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भारतीय जनता पार्टी के दिग्गज नेता एलके आडवाणी आज 100वें वर्ष में दाखिल हो चुके हैं. आज उनका 99वां जन्मदिन है. इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनके आवास पर पहुंचकर उन्हें जन्मदिन की मुबारकबाद पेश की. इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी ने उन्हें जन्मदिन की बधाई देते हुए उनके राजनीतिक योगदान, विचारधारा और संगठन को मजबूत बनाने में उनकी भूमिका को याद किया. इसके अलावा उनके अलग-अलग तरह के योगदान के साथ-साथ उनकी सादगी, ईमानदारी और नैतिक शुचिता को लेकर भी अपने विचार रखे.
पीएम मोदी ने प्रमुख समाचार पत्रों में प्रकाशित अपने लेख में कहा कि आडवाणी ने बीजेपी को 'राष्ट्र सर्वोपरि' के सिद्धांत पर आधारित एक मजबूत नींव दी. उनके मुताबिक, आडवाणी की वैचारिक स्पष्टता और बौद्धिक तीक्ष्णता ऐसी खूबियां हैं, जो उन्हें दूसरे नेताओं से अलग बनाती हैं. प्रधानमंत्री मोदी ने लेख में कहा,'एलके आडवाणी ने लंबे समय तक भारतीय राजनीति में प्रचलित छद्म-धर्मनिरपेक्षता की राजनीति को चुनौती दी. बीजेपी को एक मजबूत राजनीतिक संगठन और राष्ट्रीय विकल्प के रूप में स्थापित करने में उनका अहम योगदान रहा है.
पीएम मोदी ने आडवाणी के बीजेपी अध्यक्ष के रूप में कार्यकाल को याद करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में पार्टी ने कई अहम राजनीतिक उपलब्धियां हासिल कीं. साल 1989 में कांग्रेस की सीटें 400 से घटकर 200 से भी नीचे आ गईं. वहीं, 1996 में बीजेपी पहली बार लोकसभा में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी.
प्रधानमंत्री ने 1991 के लोकसभा चुनाव का भी जिक्र किया. उन्होंने बताया कि उस चुनाव में आडवाणी ने दो सीटों से चुनाव लड़ा था, जिनमें गांधीनगर भी शामिल थी. मोदी ने कहा कि उस समय उन्होंने आडवाणी के नामांकन पत्र तैयार करने में मदद की थी और उनके चुनाव प्रचार में भी सहयोग दिया था. इस अनुभव को याद करते हुए उन्होंने आडवाणी के साथ अपने पुराने राजनीतिक संबंधों का उल्लेख किया.
प्रधानमंत्री मोदी ने आडवाणी की सोमनाथ से अयोध्या तक निकाली गई रथ यात्रा को भारतीय राजनीति की ऐतिहासिक घटना बताया. उन्होंने कहा कि इस यात्रा ने भारतीय समाज को एक नई दिशा देने में भूमिका निभाई. यह यात्रा देश के राजनीतिक और सामाजिक इतिहास में एक महत्वपूर्ण पड़ाव साबित हुई.
मोदी ने आडवाणी के गृह मंत्री के रूप में किए गए कामों की भी सराहना की. उन्होंने कहा कि देश के सबसे लंबे समय तक गृह मंत्री रहने वालों में शामिल आडवाणी ने राष्ट्रीय सुरक्षा के ढांचे को मजबूत करने के लिए कई अहम कदम उठाए. उन्होंने सुरक्षाकर्मियों के जीवन और कामकाज की परिस्थितियों को बेहतर बनाने पर जोर दिया. साथ ही, देश में आतंकवाद के खिलाफ सख्त कानून बनाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई.