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आगे-आगे शूटर... पीछे-पीछे मुंबई पुलिस, 900 KM दूर कोटा में ऐसे दबोचे गए टाइगर पर गोली चलाने वाले

बॉलीवुड एक्टर टाइगर श्रॉफ पर फायरिंग करने वाले शूटरों को मुंबई पुलिस ने 900 किलोमीटर दूर कोटा से धर दबोचा. जानिए मुंबई क्राइम ब्रांच ने कैसे बिछाया जाल और कैसे हत्थे चढ़े आरोपी?

आगे-आगे शूटर... पीछे-पीछे मुंबई पुलिस, 900 KM दूर कोटा में ऐसे दबोचे गए टाइगर पर गोली चलाने वाले
Image Credit: सूरत से कोटा तक... ऐसे शिकंजे में आए शूटर, मुंबई पुलिस ने बिछाया जाल और ट्रेन से दबोचे गए आरोपी; DCP के बड़े खुलासे

बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ पर हाल ही में हुए फायरिंग मामले ने पूरे देश में हलचल मचा दी है. इस हाई-प्रोफाइल मामले में मुंबई पुलिस तेजी से एक्शन ले रही है. हाल ही में मुंबई पुलिस के डीसीपी राजतिलक रौशन ने इस घटना से जुड़े कई अहम और बड़े खुलासे किए हैं. पुलिस की सूझबूझ और कई राज्यों की पुलिस के मिले-जुले प्रयासों से आरोपियों को धर दबोचा गया है. आइए जानते हैं इस पूरे घटनाक्रम और पुलिस की अब तक की कार्रवाई की पूरी कहानी.

रविवार (18 अक्टूबर) की शाम करीब 7:15 बजे अभिनेता टाइगर श्रॉफ को निशाना बनाकर फायरिंग की गई थी. गनीमत यह रही कि निशाने पर सीधे टाइगर श्रॉफ नहीं आए. टाइगर की गाड़ी बुलेटप्रूफ नहीं थी, लेकिन हमलावरों का सीधा इरादा हत्या करने का ही था. चौंकाने वाली बात यह है कि हमलावर गाड़ी पर गोली चलाने से ठीक पहले 15-20 मिनट तक घटनास्थल पर ही मौजूद थे.

मुंबई पुलिस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर किया खुलासा

शुरुआती जानकारी के मुताबिक, तीन लोग दो मोटरसाइकिलों पर सवार होकर आए थे. वारदात को अंजाम देने के बाद पांच राउंड फायरिंग करके वे अंधेरी की तरफ भाग निकले. पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी पिछले 20 दिनों से मुंबई में ही रह रहे थे. पिछले रविवार को उन्होंने घटनास्थल और उसके आसपास के मैदान की रेकी भी की थी, जो वहां लगे सीसीटीवी फुटेज में साफ तौर पर कैद हुई है. उन्होंने 11 सितंबर को 25,000 रुपये में एक मोटरसाइकिल भी खरीदी थी.

ऐसे चला पुलिस का सर्च ऑपरेशन और गिरफ्तारी

वारदात के बाद मुंबई पुलिस की करीब 20 स्पेशल टीमें बनाई गईं. पुलिस ने फील्ड वर्क और टेक्निकल एनालिसिस का सहारा लेते हुए सबसे पहले उस बाइक को ढूंढा जिसका इस्तेमाल हमले में हुआ था. यह बाइक अंधेरी वेस्ट रेलवे स्टेशन के पास लावारिस हालत में मिली. इसके बाद सीसीटीवी फुटेज और टेक्निकल एनालिसिस के जरिए पुलिस ने तीनों आरोपियों के भागने के रास्ते का पता लगाया. यह जानकारी सामने आई कि वे नॉर्दर्न मुंबई की तरफ गए और वहां से सड़क मार्ग से सूरत पहुंच गए. सूरत से उन्होंने पुणे-जयपुर एक्सप्रेस ट्रेन पकड़ी.

आगे-आगे आरोपी और पीछे-पीछे मुंबई पुलिस

मुंबई पुलिस लगातार उनके पीछे थी और उनका पीछा कर रही थी. सही समय पर आगे की सटीक जानकारी कोटा पुलिस को दी गई. कोटा पुलिस ने बिना देर किए अचूक कार्रवाई करते हुए तीनों आरोपियों को कोटा रेलवे स्टेशन पर धर दबोचा. इसके बाद मुंबई पुलिस की टीम भी कोटा पहुंच गई और कानूनी प्रक्रिया पूरी कर उन्हें अपनी हिरासत में ले लिया है. आरोपियों को जल्द ही ट्रांजिट रिमांड पर मुंबई लाया जाएगा. इस पूरे ऑपरेशन में दिल्ली पुलिस, गुजरात पुलिस और राजस्थान पुलिस का भी बहुत बड़ा सहयोग रहा.

डीसीपी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में किए ये बड़े खुलासे

आरोपी नाबालिग नहीं हैं: पुलिस ने उन अफवाहों और दावों को पूरी तरह खारिज कर दिया जिनमें किसी आरोपी के नाबालिग होने की बात कही जा रही थी. डीसीपी ने साफ किया कि सभी आरोपी बालिग हैं. पकड़े गए तीनों आरोपियों में से एक की उम्र 18 साल और बाकी दो की उम्र 22 साल है. इनमें से 2 आरोपी हरियाणा के हैं और 1 बिहार का रहने वाला है, जबकि एक आरोपी के अंधेरी का ही रहने वाला होने की बात भी सामने आ रही है.

हथियारों की तलाश: पुलिस को आशंका है कि वारदात के बाद आरोपियों ने अपनी पिस्तौल और अन्य हथियार कहीं रास्ते में फेंक दिए होंगे, जिनकी तलाश जारी है.

लॉरेंस बिश्नोई गैंग और सोशल मीडिया पोस्ट: पुलिस इस एंगल से भी जांच कर रही है कि क्या इस हमले के पीछे लॉरेंस बिश्नोई गैंग का हाथ है. सोशल मीडिया पर वारदात की जिम्मेदारी लेने वाले पोस्ट और कुछ वायरल ऑडियो क्लिप्स की सत्यता की जांच की जा रही है. पुलिस यह भी देख रही है कि क्या अन्य राज्यों से आई धमकी भरी कॉल्स या ऑडियो की आवाज इन आरोपियों से मेल खाती है या नहीं. लॉरेंस बिश्नोई की कस्टडी हासिल करने के लिए भी कानूनी प्रक्रियाओं और एसओपी (SOP) का पालन किया जा रहा है.

धमकी का कोई पुराना रिकॉर्ड नहीं: डीसीपी ने स्पष्ट किया कि मुंबई पुलिस के रिकॉर्ड में ऐसा कोई मामला दर्ज नहीं है जिससे यह पता चले कि टाइगर श्रॉफ को इस घटना से पहले कोई धमकी मिली थी या उन्होंने इसकी कोई शिकायत पुलिस से की थी.

सुरक्षा के कड़े इंतजाम: इस घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कड़े कदम उठाए जा रहे हैं. खतरे के आकलन के आधार पर अन्य कलाकारों और हाई-प्रोफाइल लोगों की सुरक्षा पर भी विचार किया जा रहा है.

आगे क्या होगी कार्रवाई?

फिलहाल पुलिस ने इस मामले में 'हत्या का प्रयास' (Attempt to Murder) और 'आर्म्स एक्ट' के तहत गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है और ट्रांजिट रिमांड पर मुंबई पुलिस ले गई, जिन्हें 48 घंटे के भीतर कोर्ट में पेश किया जाएगा. पुलिस का मानना है कि यह कोई छिटपुट घटना नहीं है, बल्कि इसके पीछे एक बड़ी साजिश हो सकती है. जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ेगी और अन्य कड़ियां जुड़ेंगी, इस साजिश में शामिल और भी चेहरों बेनकाब किया जाएगा और सभी आरोपियों को कानून के कटघरे में खड़ा किया जाएगा. मुंबई पुलिस की टीमें लगातार हर एक सबूत को बारीकी से खंगालने में जुटी हुई हैं.

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About the Author

Ravindra Pratap Singh

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रवींद्र प्रताप सिंह ने साल 2015 में जागरण.कॉम से डिजिटल मीडिया में कदम रखा मौजूदा समय वो ज़ी न्यूज डिजिटल में चीफ सब एडिटर हैं. अगस्त 2025 में उन्होंने ज़ी न्यूज ज्वाइन किया है. रवींद्र देश और दुनिया की खबरों के अलावा खेलों में क्रिकेट जगत और क्राइम की खबरों पर बेहतरीन पकड़ रखते हैं. इसके पहले रवींद्र रिपब्लिक भारत में इवनिंग शिफ्ट के इंचार्ज रहे और शाम की शिफ्ट संभालते हुए होम पेज की जिम्मेदारी रवींद्र के ऊपर थी. उससे पहले रवींद्र ने जनसत्ता और न्यूज नेशन में भी शाम की शिफ्ट और होम पेज की जिम्मेदारी बखूबी निभाई. इसके पहले रवींद्र ने 5 सालों तक पी7 और लाइव इंडिया जैसे न्यूज चैनलों में काम किया था. रवींद्र आकाशवाणी में काम करने का अनुभव रखते. अवध यूनिवर्सिटी से मॉस कम्युनिकेशन से पोस्ट ग्रेजुएट रवींद्र पिछले डेढ़ दशक से सक्रिय पत्रकारिता कर रहे हैं. आप रवींद्र से जुड़ने के लिए Ravindra.Singh@India.com पर मेल कर सकते हैं या फिर फेसबुक पर संपर्क करने के लिए https://www.facebook.com/pintu.singh.397 और एक्स पर https://x.com/rs66533 रवींद्र से संपर्क किया जा सकता है. 
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