'सब आ गए न पहाड़, कोई रह तो नहीं गया'? लॉन्ग वीकेंड के चक्कर में लगा 'महा'जाम, नैनीताल से मनाली तक गाड़ियों का मेला
Weekend Traffic Jam On Hill: पहाड़ों में लॉन्ग वीकेंड के चलते स्थानीय लोगों का जीवन दूभर हो रहा है. दूर-दूर तक पर्यटकों की आवाजाही, गाड़ियों की लंबी कतारें और 3-4 किलोमीटर तक लगे लंबे जाम ने पहाड़ों के शांत वातावरण में खलल डालने का काम किया है. शनिवार को तो स्थिति और भी खराब रही.
Weekend Traffic Jam: 3 दिन के वीकेंड और लंबी छुट्टियों के चलते पहाड़ों में पर्यटकों की आवाजाही बढ़ गई है. नैनीताल से मसूरी, अल्मोड़ा और कैंचीधाम जैसे पर्यटन स्थल पूरी तरह पैक हो गए हैं. शनिवार ( 3 अक्टूबर 2026) को भारी जाम के चलते सड़कें जाम हो गई और घंटो तक लोग ट्रैफिक में फंसे रहे. इस स्थिति ने पहाड़ों की शांति तो भंग कर ही दी साथ ही वहां रहने वाले स्थानीय लोगों का जीवन भी संकट में डाल दिया है.
पर्यटकों के अलावा स्थानीय लोग भी जाम में फंस गए. कई घंटो तक ट्रैफिक में फंसे रहने के चलते उन्हें भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. लंबी छुट्टियों के चलते सड़कों में वाहनों की लंबी कतारें लगी हुई हैं. 2-3 किलोमीटर तक लगे जाम के चलते न कई गाड़ी आगे बढ़ पा रही है और यातायात की रफ्तार भी बेहद धीमी हो गई है. इससे बच्चे, बड़े-बूढ़े और पर्यटक काफी परेशान हैं.
जाम के बावजूद नहीं रुकी पर्यटकों की आवाजाही
शनिवार ( 3 अक्टूबर 2026) के नैनीताल पहुंचने वाले पर्यटक वाहनों पर काफी दबाव पड़ा. यहां हल्द्वानी, भवाली और कालाढूंगी मार्ग पर कई किलोमीटर लंबा जाम लगा रहा. पुलिस स्पेशल ट्रैफिक प्लान लागू करने के बावजूद घंटों तक ट्रैफिक कंट्रोल प्लान लागू करने में नाकामयाब रही. शहर के DSA ग्राउंड, सूखाताल और मेट्रोपोल समेत प्रमुख पार्किंग स्थल सवेरे ही पूरे पैक हो गए.
पुलिस ने हल्द्वानी रूट से आने वाले वाहनों को रूसी बाइपास और कालाढूंगी रूट से आने वाले को नारायण नगर में ही रोकना शुरू कर दिया. यहां पर्यटकों को शटल सर्विस से वापस भेजने की व्यवस्था की गई, लेकिन एंट्री पॉइंट पर ही वाहनों की लंबी लाइन लग गई.
कैंची धाम में पर्यटकों का हुजूम
कैंची धाम में भी शनिवार ( 3 अक्टूबर 2026) को सुबह से ही भक्तों की भारी भीड़ रही. बाबा नीब करौरी आश्रम के मेन गेट और पूरे मार्केट में सुबह से ही हजारों श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ गई, जिससे व्यवस्थाएं चरमरा गईं. भारी भीड़ के चलते मंदिर के आसपास अफरा-तफरी मच गई. हालांकि, मंदिर मैनेजमेंट और व्यवस्था में तैनात सुरक्षाकर्मियों ने व्यवस्था संभालने में एड़ी-चोटी का जोर लगाया.
कैंची धाम के अलावा अल्मोड़ा के प्रसिद्ध जागेश्वर धाम में भी वीकेंड पर भक्तों की भारी भीड़ रही, जिससे पूरे इलाकों में वाहनों का दबाव बना रहा. जाम में फंसे रहने के चलते स्थानीय लोग और पर्यटकों को काफी मुसीबत का सामना करना पड़ा.
हिमाचल में जाम से हालत खराब
हिमाचल प्रदेश में भी पर्यटक लॉन्ग वीकेंड का आनंद लेने पहुंचे. यहां कुल्लू-मनाली के आसपास भारी ट्रैफिक रहा. इसके चलते लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा.
मनाली एंट्री गेट से लेकर मॉल रोड, सोलांग नाला और अटल टनल तक जाने वालों रूट पर भारी जाम के चलते वाहन रेंगते हुए नजर आए. वहां कुछ ही किलोमीटर की दूरी पर पर्यटकों को घंटों जाम में फंसा रहना पड़ा. यहां मनाली-शिमला के होटलों और होमस्टे में ऑक्यूपेंस बढ़कर 70-95 प्रतिशत तक पहुंच गई है. जिभी की तरफ जाने वाले रूट पर भी कई जगह पर जाम के चलते गाड़ियां रुक-रुककर चलती रही, जिससे पर्यटकों को परेशानी का सामना करना पड़ा.