पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद से भारत सरकार ने पाकिस्तान से सारे रिश्ते तोड़ लिए हैं. पाकिस्तानी सामानों पर पूर्ण प्रतिंबध लागू है, मतलब वहां से प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से कोई भी सामान भारत नहीं लाया जा सकता है. इसके बाद भी अगर कोई ऐसी कोशिश करता है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाती है. इसी कड़ी में मुंबई स्थित न्हावा शेवा बंदरगाह से दो लोगों को गिरफ्तार किया गया, जो दुबई के रास्ते से बड़ी भारी मात्रा में पाकिस्तानी मूल के तरबूज और खरबूजे के बीज लेकर आ रहे थे. सुरक्षा एजेंसियों को चकमा देने के लिए ये लोग दुबई के रास्ते से पाकिस्तानी फलों के बीज ला रहे थे, लेकिन राजस्व आसूचना निदेशालय (DRI) को धोखा नहीं दे सके.
DRI का 'ऑपरेशन डीप मैनिफेस्ट'
DRI ने 'ऑपरेशन डीप मैनिफेस्ट' के तहत पाकिस्तानी सामानों पर लगे प्रतिबंध को दरकिनार करने की एक और कोशिश को नाकाम करते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. जानकारी के मुताबिक, DRI ने पोर्ट पर ही पाकिस्तान मूल के कुल 46,920 किलो पाकिस्तानी तरबूज और खरबूजे के बीज जब्त कर लिए.
तस्करों का प्लान धरासाई
जांच में पता चला है कि सामान को दुबई के रास्ते लाया जा रहा था. माल के वास्तविक मूल को छिपाने के लिए जानबूझकर माल को दूसरे कंटेनरों में स्थानांतरित किया गया था. बीजों को पहले पाकिस्तान के कराची बंदरगाह से दुबई के जेबेल अली बंदरगाह पर लाया गया था. यहां माल को दूसरे कंटेनरों में स्थानांतरित करके एक अलग जहाज से भारत लाया जा रहा था.
दुबई से भारत ला रहे थे माल
उत्पादों के मूल देश के बारे में गलत जानकारी देने के आरोप में दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है. अब सुरक्षा एजेंसियां उनसे पूछताछ कर रही हैं. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, जांच में महत्वपूर्ण दस्तावेजी सबूत मिले, जिनसे स्पष्ट रूप से पता चलता है कि माल पाकिस्तान से दुबई होते हुए भारत पहुंचा था, जो घोषित यूएई मूल के उलट है.
पहले भी हो चुकी है ऐसी कोशिश
जांच में आगे पता चला कि आयात दो मामलों में लागू आयात नीति का उल्लंघन हुआ था. इससे पहले DRI ने जाली मूल प्रमाण पत्रों और चालानों का इस्तेमाल करके श्रीलंका में कोलंबो के रास्ते भेजे जा रहे 7,311 मीट्रिक टन पाकिस्तानी मूल के सेंधा नमक की बड़ी खेप को पकड़ा था.