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Maharashtra Rally : कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) की तरह ही अब शिवसेना (UBT) और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) भी देश के मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ सड़कों पर उतर आई है. रविवार ( 4 अक्टूबर 2026) को दोनों पार्टी ने CEC के इस्तीफे की मांग की. ठाकरे ब्रदर्स की ओर से निकाली गई इस रैली ने लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचा. ऐसा इसलिए क्योंकि इसमें कोई भी चुनाव चिह्न और पार्टी का झंडा नहीं देखा गया.
दोनों नेताओं ने अपने पार्टी वर्कर्स से कहा कि वे रैली में केवल तिरंगा ही लेकर चलें. रैली आज सुबह बायकुला में रिचर्डसन एंड क्रूड्स से शुरू हुई और CSMT में BMC हेडक्वार्टर की तरफ बढ़ी.
रैली को लेकर राज ठाकरे ने कहा कि इसमें कोई पार्टी का झंडा नहीं, बल्कि केवल तिरंगा होगा. उन्होंने आगे कहा कि रैली का एजेंडा केवल इलेक्शन कमीशन और उसके कामकाज पर बात करना है. इसलिए भाजपा समेत कोई भी हिस्सा ले सकता है. राज ठाकरे ने कहा,' यहां गर्मी की वजह से माहौल गरम है, जबकि पूरे देश में वोट चोरी को लेकर माहौल गरम है. मैं 2017 से ही कह रहा हूं कि कुछ गड़बड़ है और वोटों की चोरी हो रही है. उस समय मैंने सोनिया गांधी और ममता बनर्जी से मुलाकात की थी, मैं कह रहा था कि लोगों को चुनाव का बहिष्कार करना चाहिए.'
राज ठाकरे ने SIR के मुद्दे को लेकर कहा कि चुनाव प्रक्रिया में कुछ गड़बड़ है. इस तरह वोट कम नहीं हो सकते.
राज ठाकरे ने SIR के मुद्दे को लेकर कहा कि चुनाव प्रक्रिया में कुछ गड़बड़ है. इस तरह वोट कम नहीं हो सकते. उन्होंने पुरानी सरकार के बारे में बात करते हुए कहा,' आज यहां बैठे सभी नेता उस समय भी मौजूद थे. कांग्रेस के समय भी उद्योगपति थे, लेकिन आज उनके कार्यकाल में सिर्फ एक ही उद्योगपति लगातार बढ़ रहा है. उन्होंने चुनाव आयोग पर कब्जा कर लिया है. आज भाजपा सत्ता में है, कल सत्ता में नहीं होगी. अगर कल कोई दूसरी पार्टी भी वही करने लगे जो आज भाजपा कर रही है, तो वे उस समय क्या करेंगे?'
शिवसेना (UBT) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने भी रैली में कहा,' चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति पर मुझे संदेह है. चुनाव आयोग के सदस्यों की नियुक्ति चुनाव के जरिए होनी चाहिए. पहले एक समिति होती थी, जिसमें भारत के चीफ जस्टि, प्रधानमंत्री और विपक्ष के नेता शामिल होते थे. केंद्र सरकार ने चीफ जस्टिस को इस समिति से हटा दिया. उनकी जगह उन्होंने प्रधानमंत्री द्वारा चुने गए एक मंत्री को नियुक्त किया. वह मंत्री अमित शाह हैं. कोर्ट में लगातार सुनवाई हो रही है, लेकिन कोई जवाबदेही नहीं है.'
उद्धव ठाकरे ने ज्ञानेश कुमार की नियुक्ति पर सवाल उठाते हुए कहा,' पहला सवाल यह है कि ज्ञानेश कुमार की नियुक्ति कैसे हुई? क्या गृह मंत्रालय के पास किसी व्यक्ति की नागरिकता के अधिकार रद्द करने की शक्ति है? वे ज्ञानेश कुमार के जरिए उस शक्ति का इस्तेमाल कर रहे हैं और इसीलिए हम ज्ञानेश कुमार को नहीं चाहते. पहले भार भ्रष्टाचार के खिलाफ था और अब भारत वोट चोरों के खिलाफ है.' उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा,' भाजपा को सरकार चलाना नहीं आता, जिस तरह से आप सरकार चला रहे हैं वह शासन नहीं है. यह बदला लेने की भावना है.' उन्होंने कहा कि "हिटलर भी ऐसा ही तानाशाह था, लेकिन आखिर में उसे खुद को गोली मारनी पड़ी. इस देश में भी वैसी ही स्थिति पैदा हो सकती है. मनमानी करने वालों को यह बात ध्यान में रखनी चाहिए. ठाकरे ने आगे कहा,'जब तक उसे सड़कों पर लाकर कानून के दायरे में सजा नहीं दिलाई जाती, तब तक हम चैन से नहीं बैठेंगे.'