डिफेंस से लेकर AI और सेमीकंडक्टर तक... भारत-पोलैंड में बनी ऐतिहासिक सहमति, 100 CEOs के साथ पहुंचे हैं डोनाल्ड टस्क
पोलैंड के प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क और भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 22 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली स्थित हैदराबाद हाउस में बैठक से पहले हाथ मिलाते हुए. आइए जानते हैं इस दौरान किन मुद्दों पर सहमति बनी है.
पोलैंड के प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क 3 दिवसीय दौरे पर भारत आए हुए हैं. उनके साथ दिग्गज कंपनियों के लगभग 100 सीईओ व उद्योग प्रतिनिधि भी हैं. गुरुवार को पीएम मोदी और टस्क के बीच नई दिल्ली में खास मुलाकात हुई. इस मीटिंग के जरिए दोनों देशों ने 2030 तक आपसी कारोबार को दोगुना करने का टारगेट रखा. साथ ही डिफेंस, नई टेक्नोलॉजी, जरूरी खनिजों और कनेक्टिविटी के क्षेत्र में मिलकर काम करने पर सहमति जताई है.
इस मुलाकात के दौरान पीएम मोदी ने पोलैंड को 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था (जीडीपी) बनने पर बधाई दी. वहीं पोलैंड के पीएम टस्क ने भी भारत की तारीफ करते हुए कहा कि वह दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्था है और बहुत जल्द 10 ट्रिलियन डॉलर के मुकाम तक पहुंचने वाला है. मीटिंग के बाद जारी साझा बयान में दोनों नेताओं ने साफ किया कि भारत और पोलैंड की इस साझेदारी को सिर्फ बातों तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि तय समय के अंदर ऐसे ठोस नतीजे लाए जाएंगे जिससे दोनों देशों को सीधा फायदा मिले.
विदेश मंत्रालय ने क्या बताया?
पीएम मोदी और पोलैंड के प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क की मुलाकात पर विदेश मंत्रालय के अधिकारी सिबी जॉर्ज ने बताया कि दोनों देश कई बड़े समझौतों को फाइनल करने में जुटे हैं. इनमें जरूरी खुफिया जानकारियां सुरक्षित तरीके से एक-दूसरे से साझा करना, क्रिटिकल मिनरल्स (अहम खनिजों) पर मिलकर काम करना, पुराने ऐतिहासिक रिकॉर्ड्स को सहेजना, और संस्कृति, विज्ञान व उच्च शिक्षा में साझेदारी शामिल है.
पोलैंड और भारत के बीच इन मुद्दों पर बनी सहमति
1. 2030 तक व्यापार दोगुना करने का मिशन
दोनों देशों ने तय किया है कि 2030 तक आपसी व्यापार को दोगुना करेंगे. इसके लिए पीएम मोदी ने पोलैंड की कंपनियों से कहा कि वे भारत में बड़े बाजार और यहां की मैन्युफैक्चरिंग का फायदा उठाएं, जबकि टस्क ने भी भारतीय कंपनियों को पूरे यूरोप में कारोबार फैलाने का न्योता दिया.
2. डिफेंस, चिप्स और AI में मिलकर काम करेंगे
बिजनेस मीटिंग में इस मुलाकात के दौरान भारत और पोलैंड के बीच मशीनरी, दवाइयों, खनन, एनर्जी और इंफ्रास्ट्रक्चर पर बात हुई. जिसमें तय हुआ कि नई टेक्नोलॉजी के दौर में दोनों देश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), कंप्यूटर चिप्स (सेमीकंडक्टर) और क्वांटम टेक पर मिलकर रिसर्च और स्टार्टअप्स को बढ़ावा देंगे. पोलैंड की खाद्य प्रसंस्करण, खनन और मशीनरी के क्षेत्र में भी अच्छी खासी पकड़ मानी जाती है.
3. रक्षा क्षेत्र में मिलकर हथियार बनाने की तैयारी
इस वार्ता में खास बात यह भी रही कि दोनों देशों ने रक्षा क्षेत्र में मिलकर काम करने पर सहमति बनाई. दोनों देश इस बात पर सहमत हुए हैं कि रक्षा क्षेत्र में मिलकर हथियार और तकनीक बनाने (को-डेवलपमेंट व को-प्रोडक्शन) पर काम करेंगे, ताकि दोनों देशों की सेनाओं और कंपनियों को सीधा फायदा पहुंचे.
16 साल बाद भारत दौरे पर आए हैं पोलैंड के पीएम
दरअसल, पोलैंड के प्रधानमंत्री पूरे 16 साल बाद भारत आए हैं. इससे पहले वे 2010 में अपने पहले कार्यकाल के दौरान भारत के दौरे पर आए थे. पोलैंड का इरादा 2030 तक भारत के साथ अपना सालाना कारोबार दोगुना करने का है. 21 और 22 अक्टूबर को दिल्ली में अपने सारे कार्यक्रम निपटाने के बाद, टस्क 23 अक्टूबर को बेंगलुरु जाएंगे. वहां वे आईटी (IT) और स्पेस सेक्टर से जुड़े कारोबारियों व दिग्गजों से मुलाकात करेंगे.
आतंकवाद की कड़े शब्दों में निंदा
पीएम मोदी और टस्क की मुलाकात को लेकर विदेश मंत्रालय ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके बड़ी जानकारी दी. विदेश मंत्रालय की तरफ से बताया गया है, 'साइंस और नई तकनीक अब दोनों देशों के रिश्तों का अहम हिस्सा बन चुके हैं. फरवरी में हुए एआई (AI) समिट की चर्चा को आगे बढ़ाते हुए, दोनों देश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, सेमीकंडक्टर और क्वांटम टेक्नोलॉजी में मिलकर रिसर्च करने पर राजी हुए हैं. इसके साथ ही दोनों देशों के स्टार्टअप्स, बिजनेस और रिसर्च संस्थानों को आपस में जोड़ने पर भी ज़ोर दिया गया है.
विदेश मंत्रालय की की तरफ से ये भी बताया गया, 'दोनों नेताओं ने हर तरह के आतंकवाद की कड़े शब्दों में निंदा की और कहा कि आतंक, उनके नेटवर्क, सुरक्षित ठिकानों और फंडिंग के खिलाफ दुनिया भर को मिलकर सख्त कानूनी कार्रवाई करनी चाहिए. इसके अलावा, दोनों देशों ने संयुक्त राष्ट्र (UN) के नियमों और व्यवस्था में जरूरी सुधारों का समर्थन किया. पोलैंड ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में भारत की स्थायी सदस्यता की दावेदारी का खुलकर समर्थन किया है और दोनों नेताओं ने दुनिया के ताजा हालातों पर भी अपने विचार शेयर किए.'