मातम में बदलीं खुशियांः कभी आग तो अब बारिश बनी भगदड़ की वजह, देखें कोलकाता में दुर्गा पूजा पंडाल में कब-कब हुए हादसे?
कोलकाता के दुर्गा पूजा पंडाल में मची भगदड़ से कई परिवारों की खुशियां मातम में बदल गईं. देर रात मची भगदड़ में 19 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि 35 से ज्यादा लोग घायल हो गए. चोरबागान की घटना ने कोलकाता में दुर्गा पूजा के दौरान पहले हुए हादसों की यादें भी ताजा कर दी हैं.
पश्चिम बंगाल के कोलकाता में नवरात्र के अवसर पर दुर्गा पूजा बड़ी धूमधाम से मनाई जाती है. राजधानी में जगह-जगह पर काफी विशाल और भव्य दुर्गा पूजा पंडाल लगाए जाते हैं. हर बार की तरह इस बार भी चोरबागान इलाके की दुर्गा पूजा समिति की ओर से एक भव्य पंडाल लगाया गया था. शनिवार (17 अक्टूबर) की रात तक सबकुछ सही चल रहा था, लेकिन फिर अचानक मची भगदड़ से कई परिवारों की खुशियां मातम में बदल गईं. देर रात मची भगदड़ में 19 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि 35 से ज्यादा लोग घायल हो गए. घायलों का अलग-अलग अस्पतालों में इलाज चल रहा है. हादसे के 10 घंटे बाद भी लोग घटनास्थल पर अपनों की तलाश करने में जुटे हैं. इसे देखते हुए राज्य सरकार की ओर से एक टोलफ्री हेल्पलाइन नंबर जारी किया गया है. इसके अलावा मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने हादसे में मरने वालों के परिजनों को 25-25 लाख रुपये मुआवजा और एक सरकारी नौकरी देने का ऐलान किया है. वहीं, घायलों को 5-5 लाख रुपये के साथ उनके इलाज का खर्च भी सरकार वहन करेगी.
कैसे हुई चोरबागान की घटना?
बता दें कि कोलकाता में होने वाली दुर्गा पूजा पूरी दुनिया में विख्यात है. नवरात्र के मौके पर मां दुर्गा की भव्य प्रतिमाओं और विशाल पंडालों को देखने के लिए देश-विदेश से लोग यहां आते हैं. पूजा समितियों की जरा सी लापरवाही कई बार जनता को बहुत भारी पड़ जाती है. चोरबागान में स्थित दुर्गा पूजा पंडाल में मची भगदड़ इसका ताजा उदाहरण है. बताया जा रहा है कि पूजा समिति ने पंडाल तो काफी विशाल बनवाया था, लेकिन उसके प्रवेश और निकास द्वार को काफी संकरा बनवा रखा था. वीकेंड की छुट्टियों के चलते शनिवार शाम को वहां भारी संख्या में लोग पहुंच गए. रास्ता संकरा होने की वजह से बाहर लंबी कतार लग गई और लोग घंटों से अंदर जाने की प्रतीक्षा कर रहे थे. तभी अचानक से तेज बारिश शुरू हो गई और लोग अंदर जाने की जद्दोजहद करने लगे. प्रवेश मार्ग में रोशनी की सुविधा होने के कारण लोग गिर गए और फिर भगदड़ मच गई. चोरबागान की घटना ने कोलकाता में दुर्गा पूजा के दौरान पहले हुए हादसों की यादें भी ताजा कर दी हैं.
अक्टूबर 2012: खिलौना ट्रेन से एक बच्ची की मौत
साल 2012 में दक्षिण कोलकाता में आयोजित एक दुर्गा पूजा मेले में खिलौना ट्रेन की वजह से बड़ा हादसा हो गया था. मेले में बच्चों के मनोरंजन के लिए आई खिलौना ट्रेन का अलग हिस्सा अचानक से टूटकर अलग हो गया था. इस घटना में एक 11 साल की बच्ची की मौत हो गई थी, जबकि एक अन्य बच्चा भी घायल हुआ था. घटना के बाद पुलिस ने ट्रेन चलाने वाले ऑपरेटर और मेला आयोजक को गिरफ्तार किया था.
इसी साल डायमंड हार्बर में आयोजित दुर्गा पूजा मेले में एक कार बिजली के खंभे से टकरा गई थी. इससे पोल टूटकर नीचे गिर गया था. कार की टक्कर और बिजली के करंट की चपेट में आने से 8 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई थी, जबकि 3 लोग घायल हुए थे. घटना के बाद पुलिस ने कार चालक को गिरफ्तार कर लिया था.
19 अक्टूबर 2015: देशप्रिय पार्क में मची थी भगदड़
कोलकाता में हर साल भव्य दुर्गा पूजा का आयोजन होता है. साल 2015 में देशप्रिय पार्क में आयोजित दुर्गा पूजा मेला में 88 फीट ऊंची दुर्गा प्रतिमा स्थापित की गई थी. 19 अक्टूबर 2015 को मां दुर्गा की इतनी विशाल प्रतिमा को देखने के लिए हजारों की संख्या में लोग पहुंचे थे. मेले में भीड़ अधिक होने के कारण कुछ उपद्रवियों की ओर से हुई धक्का-मुक्की से भगदड़ मच गई थी. इस घटना में 11 लोग घायल हो गए. हालात को देखते हुए पुलिस ने पंडाल में लोगों का प्रवेश रोक दिया था.
30 सितंबर 2017: झूमर से निकले धुएं से मची भगदड़
कोलकाता में स्थित संतोष मित्रा स्क्वायर में 30 सितंबर 2017 को अचानक से भगदड़ मच गई थी. आयोजकों की ओर से तैयार कराए भव्य पंडाल में कई बड़े-बड़े झूमर लगवाए गए थे, जो देखने में काफी आकर्षक लग रहे थे. जानकारी के मुताबिक, पंडाल में लगे एक झूमर में शॉर्ट शर्किट होने से चिंगारी और धुआं निकलने लगा. इससे पंडाल में आग लगने की अफवाह फैल गई और भगदड़ जैसे हालात बन गए. हालांकि, आयोजकों के तुरंत मोर्चा संभालने से कई घायल नहीं हुआ था. इस घटना के बाद पंडाल को करीब 14 घंटे के लिए बंद कर दिया गया था.
28 अक्टूबर 2020: साल्ट लेक पूजा पंडाल में लगी थी आग
कोलकाता के एफडी ब्लॉक में स्थित साल्ट लेक में 28 अक्टूबर 2020 को आग लगने की घटना सामने थी. यह हादसा प्रतिमा के विसर्जन के दौरान हुआ था. जानकारी के मुताबिक, प्रतिमा विसर्जन से पहले ही पूजा पंडाल में शार्ट शर्किट होने से भीषण आग लग गई थी. इससे पंडाल और दुर्गा प्रतिमा जलकर नष्ट हो गए थे. अच्छी बात यह थी कि इस घटना में कोई घायल नहीं हुआ था.
13 अक्टूबर 2021: श्रीभूमि पंडाल में धक्का-मुक्की की घटना
कोलकाता के लेक टाउन इलाके में श्रीभूमि स्पोर्टिंग क्लब की ओर से हर वर्ष दुर्गा पूजा का आयोजन कराया जाता है. साल 2021 को क्लब की ओर से बुर्ज खलीफा की तर्ज दुर्गा पूजा पंडाल बनवाया गया था. इसकी भव्यवता लोगों को आकर्षित करने वाली थी. 13 अक्टूबर 2021 को कुछ उपद्रवियों के आने से पूजा पंडाल में बड़ा हादसा हो गया था. जानकारी के मुताबिक, उपद्रवियों की ओर से किए गए धक्का-मुक्की से तीन लोग घायल हो गए थे. घायलों में महिलाएं और बच्चे भी शामिल थे. स्थिति बिगड़ते देख बिधाननगर पुलिस ने आयोजकों को पंडाल बंद करने का निर्देश दिया था.
पूजा समितियों के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश
कोलकाता पुलिस की ओर से हर बार की तरह इस वर्ष भी दुर्गा पूजा समितियों को गाइडलाइन जारी की थी. इनमें पंडालों के नक्शे, प्रवेश और निकास रास्ते और भीड़ मैनेजमेंट को लेकर तमाम जरूरी शर्तों रखी गई थीं. सरकार की ओर से जारी दिशा-निर्देशों में साफ कहा गया था कि पंडाल विशाल और सभी तरफ से खुले होने चाहिए, जिनमें प्रवेश और निकास के लिए अलग-अलग द्वार बनाने आवश्यक हैं. समितियों से कहा गया था कि अगर पंडाल की छत बंद रखना आवश्यक हो, तो पंडाल के किनारे खुले रखे जाने चाहिए. शासन की ओर से गाइडलाइन जारी होने के बाद भी इतनी बड़ी चूक, कई तरह के सवाल भी खड़े करती है.