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जंगलों से लेकर बागों तक बिछा खाकी का जाल: 24 घंटे में लश्कर के नेटवर्क को 2 बड़े झटके

सुरक्षा बलों ने जंगलों से लेकर बागों तक बिछाए घेराबंदी के जाल से 24 घंटे में लश्कर-ए-तैयबा के नेटवर्क को दो बड़े झटके दिए हैं. आतंकियों के नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए बड़े पैमाने पर ऑपरेशन जारी है.

Written By Khalid Hussain Edited By Ravindra Pratap Singh
Published: Oct 08, 2026, 07:48 PM IST | Updated: Oct 08, 2026, 07:53 PM IST
Image Credit: पीर पंजाल के जंगलों में छिपे आतंकियों की टूटी कमर! SOG और सेना के ज्वाइंट ऑपरेशन में मिला हथियारों का जखीरा
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सुरक्षाबलों ने बड़े पैमाने पर आतंकी के खिलाफ कार्रवाई. शहरों से लेकर जंगलों तक सुरक्षाबल घातक अभियान  कर रहे हैं. कुलगाम में OGW की गिरफ्तारी और हंदवाड़ा में हथियारों का जखीरा मिलना आतंकी नेटवर्क के लिए दो बड़े झटके हैं. जम्मू-कश्मीर पुलिस के SOG (स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप) की अगुवाई में संयुक्त सुरक्षा बलों ने पिछले 24 घंटों में आतंकियों को दो बड़े झटके देने के बाद सड़कों, जंगलों और बागों में अपनी कार्रवाई तेज कर दी है.

आतंकियों के छिपे हुए हथियारों और गोला-बारूद का पता लगाने और OGW नेटवर्क को तोड़ने के लिए बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान चलाए जा रहे हैं. इसका मकसद पीर पंजाल और ऊंचाई वाले इलाकों के जंगलों में छिपे सक्रिय आतंकियों को लॉजिस्टिक्स सपोर्ट से काटकर उन्हें बाहर निकालना है. सुरक्षा बलों ने पूरे कश्मीर में बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान शुरू किया है, खासकर पीर पंजाल पर्वत श्रृंखला से सटे इलाकों में यह कार्रवाई तेज है. पहाड़ों के नीचे स्थित बागों की बारीकी से जांच और तलाशी ली जा रही है.

24 घंटों में सुरक्षा बलों ने आतंकी नेटवर्क को दो बड़े झटके

दक्षिण कश्मीर में आतंकवाद के खिलाफ एक बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए, कुलगाम पुलिस ने विश्वसनीय खुफिया जानकारी के आधार पर 9 राष्ट्रीय राइफल्स (9 RR) और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) की 18वीं बटालियन के साथ मिलकर एक संयुक्त अभियान चलाया. इस दौरान कुलगाम जिले के ख्रेवन चद्दर इलाके से LeT (लश्कर-ए-तैयबा) के पांच आतंकी सहयोगियों को गिरफ्तार किया गया.

उनके पास से भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद बरामद किया गया. बरामद सामान में शामिल हैं:
• 02 पिस्तौल 
• 03 मैगजीन 
• 9 एमएम के 40 राउंड गोला-बारूद 
• 03 ग्रेनेड

पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार किए गए लोग पीर पंजाल की पहाड़ियों में छिपे LeT के सक्रिय आतंकियों के संपर्क में थे और ये पांचों OGW उन्हें लॉजिस्टिक्स सपोर्ट मुहैया करा रहे थे. पुलिस ने इनकी पहचान इस प्रकार की है:

1. तजामुल हुसैन मीर, पिता मंजूर अहमद मीर, निवासी गुफबल. 
2. रहमत अली नाइकू, पिता गुलाम हसन नाइकू, निवासी ख्रेवन. 
3.  तेहरीम अहमद भट, पिता मुश्ताक अहमद भट, निवासी ख्रेवन.
4.  मंजूर अहमद भट, पिता गुलाम हसन भट, निवासी ख्रेवन चद्दर.
5.  किफायत अहमद डार, पिता अब्दुल रशीद डार, निवासी मालताल्हामा, कुलगाम.

पुलिस स्टेशन कुलगाम में कानून की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है. उनके नेटवर्क की पूरी जानकारी और सक्रिय आतंकवादी समूहों से किसी भी तरह के संबंध का पता लगाने के लिए आगे की जांच चल रही है.

हंदवाड़ा में आतंकी नेटवर्क का भंडाफोड़

एक अन्य बड़े ऑपरेशन में, सुरक्षा बलों को उत्तरी कश्मीर में एक और बड़ी कामयाबी मिली. सुरक्षा बलों ने हंदवाड़ा के नगदानार जंगल में आतंकवादियों के ठिकाने का भंडाफोड़ किया और भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद बरामद किया. यह ऑपरेशन SOG हंदवाड़ा पुलिस, भारतीय सेना की 21 राष्ट्रीय राइफल्स (21 RR) और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) की 92 बटालियन द्वारा चलाया गया. उन्होंने हंदवाड़ा क्षेत्र के नगदानार के घने जंगल वाले इलाके में आतंकवादियों के एक ठिकाने का भंडाफोड़ किया और भारी मात्रा में हथियार व अन्य आपत्तिजनक सामग्री बरामद की.

पुलिस के विवरण के अनुसार, घटनास्थल से बरामद सामान में शामिल हैं: 
• एक AK-47 राइफल
• तीन ग्रेनेड 
• AK के 857 राउंड गोला-बारूद 
• PIKA के 192 राउंड गोला-बारूद 
• आठ AK मैगजीन 
• एक साइलेंसर 
• पिस्तौल के 83 राउंड 
• अन्य आपत्तिजनक सामग्री

दो ऑपरेशन में कश्मीर के आतंकी नेटवर्क को बड़ा झटका

अधिकारियों ने कहा कि इन दो ऑपरेशनों ने कश्मीर क्षेत्र में सक्रिय आतंकवादियों और उनके सहयोगी नेटवर्क के मंसूबों को बड़ा झटका दिया है. एक साथ चलाए गए इन ऑपरेशनों - कुलगाम में हथियारों के साथ पांच आतंकवादी सहयोगियों की गिरफ्तारी और हंदवाड़ा में हथियारों से भरे ठिकाने का भंडाफोड़ - से पता चलता है कि जम्मू-कश्मीर पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियां ​​आतंकवादी नेटवर्क को खत्म करने, ओवरग्राउंड वर्करों को बेअसर करने और पूरी घाटी में छिपे हथियारों के जखीरे को नष्ट करने के लिए लगातार और तेज कार्रवाई कर रही हैं. 

अधिकारियों ने कहा कि ये समन्वित कार्रवाई और आतंकवाद-विरोधी ऑपरेशन आतंकवाद के प्रति जीरो-टॉलरेंस (सख्त) रवैये को दिखाते हैं और जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद और उसके इकोसिस्टम के पूरी तरह खत्म होने तक ऐसे तेज ऑपरेशन जारी रहेंगे.

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About the Author

सैयद खालिद हुसैन जम्मू-कश्मीर के एक पुरस्कार विजेता पत्रकार हैं, जिन्हें 24 वर्षों से अधिक का अनुभव है. साल 2014 से 'ज़ी न्यूज़' में चीफ  स्पेशल कोरेस्पोंडेंट के रूप में काम कर रहे हैं.जी मीडिया से पहले हुसैन ने न्यूज़ 18 में नौ साल तक सीनियर कोरेस्पोंडेंट के रूप में काम किया. हुसैन ने अपने करियर की शुरुआत डीडी न्यूज से की थी. हुसैन ने अपनी तालीम श्रीनगर के पब्लिक स्कूल और डीएवी हाई स्कूल से हासिल की. फिर ग्रेजुएशन तक का सफ़र एस.पी हायर सेकेंडरी स्कूल और अमर सिंह कॉलेज से पूरा किया. उसके बाद मास कम्युनिकेशन की पढ़ाई के लिए दिल्ली के सर अरबिंदो इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन से पूरी की. इसके अलावा हुसैन लेखक फ़िल्म/ वीडियो कैमरा का स्पेशल कोर्स एफटीआई पुणे से कर चुके हैं.  मुंबई और दिल्ली में कई साल काम करने के बाद 2004 में उन्होंने जम्मू-कश्मीर में काम करना शुरू किया. डीडी न्यूज़, डीडी कश्मीर, BAG फ़िल्म्स में फ्रीलांस काम किया. हुसैन पिछले दो दशक से भी ज्यादा समय से जम्मू-कश्मीर से जुड़े कई मुद्दों को बेहतरीन तरीके से कवर कर रहे हैं. लद्दाख से लेकर मुंबई तक हुसैन भारत के कई शहरों से रिपोर्टिंग कर चुके हैं.
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