पैकेज्ड वॉटर में जहर का घोल: महाराष्ट्र में FDA का बड़ा एक्शन, 80,000 पानी की बोतलें जब्त; जांच के घेरे में 3 बड़े ब्रांड्स
Maharashtra FDA Action: महाराष्ट्र में फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) के कमिश्नर तुकाराम मुंढे की टीम ने एक बड़ा अभियान चलाते हुए पानी की बोतलों के स्टॉक पर बड़ा एक्शन लिया है. इसके तहत 3 पैकेज्ड ड्रिंकिंग वॉटर वाले ब्रांड्स के सैंपल लिए गए.
Water Bottle Seized In Maharashtra: महाराष्ट्र में पिछले कुछ समय से लगातार फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) के कमिश्नर तुकाराम मुंढे खाने-पीने की चीजों और साफ-सफाई पर नजर बनाए हुए हैं. उनकी ओर से लिए जा रहे एक्शन की भी खूब चर्चा हो रही है. अगले महीने दिवाली भी आने वाली है. ऐसे में FDA और एक्टिव हो गया है.
FDA ने मंगलवार ( 6 अक्टूबर 2026) को कमिश्नर तुकाराम मुंढे के आदेश पर सेफ फूड अभियान के तहत धुले के नरदाना इंडस्ट्रियल एरिया में शिवा बेवरेजेज LLP का निरीक्षण किया. इस दौरान जांच के लिए 3 पैकेज्ड ड्रिंकिंग वॉटर ब्रांड्स बरेली, ग्रीष्मा एक्वा और एक्वा अजंता के सैंपल लिए. इस दौरान लत ब्रांडिंग और खराब क्वालिटी के शक में 80,000 PET बोतलों का बचा हुआ स्टॉक जब्त कर लिया गया.
पानी के साथ मावे पर भी कार्रवाई
FDA की ओर से की गई इस कार्रवाई में कुल 8 लाख रुपये की कीमत का सामान जब्त किया गया. इकट्ठा किए गए सैंपल टेस्टिंग के लिए लैब भेजे गए हैं और रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी. FDA ने कुछ दिन पहले त्योहारों के मौसम को देखते हुए धराशिव जिले के येरमाला में बड़ी कार्रवाई की थी. इसके तहत कलांब तालुका के येरमाला क्षेत्र में मावे के एक बड़े बाजार का निरीक्षण करते हुए मिलावट के संदेह में 325 किलो का मावा जब्त किया. इस मावे की मार्केट प्राइस 74,750 रुपये थी. वहीं, इसे बेचने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई की गई.
त्योहारों से पहले FDA का एक्शन
फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन की ओर से लगातार की जा रही कार्रवाई से साफ पता लगता है कि त्योहारों से पहले प्रशासन फूड सेफ्टी को लेकर एक्टिव हो गया है. ऐसे में नागरिकों की सेहत से खिलवाड़ करने वाले दुकानदार और व्यापारी प्रशासन की रडार पर हैं. नारदाना से मिली पानी की बोतलों के सैंपल को लैब में भेजा गया है और रिपोर्ट आने के बाद ही मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी.
बेबी फूड प्रोडक्ट्स पर भी की थी कार्रवाई
बता दें कि इससे पहले FDA ने बेबी फूड प्रोडक्ट्स पर एक्शन लेते हुए मैनुफैक्चरर्स के लिए नियम जारी किए थे. इसके तहत कंपनी को अपने सभी पैकेजों पर 'मां का दूध सबसे अच्छा है' का मैसेज लिखना अनिवार्य किया गया था. इसके अलावा बेबी फूड प्रोडक्ट्स में मां और बच्चे की तस्वीर छापने पर भी बैन लगाया था. FDA का का कहना था कि बच्चों के लिए ब्रेस्टफीडिंग बेहद जरूरी है. ऐसे में इन प्रोडक्ट्स पर भी इस मैसेज को बढ़ावा दिया जाना चाहिए.