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Navratri 2026: 'गरबा नाइट्स' में क्यों बढ़ी प्राइवेट डिटेक्टिव्स की मांग? नवरात्रि में 70% तक उछला कारोबार!

Navratri 2026: नवरात्रि में 'गरबा नाइट्स' के दौरान प्राइवेट डिटेक्टिव्स की मांग में अचानक भारी उछाल आया है। डिटेक्टिव एजेंसियों का कारोबार 70% तक बढ़ गया है. जानें लोग क्यों ले रहे हैं जासूसों की मदद और क्या है इसके पीछे की पूरी वजह?

Written By Ravindra Pratap Singh
Published: Oct 05, 2026, 05:05 PM IST | Updated: Oct 05, 2026, 05:13 PM IST
Image Credit: Garba Night Spy Trend: गरबा और डांडिया नाइट्स में कौन रख रहा है किस पर नजर? नवरात्रि में जासूसों की डिमांड में बंपर उछाल!
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नवरात्रि की धूम और गरबा नाइट्स की चमक-धमक के बीच गुजरात के सूरत से एक हैरान कर देने वाली खबर सामने आ रही है. इन गरबा नाइट्स के दौरान प्राइवेट डिटेक्टिव्स की मांगों में जोरदार उछाल आई है. ये सुनकर हमें थोड़ा अजीब जरूर लग सकता है लेकिन नवरात्रि के बाद गुजरात में शुरू हुए इन त्योहारी सीजंस में शादियों का दौर भी शुरू होता है. ऐसे में लोग अपने पार्टनर्स की लॉयलटी जांचने के लिए प्राइवेट डिटेक्टिव्स की मदद लेते हैं.

कपल्स अपने पार्टनर्स की जासूसी तो करवाते ही है इसके साथ ही पैरेंट्स भी अपने बच्चों की निगरानी करवाने के लिए भी इनका धड़ल्ले से इस्तेमाल कर रहे हैं. त्योहारी सीजन में इन प्राइवेट डिटेक्टिव्स की मांग 50 फीसदी से बढ़कर 70 फीसदी तक जा पहुंची है और ऐसे में ये जासूस लोगों से भर-भर के पैसे वसूल रहे हैं. क्योंकि इन जासूसों के लिए भी ये त्योहार कमाई के लिए सबसे मुफीद अवसर हैं.  पैरेंट्स भी बच्चों की देर रात तक की मूवमेंट पर रख रहे हैं नजर. वहीं कपल्स अपने पार्टनर पर निगरानी के लिए कि वो किसके साथ घूमता है और कहां जाता है, यह जानने के लिए डिटेक्टिव एजेंसियों का सहारा लेती हैं.

पार्टनर पर निगरानी के लिए डिटेक्टिव्स का सहारा

चूंकि ये समय गरबा रास और डांडिया नाइट्स का गुजरात के सबसे लोकप्रिय फेस्टिवल्स में से एक है और ये कई दिनों तक लगातार चलता रहता है ऐसे में लोग जमकर सेलिब्रेशन के मोड में होते हैं. वहीं इसी दौरान कुछ ऐसे लोग भी होते हैं जो अपने पार्टनर के प्रति लॉयल नहीं होते हैं. ऐसे पार्टनर्स को जब अपने साथी पर संदेह होने लगता है तो वो इसे दूर करने के लिए डिटेक्टिव्स का सहारा लेते हैं.  गरबा नाइट्स अब केवल ट्रेडिशनल डांस इवेंट नहीं रहा ये एक बड़ा सोशल इवेंट बन चुका है. ऐसे में लोग खुलकर अपने पार्टनर्स के साथ एंजॉय करते हुए नजर आते हैं.

जासूसी के बाजार को मिला बड़ा उछाल

वहीं इस सीजन की शुरुआत के साथ ही लोगों के यहां शादियों के रिश्ते भी तय होने शुरू हो जाते हैं. इस वजह से जो लोग अपने बच्चों (लड़के या लड़कियों) की शादियां तय करते हैं उनके बारे में पता करवाने के लिए भी इन प्राइवेट डिटेक्टिव्स का इस्तेमाल करते हैं. शादी-विवाह तय करने से पहले पार्टनर्स की बैकग्राउंड जांच (Background Verification) कराने के लिए भी लोग नवरात्रि के इस मौके का खूब फायदा उठा रहे हैं. गरबा पंडालों में प्राइवेट डिटेक्टिव्स आम लोगों की तरह घुल-मिल जाते हैं और बिना किसी को खबर हुए अपना काम निपटाते हैं. भक्ति और उमंग के इस पावन पर्व पर अपनों की हिफाजत और सच्चाई जानने की इसी चाहत ने जासूसी के इस बाजार में जबरदस्त उछाल ला दिया है.

नवरात्रि में क्या होता है जासूसों का पैकेज?

नवरात्रि में डिटेक्टिव एजेंसियों के लिए उनका खास पैकेज होता है. अगर आप हर रोज की जानकारी लेना चाहते हैं तो रोजाना के लिए 5 हजार से 7 हजार रुपये तक का चार्ज. 7 दिनों के सर्विलांस के लिए 45 हजार रुपये और 10 दिनों के पैकेज के लिए 60 हजार रुपये का चार्ज करते हैं. वहीं ये डिटेक्टिव्स आधुनिक टेक्नोलॉजी से सर्विलांस के लिए तरह-तरह के गैजेट्स का इस्तेमाल कर कॉइन साइज (सिक्के के आकार) के छोटे GPS ट्रैकर से व्यक्ति की मूवमेंट ट्रैक करने का दावा करते हैं. कार के लिए मैग्नेटिक और वायर्ड GPS ट्रैकर्स का भी इस्तेमाल होने की जानकारी. पावर बैंक और शर्ट क्लिप जैसे दिखने वाले छुपे हुए कैमरों से रिकॉर्डिंग का ट्रेंड. पेन ड्राइव जैसे दिखने वाले वॉयस रिकॉर्डर से ऑडियो रिकॉर्डिंग की सुविधा. 

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About the Author

रवींद्र प्रताप सिंह ने साल 2015 में जागरण.कॉम से डिजिटल मीडिया में कदम रखा मौजूदा समय वो ज़ी न्यूज डिजिटल में चीफ सब एडिटर हैं. अगस्त 2025 में उन्होंने ज़ी न्यूज ज्वाइन किया है. रवींद्र देश और दुनिया की खबरों के अलावा खेलों में क्रिकेट जगत और क्राइम की खबरों पर बेहतरीन पकड़ रखते हैं. इसके पहले रवींद्र रिपब्लिक भारत में इवनिंग शिफ्ट के इंचार्ज रहे और शाम की शिफ्ट संभालते हुए होम पेज की जिम्मेदारी रवींद्र के ऊपर थी. उससे पहले रवींद्र ने जनसत्ता और न्यूज नेशन में भी शाम की शिफ्ट और होम पेज की जिम्मेदारी बखूबी निभाई. इसके पहले रवींद्र ने 5 सालों तक पी7 और लाइव इंडिया जैसे न्यूज चैनलों में काम किया था. रवींद्र आकाशवाणी में काम करने का अनुभव रखते. अवध यूनिवर्सिटी से मॉस कम्युनिकेशन से पोस्ट ग्रेजुएट रवींद्र पिछले डेढ़ दशक से सक्रिय पत्रकारिता कर रहे हैं. आप रवींद्र से जुड़ने के लिए Ravindra.Singh@India.com पर मेल कर सकते हैं या फिर फेसबुक पर संपर्क करने के लिए https://www.facebook.com/pintu.singh.397 और एक्स पर https://x.com/rs66533 रवींद्र से संपर्क किया जा सकता है. 
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