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'राष्ट्र कमजोर हुआ तो धर्म खतरे में...' मुंबई में बोले RSS चीफ मोहन भागवत- भारत के पास है हर समस्या का समाधान

मुंबई में आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि राष्ट्र कमजोर हुआ तो धर्म खतरे में पड़ जाएगा. उन्होंने जोर देकर कहा कि दुनिया की हर समस्या का समाधान भारत के पास है.

'राष्ट्र कमजोर हुआ तो धर्म खतरे में...' मुंबई में बोले RSS चीफ मोहन भागवत- भारत के पास है हर समस्या का समाधान
Image Credit: मुंबई में बोले RSS प्रमुख- भारत के पास है दुनिया की हर समस्या का समाधान, राष्ट्र और धर्म एक-दूसरे के पूरक!

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत ने मुंबई में ऑल इंडिया विहार सेवा ग्रुप के 14वें वार्षिक सम्मेलन में हिस्सा लिया. इस दौरान उन्होंने समर्पण, राष्ट्र और धर्म से जुड़े विषयों पर अपनी बात रखी. भागवत ने कहा कि राष्ट्र और धर्म को केवल बोलने तक सीमित नहीं रखना चाहिए, बल्कि उन्हें अपने व्यवहार और कर्मों में उतारने की कोशिश करनी चाहिए. उन्होंने कहा कि इसे उपदेश देने की जरूरत नहीं है. संघ में ऐसे लाखों लोग हैं, जो बिना किसी अपेक्षा के अपना समय और पैसा देश की सेवा में लगाते हैं.

संघ प्रमुख ने समर्पण के महत्व का जिक्र करते हुए कहा कि जब किसी व्यक्ति का समर्पण नेक, सुंदर और पवित्र उद्देश्य के लिए होता है, तो उसका जीवन सार्थक बन जाता है. उन्होंने कहा कि ऐसे उद्देश्य के लिए खुद को समर्पित करने का अवसर मिलना सौभाग्य की बात है. भागवत ने यह भी कहा कि जीवन में किसी सार्थक उद्देश्य को तलाशने के लिए कई जन्मों तक तपस्या करनी पड़ सकती है. संभव है कि किसी व्यक्ति ने अपने पिछले जन्मों में ऐसा प्रयास किया हो.

हमें ज्ञान को आज की पीढ़ी तक पहुंचाना हैः भागवत

हमें ज्ञानेश्वरी को आज की पीढ़ी तक पहुंचाना है. आज की पीढ़ी को इसे समझना चाहिए. हम कहते हैं कि यह आज भी प्रासंगिक है. लेकिन हमें यह समझना चाहिए कि ज्ञानेश्वरी कल भी प्रासंगिक थी, आज भी है और आगे भी रहेगी... उपनिषद भारतीय चिंतन परंपरा का सार हैं. यह इतना विशाल और शाश्वत है तीनों कालों में सत्य ये है कि मनुष्य ने इंसान होने, इंसान की मंजिल, जीवन क्या है, जीवन किस ओर जा रहा है, दुनिया क्या है और इसका क्या मकसद है, इन सबके बारे में जो भी सोचा है और आगे भी सोचेगा, वे सभी दार्शनिक विचार भगवद गीता में समाहित हैं... क्योंकि यह शाश्वत सत्यों के बारे में है, और शाश्वत चीजें कभी नहीं बदलतीं. जैसे हम 'Gen Z' कहते हैं, 'Gen Z' आजकल इस्तेमाल होने वाला शब्द है...'

मानव स्वभाव शाश्वत है. इसलिए, वह ज्ञान जो हमें बताता है कि मनुष्य को संसार में कैसे रहना चाहिए, संसार को कैसे समझना चाहिए और सत्य का आधार क्या है, शाश्वत है. यदि हम भारत और भारत के बाहर की विभिन्न परंपराओं का अध्ययन करें, तो हम पाते हैं कि वे सभी एक समान हैं. जिसे दर्शन कहा जाता है, उस दर्शन का निष्कर्ष, दुनिया की प्राचीन परंपराओं से लेकर आधुनिकतम परंपराओं तक, एक ही है. निश्चित रूप से, मानव इतिहास के आरंभ में, किसी मनुष्य ने इस संसार के बारे में विचार किया होगा और अपने अनुभवों के आधार पर मूलभूत बातें प्रस्तुत की होंगी. तब से लेकर युवल नूह हरारी तक, संपूर्ण विचार-प्रणाली का निष्कर्ष एक ही है... इसे समझाने के लिए उन्होंने जो विधि अपनाई, वह उस समय की परिस्थितियों के अनुरूप और उपयुक्त थी.

राष्ट्र और धर्म को बताया एक-दूसरे से जुड़ा

मोहन भागवत ने राष्ट्र और धर्म के संबंध पर भी बात की. उन्होंने कहा कि भारतीय परंपरा में राष्ट्र और धर्म को अलग-अलग नहीं देखा गया है. राष्ट्र का उद्देश्य धर्म है और धर्म राष्ट्र की सेवा के लिए है. उन्होंने कहा कि जब राष्ट्र कमजोर होता है तो धर्म पर भी खतरा आता है. वहीं, धर्म का अभ्यास कमजोर होने पर राष्ट्र के पतन की स्थिति बनती है. इसलिए दोनों को साथ लेकर आगे बढ़ना जिम्मेदारी है. भागवत ने कहा कि जब पढ़ाई में जुटे युवा ज्ञान की परंपरा को बचाने के लिए अपना समय देते हैं, तो यह राष्ट्र की सेवा के साथ-साथ धर्म का कार्य भी है.

भारत से दुनिया को उम्मीद

संघ प्रमुख ने कहा कि दुनिया इस समय कई तरह के तनाव और असंतुलन से जूझ रही है. उनके मुताबिक, हर खुशी के साथ कोई न कोई कमी जुड़ी रहती है और अलग-अलग निष्ठाओं के बीच टकराव भी देखने को मिलता है. उन्होंने कहा कि दुनिया को आगे का रास्ता भारत से मिलने की उम्मीद है. भागवत ने कहा कि करीब 3,000 वर्षों तक भारत ने किसी दूसरे देश को जीते बिना, किसी का धर्म परिवर्तन कराए बिना और किसी मुद्दे पर हमला किए बिना दुनिया को सुख और शांति का रास्ता दिखाया. सम्मेलन में संघ के कार्यकर्ताओं के साथ बड़ी संख्या में छात्रों ने भी हिस्सा लिया.

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About the Author

Ravindra Pratap Singh

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रवींद्र प्रताप सिंह ने साल 2015 में जागरण.कॉम से डिजिटल मीडिया में कदम रखा मौजूदा समय वो ज़ी न्यूज डिजिटल में चीफ सब एडिटर हैं. अगस्त 2025 में उन्होंने ज़ी न्यूज ज्वाइन किया है. रवींद्र देश और दुनिया की खबरों के अलावा खेलों में क्रिकेट जगत और क्राइम की खबरों पर बेहतरीन पकड़ रखते हैं. इसके पहले रवींद्र रिपब्लिक भारत में इवनिंग शिफ्ट के इंचार्ज रहे और शाम की शिफ्ट संभालते हुए होम पेज की जिम्मेदारी रवींद्र के ऊपर थी. उससे पहले रवींद्र ने जनसत्ता और न्यूज नेशन में भी शाम की शिफ्ट और होम पेज की जिम्मेदारी बखूबी निभाई. इसके पहले रवींद्र ने 5 सालों तक पी7 और लाइव इंडिया जैसे न्यूज चैनलों में काम किया था. रवींद्र आकाशवाणी में काम करने का अनुभव रखते. अवध यूनिवर्सिटी से मॉस कम्युनिकेशन से पोस्ट ग्रेजुएट रवींद्र पिछले डेढ़ दशक से सक्रिय पत्रकारिता कर रहे हैं. आप रवींद्र से जुड़ने के लिए Ravindra.Singh@India.com पर मेल कर सकते हैं या फिर फेसबुक पर संपर्क करने के लिए https://www.facebook.com/pintu.singh.397 और एक्स पर https://x.com/rs66533 रवींद्र से संपर्क किया जा सकता है. 
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