'जितनी पुलिस बुलानी है बुला लीजिए...', छात्रों की गूंज से पहले राहुल की चुनौती, बोले- चारों तरफ से घेरेंगे
राहुल गांधी ने शनिवार को एक बार फिर भाजपा और आरएसएस पर हमला बोला है. उन्होंने कहा,'मैं इन्हें अंदर तक जानता हूं, इनकी हर चाल से वाकिफ हूं. इन लोगों की सबसे बड़ी पहचान कायरता है.'
चेन्नई में अपने कार्यक्रम 'छात्रों की गूंज' से पहले राहुल गांधी ने एक बार फिर भारतीय जनता पार्टी पर हमला किया है. उन्होंने X पर एक वीडियो पोस्ट करते हुए लिखा,'मैं नरेंद्र मोदी, RSS और इनसे जुड़े लोगों के खिलाफ एक दशक से भी ज्यादा से लड़ रहा हूं. मैं अपने विरोधियों को उतनी अच्छी तरह समझता हूं, जितना कोई भी अपने प्रतिद्वंद्वी को समझता है. मैं इन्हें अंदर तक जानता हूं, इनकी हर चाल से वाकिफ हूं. इन लोगों की सबसे बड़ी पहचान कायरता है.'
राहुल गांधी ने आगे कहा,'नरेंद्र मोदी, अमित शाह, मोहन भागवत, ज्ञानेश कुमार, अजीत डोभाल - इस कहानी के खलनायक, अब धीरे-धीरे घिरते जा रहे हैं. इनके चारों तरफ से दायरा सिमट रहा है. जो करना है, कर लीजिए. जितनी पुलिस बुलानी है, बुला लीजिए, 10 हजार, 20 हजार, 50 हजार, जितनी चाहें बुला लीजिए. सारे नेताओं को गिरफ्तार कर लीजिए. सारे युवाओं को गिरफ्तार कर लीजिए. हम सबको गिरफ्तार कर लीजिए.'
उन्होंने आगे लिखा,'घबराइये मत, हम आपको चारों तरफ से घेर रहे हैं और हम पीछे हटने वाले नहीं हैं. मेरी बात याद रखिए, हमें जो जानकारी चाहिए, वह हमारे पास पहले से है. हम अपने संविधान की रक्षा करेंगे. हम हिंदुस्तान की जनता की आवाज की हिफाजत करेंगे और हम यह सुनिश्चित करेंगे कि पिछले 10-15 सालों में हिंदुस्तान के साथ जो हुआ है, वह दोबारा कभी, किसी भी सूरत में न हो.'हिंदुस्तान के युवाओं, मुझे आप पर गर्व है. अपना विरोध जारी रखिए. हम आपके साथ खड़े हैं. हम यह सुनिश्चित करेंगे कि इस सरकार और हमारे संविधान पर हमला करने वालों को शिकस्त मिले.
प्रियंका गांधी ने भी मोदी-शाह को घेरा
इसी कड़ी में राहुल गांधी की बहन प्रियंका गांधी ने भी अपने X हेंडल से लिखा,'पहले तो वे 254 सांसदों के साथ बदसलूकी करते हैं और उन्हें पूरी तरह से गैर-कानूनी तरीके से हिरासत में ले लेते हैं, जिससे उनके बुनियादी संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन होता है; विपक्ष की पार्टियों के दूसरे प्रदर्शनकारियों के साथ भी वे ऐसा ही करते हैं. फिर वे राष्ट्रीय राजधानी की घेराबंदी करते हैं, चारों तरफ बैरिकेड लगाकर और सील करके ट्रेन और मेट्रो रोक देते हैं, इंटरनेट बंद कर देते हैं और हर जगह चेक पोस्ट बना देते हैं. वे विरोध करने के अपने संवैधानिक अधिकार का इस्तेमाल कर रहे युवा पुरुषों और महिलाओं की पिटाई करते हैं और उन्हें हिरासत में ले लेते हैं.'
प्रियंका आगे लिखती हैं,'अगर यह इस बात का सबूत नहीं है कि उन्होंने चुनाव आयोग की मिलीभगत से चुनावों में धांधली की है और उन्हें इस बात का डर है कि उनकी सरकार की गैर-कानूनी सच्चाई सामने आ रही है और उनसे जवाबदेही मांगी जा रही है, तो फिर सबूत क्या है? भारत अब लोकतंत्र नहीं रहा. यह मिस्टर नरेंद्र मोदी और मिस्टर अमित शाह के जरिए चलाई जा रही तानाशाही है. जो कोई भी लोकतंत्र को खत्म करने के लिए उनके साथ मिला हुआ है, वह देश के साथ गद्दारी कर रहा है.'
कांग्रेस ने चुनाव आयुक्त के खिलाफ खोला मार्चा
चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कांग्रेस लगातार प्रदर्शन और मार्च कर रही है. लगातार पिछले तीन दिनों से कांग्रेस सड़कों पर हल्ला बोल रही है. सबसे पहले 6 अक्तूबर को कांग्रेस ने संसद से चुनाव आयोग तक मार्च निकालने की कोशिश की. हालांकि, पुलिस ने उन्हें नीति आयोग के सामने ही रोक लिया. जिसके बाद पूरी विपक्ष एक साथ वहीं धरने पर बैठ गया. यह प्रदर्शन देर रात तक चलता रहा. आखिर में पुलिस ने सभी नेताओं को हिरासत में ले लिया था और कुछ ही देर बाद रिहा भी कर दिया था.
अगले दिन यानी 7 अक्तूबर को कांग्रेस ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने की कोशिश की, लेकिन इस बार भी उन्हें कामयाबी नहीं मिली. कांग्रेस नेता जैसे ही अपने समर्थकों के साथ जंतर-मंतर की तरफ बढ़ रहे थे, तभी वहां मौजूद सुरक्षाबलों ने उन्हें आगे जाने से रोक दिया. इस दौरान प्रियंका गांधी सड़क पर लेट भी गई थीं. इस दिन भी पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया था, जिसके बाद धरना खत्म हो गया.
तीसरे दिन यानी 8 अक्तूबर को, सभी विपक्षी सांसद कनॉट प्लेस के एक रेस्टोरेंट में लंच के बाद 'राजघाट' तक मार्च किया. यहां उन्होंने महात्मा गांधी की समाधि पर जाकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की.