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महाराष्ट्र ATS ने शनिवार (24 अक्टूबर) की सुबह-सुबह जैश-ए-मोहम्मद के एक संदिग्ध आतंकी को गिरफ्तार करने में बड़ी कामयाबी हासिल की है. आरोपी को माहिम मेट्रो स्टेशन के पास से पकड़ा गया. आरोपी का नाम मोहम्मद हसन अबू सरमद अख्तर बताया जा रहा है. जानकारी के मुताबिक, पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि जैश-ए-मोहम्मद आतंकी संगठन से जुड़े कुछ लोग किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की साजिश रच रहे हैं. महाराष्ट्र ATS ने इस सूचना को गंभीरता से लिया और छानबीन शुरू की. इस दौरान माहिम मेट्रो स्टेशन के पास से संदिग्ध मोहम्मद हसन अबू सरमद अख्तर को गिरफ्तार किया गया है.
Maharashtra ATS has arrested Mohammad Hasan Abu Sarmad Akhtar (33), who is allegedly linked to the banned terrorist organisation Jaish-e-Mohammed. Acting on a tip-off, the accused was apprehended near Mahim Metro station. The investigation suggests that he was allegedly propagating radical ideas while working as a Rapido rider and selling perfumes: Maharashtra ATS
— IANS (@ians_india) October 24, 2026
मुंबई का नक्शा तैयार कर रहा था आरोपी!
आरोपी के संबंध जैश-ए-मोहम्मद आतंकी संगठन से बताए जा रहे हैं. जांच से पता चला है कि वह रैपिडो राइडर के तौर पर काम करने और इत्र बेचने के दौरान कथित तौर पर कट्टरपंथी विचारों का प्रचार कर रहा था. सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, आरोपी लगातार पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी के अधिकारी से संपर्क में था.
पाकिस्तान में बैठे आकाओं के इशारे पर भारत में किसी बड़ी घटना को अंजाम देने की साजिश रच रहा था. रेपिडो राइडर और इत्र विक्रेता बनकर वह मुंबई के कई इलाकों का नक्शा तैयार कर रहा था. पुलिस को उसके मोबाइल फोन से भड़काऊ पोस्ट और मसूद अजहर से जुड़ी ऑडियो क्लिप मिली हैं. साथ ही वह पाकिस्तान समर्थित 'इब्न-ए-कासिम' चैनल पर भी सक्रिय था. अब जांच एजेंसिया उसके पूरे नेटवर्क को खंगालने में जुटी हैं.
क्या जैश के निशाने पर है मुंबई?
इससे पहले अप्रैल महीने में भी मुंबई से जैश के दो संदिग्ध आतंकी गिरफ्तार किए गए थे. एक आरोपी का नाम मुशाब अहमद उर्फ कलाम और दूसरे का नाम मोहम्मद अमाद था. दोनों वेस्ट मुंबई के रहने वाले थे और काफी लंबे समय से जैश के संपर्क में थे.
पुलिस जांच में पता चला था कि दोनों संदिग्ध आतंकी जैश से जुड़े मिशन खिलाफत ग्रुप और सोल्जर ऑफ प्रॉफिट ग्रुप से जुड़े थे. उन्होंने इंटरनेट के जरिए खिलौना बम बनाने की ट्रेनिंग ली थी और दिल्ली समेत कई राज्यों में खिलौना बम से विस्फोट करने की साजिश रच रहे थे.