकसान हो सकता है.
इससे पहले अक्टूबर की शुरुआत में कई प्रदर्शन के कारण व्यापारियों को 3000 करोड़ रुपये से अधिक की चपत लगी थी. व्यापारियों का कहना है कि आगामी त्योहारी सीजन में करीब 25,000 करोड़ रुपये के व्यापार की संभावाना है. ऐसे में अगर रैली के कारण रोकटोक लगती है, तो उन्हें काफी परेशानी होगी. इसी को आधार बनाते हुए सीटीआई यानी चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री' के अध्यक्ष बृजेश गोयल ने राहुल गांधी को एक पत्र लिख था.
सीटीआई के पत्र पर राहुल गांधी की टिप्पणी सामने आई है. राहुल गांधी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि दिल्ली के हर व्यापारी से: हम आपसे प्यार करते हैं, आपकी बात सुन रहे हैं. मेट्रो सरकार ने बंद की, सड़कें सरकार ने सील की, राजधानी पर ताला सरकार ने लगाया. जब वोट ही चोरी हो जाए, तो कुछ भी सुरक्षित नहीं - न आपकी दुकान, न आपकी बचत, न आपके बच्चों का भविष्य. मोदी जी से कहिए - आरोपी नंबर 4, ज्ञानेश कुमार को हटाएं, 30 सेकंड में आंदोलन रुक जाएगा.
To every trader in Delhi: We love you and hear you. The Govt shut the metro, sealed our roads and locked down our capital. With a stolen vote nothing is safe - your shop, your savings, your children’s future. Tell Modi to sack accused no. 4, Gyanesh Kumar and the protests will stop in 30 seconds. दिल्ली के हर व्यापारी से: हम आपसे प्यार करते हैं, आपकी बात सुन रहे हैं। मेट्रो सरकार ने बंद की, सड़कें सरकार ने सील की, राजधानी पर ताला सरकार ने लगाया। जब वोट ही चोरी हो जाए, तो कुछ भी सुरक्षित नहीं - न आपकी दुकान, न आपकी बचत, न आपके बच्चों का भविष्य। मोदी जी से कहिए - आरोपी नंबर 4, ज्ञानेश कुमार को हटाएं, 30 सेकंड में आंदोलन रुक जाएगा।
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) October 26, 2026
राहुल गांधी की पोस्ट से पहले मल्लिकार्जुन खरगे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट किया और एक बार फिर 'वोट चोरी' का मुद्दा उठाया. खरगे ने इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं से 1 नवंबर को नई दिल्ली के रामलीला मैदान में होने वाली रैली में आने की अपील की. खरगे ने आरोप लगाया कि तमाम खुलासों के बाद भी सरकार सीईसी ज्ञानेश कुमार को बचाने में लगी है.
वोट चोरी के अनगिनत ख़ुलासों के बाद भी मोदी सरकार ज्ञानेश कुमार को बचाने के लिए सारे हथकंडे अपना रही है ! SIR में इस्तेमाल software की जानकारी RTI में माँगी गई, तो चुनाव आयोग ने 'Trade Secrets' का हवाला देकर जवाब देने से ही इनकार कर दिया। उत्तर प्रदेश में 16.18 लाख Form-6 आवेदनों का विवरण सार्वजनिक नहीं किया गया। पीलीभीत में 10,470 मतदाता रिकॉर्ड में अनियमितताएँ पकड़ी गईं। अब पूरे प्रदेश में Form 6, 7 और 8 की जाँच के आदेश देने को मजबूर होना पड़ा है। BJP और चुनाव आयोग की मिलीभगत के ख़िलाफ़ INDIA गठबंधन की 3 प्रमुख माँगें स्पष्ट हैं -: 1. CEC ज्ञानेश कुमार इस्तीफ़ा दें और उन्हें संरक्षण देने वाला 2023 का कानून निरस्त हो। 2. SIR तत्काल रोका जाए। ग़ैरकानूनी ढंग से हटाए गए मतदाताओं के नाम बहाल हों। 3. सभी चुनाव पेपर बैलेट से कराए जाएँ। यह केवल वोट बचाने की लड़ाई नहीं, संविधान और लोकतंत्र बचाने का जनसंघर्ष है। मैं देश के हर जागरूक नागरिक से अपील करता हूँ - 1 नवंबर को दिल्ली चलिए! रामलीला मैदान में 'वोट बचाओ–देश बचाओ' जन मार्च और महारैली से जुड़िए। जय हिंद! जय संविधान! #ChaloDilli #RamlilaMarch
— Mallikarjun Kharge (@kharge) October 26, 2026
एक्स पर खरगे ने लिखा कि SIR में इस्तेमाल software की जानकारी RTI में मांगी गई, तो चुनाव आयोग ने 'Trade Secrets' का हवाला देकर जवाब देने से ही इनकार कर दिया. खगरे का दावा है कि उत्तर प्रदेश में 16.18 लाख Form-6 आवेदनों का विवरण सार्वजनिक नहीं किया गया. पीलीभीत में 10,470 मतदाता रिकॉर्ड में अनियमितताएँ पकड़ी गईं. अब पूरे प्रदेश में Form 6, 7 और 8 की जाँच के आदेश देने को मजबूर होना पड़ा है.
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