मिशन पंजाब के लिए 48 विधायकों को टास्क, PM ने हरियाणा के नेताओं से की खास बैठक; चुनावी विजन की इनसाइड स्टोरी
मिशन पंजाब को लेकर बीजेपी ने कमर कस ली है. अगले साल की शुरुआत में होने वाले विधानसभा चुनाव के मद्देनजर पार्टी ने रणनीति बनानी शुरू कर ली है. शनिवार को हरियाणा के 48 बीजेपी विधायकों ने पीएम नरेंद्र मोदी से प्रधानंमत्री आवास में एक शिस्टाचार मुलाकात की. माना जा रहा है कि पंजाब चुनाव को देखते हुए ये अहम बैठक है.
Punjab Politics: देश के पांच राज्यों में अगले साल की शुरुआत में विधानसभा चुनाव होने जा रहे हैं. इसमें सबसे अधिक चर्चा पंजाब और उत्तर प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनाव की हो रही है. इस बीच शनिवार (03 अक्टूबर) को दिल्ली के 7 लोक कल्याण मार्ग स्थित प्रधानमंत्री आवास पर एक बड़ी बैठक हुई. इस बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हरियाणा के 48 नवनिर्वाचित बीजेपी विधायकों से मुलाकात की।
दरअसल, बीजेपी ने दावा किया कि यह एक सामान्य बैठक थी, लेकिन राजनीति में जो दिखता है, वास्तव में ऐसा होता नहीं है. बताया जा रहा है कि बैठक में पीएम मोदी ने विधायकों का हैसला बढ़ाया और जनता के बीच कैसे रहना है, इसको लेकर टिप्स दिए. पीएम मोदी ने विधायकों को सोशल मीडिया के सही इस्तेमाल के तरीके भी बताए. हालांकि, सूत्रों की मानें, तो इस बैठक का एजेंडा कुछ और था.
बीजेपी की बैठक और मिशन पंजाब
दिल्ली में प्रधानमंत्री आवास में हुई इस बैठक में एक बात तो साफ हो गई कि बीजेपी का अगला मिशन पंजाब है. पंजाब में अगले साल की शुरुआत में विधानसभा चुनाव होने जा रहे हैं. पीएम मोदी और हरियाणा के बीजेपी विधायकों की बैठक इस विसात का हिस्सा थी. हरियाणा में बीजेपी को तीसरी बार मिली जबरदस्त जीत के बाद बीजेपी आत्मविश्वास से भरी हुई है.
माना जा रहा है कि बीजेपी इसी जीत के फार्मूले को पंजाब में भी लागू करना चाहती है. सूत्रों का कहना है कि हरियाणा बीजेपी के अधिकांश और बड़े विधायकों को पंजाब चुनाव में अहम जिम्मेदारियां सौंपी जाएंगी. इन विधायकों को केवल जनसभा को संबोधित करने तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि बूथ लेवल तक मैनेजमेंट देखने को भी कहा जाएगा. मकसद साफ है कि पंजाब के हर वोटर तक बीजेपी को सीधी पहुंच बनानी है.
हरियाणा वाला मॉडल पंजाब में चलाएगी बीजेपी
सूत्रों का कहना है कि बीजेपी हरियाणा के सुशासन के मॉडल को पंजाब में पेश करने की तैयारी है. पार्टी यह संदेश देना चाहती है कि जो विकास हरियाणा में हुआ है, वही पंजाब में किया जाना चाहिए. सबसे खास है कि बीजेपी नशा के मुद्दे पर पंजाब की आप सरकार को घेरने में लग गई है. हरियाणा के सीएम नायब सिंह सैनी ने पहले ही मोर्चा संभाल लिया है. हरियाणा के सीएम नायब सिंह सैनी ने पंजाब में अपनी सक्रियता बढ़ा दी है.
रिपोर्ट्स के अनुसार, पिछले एक साल में सीएम नायब सिंह सैनी पंजाब में 90 से अधिक कार्यक्रमों में हिस्सा ले चुके हैं. वह पिछले कुछ दिनों से लगातार पंजाब का दौरा कर रहे हैं. इस दौरान उनका अलग अंदाज देखने को मिलता है. आलम यह है कि पंजाब बीजेपी के नेता उन्हें प्यार से 'सरदार नायब सिंह सैनी'कहने लगे हैं.
विकसित पंजाब के मिशन के साथ बीजेपी उतरी
पंजाब में एक कार्यक्रम के दौरान हरियाणा के सीएम ने बीजेपी के विजन को स्पष्ट किया था. सीएम सैनी की ओर से कहा गया था कि जैसे ही पंजाब में भाजपा की सरकार बनेगी, हमरा पहला लक्ष्य विकसित पंजाब का निर्माण करना है. यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदा के विकसित भारत के संकल्प के तर्ज पर होगा. सीएम सैनी ने लोगों को आश्वासन दिया कि जैसे हरियाणा में सरकार बेहतरीन काल्याणकारी योजनाएं चला रही है, वैसे कार्यक्रम पंजाब में भी लागू किए जाएंगे. एक रैली के दौरान सैनी ने आप पर जमकर निशाना साधा. सीएम सैनी ने आरोप लगाया कि आप की सरकार ने पिछले पांच सालों में अपने 57 चुनावी वादों में एक भी पूरा नहीं किया है.
हरियाणा के विधायकों को बड़ी जिम्मेदारी
शनिवार की बैठक के बाद यह तय माना जा राह है कि पंजाब मिशन के लिए बीजेपी ने पूरा जोर लगा दिया है. हरियाणा के सीएम सैनी के साथ लगभग 48 बीजेपी विधायक पंजाब की सड़कों पर प्रचार करते नजर आएंगे. माना जा रहा है कि इस पूरी रणनीति के पीछे पीएम का बड़ा दिमाग है. उन्होंने कई बार अपने संवादों में कहा कि उनका पंजाब और हरियाणा से पुराना और गहरा नाता रहा है.
बता दें कि नरेंद्र मोदी 1990 के दशक के मध्य में उत्तर भारत क्लस्टर प्रभारी थे. इस क्लस्टर में हरियणा और पंजाब दोनों राज्य आते थे. 1996 में हरियाणा में बीजेपी की रणनीति को नरेंद्र मोदी ने ही तैयार किया था. बंसीलाल की हरियाणा विकास पार्टी के साथ गठबंधन का पूरा समीकरण उन्होंने ही तैयार किया था.
पंजाब में भी पार्टी को मजबूत किया था
हरियाणा के जैसे ही नरेंद्र मोदी ने पंजाब में एक बड़ा मास्टरस्ट्रोक खेला था. उस वक्त पंजाब में बीजेपी नई दल था, लेकिन नरेंद्र मोदी ने शिरोमणि अकाली दल के साथ गठबंधन की शानदार रणनीति बनाई. यह रणनीति इतनी सटीक थी कि 1997 में पंजाब विधानसबा चुनाव में अकालीदल और बीजेपी क्लीन स्वीप कर सत्ता पर कब्जा कर लिया था.
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