हर तरफ चीख-पुकार, चप्पलों का ढेर और अपनों की तलाश; कोलकाता भगदड़ से जुड़े Videos देखकर सहम जाएंगे
कोलकाता के दुर्गा पूजा पंडाल में मची भगदड़ से जुड़े वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं. इनमें घटना की भयावता साफ देखने को मिल रही है. वायरल वीडियो में हर तरफ जूते-चप्पलों का ढेर नजर आ रहा है और लोगों की चीख-पुकार सुनाई दे रही है.
कोलकाता के चोरबागान इलाके में स्थित एक दुर्गा पूजा पंडाल में शनिवार (17 अक्टूबर) की देर रात को बड़ा हादसा हो गया. दुर्गा पूजा पंडाल में अचानक मची भगदड़ में 19 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि 35 से ज्यादा लोग गंभीर रुप से घायल हुए हैं. करीब 10 घंटे गुजरने के बाद भी घटनास्थल पर मातम पसरा है और लोग अब तक अपनों को तलाश रहे हैं. घटनास्थल के आसपास सिर्फ जूते-चप्पलों का ढेर नजर आ रहा है. घटना को लेकर कोलकाता पुलिस ने बताया कि वीकेंड की छुट्टी होने के कारण भारी संख्या में लोग पूजा देखने पहुंचे थे. अचानक हुई बारिश के कारण लोग जल्दी से जल्दी अंदर जाने की कोशिश करने लगे और इसी कारण से भगदड़ मच गई.
वहीं, प्रत्यक्षदर्शियों ने पूजा समिति को भी जिम्मेदार बताया है. चश्मदीदों का कहना है कि पंडाल के रास्ते काफी संकरे थे, जिस वजह से लोग वहां फंस गए. बाहर खड़े लोगों के अंदर जाने की कोशिश में लोग एक-दूसरे पर गिरने लगे और भगदड़ मच गई. इस घटना से जुड़े कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं, जिन्हें देखकर रोंगटे खड़े हो जाएंगे. वायरल वीडियो में हर तरफ सिर्फ चीख-पुकार मची हुई है. सड़कों पर महिलाएं-बच्चे बेहोश पड़े हुए दिखाई दे रहे हैं और लोग उनमें अपनों को खोज रहे हैं.
एक अन्य वीडियो में लोग घायलों को उठाकर अस्पताल ले जाते हुए नजर आ रहे हैं. घटना के वक्त जोरदार बारिश भी देखने को मिल रही है. अचानक हुई बारिश ही इस घटना की बड़ी वजह बताई जा रही है. कुछ वीडियो और फोटो में सड़कों पर मृत महिलाएं पड़ी हुई नजर आ रही हैं. भयावता को देखते हुए इन तस्वीरों और वीडियो को दिखाया भी नहीं जा सकता है.
घटना के बाद मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी भी घटनास्थल पर पहुंचे. सीएम ने इस घटना पर दुख जताते हुए मृतकों के परिवारों को 25-25 लाख रुपये का मुआवजे और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने का ऐलान किया है. वहीं, घायलों के इलाज का पूरा खर्च सरकार उठाएगी. इसके साथ ही सभी घायलों को 5-5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता भी दी जाएगी. राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के साथ-साथ तमाम बड़े राजनेताओं ने इस घटना पर दुख जताया है. घटना क्यों और कैसे हुई, इसकी जांच शुरू कर दी गई है.