सप्तमी की भीड़, संकरी गली और छोटा सा पंडाल... कोलकाता में इतने बड़े हादसे का जिम्मेदार कौन?
चोरबागान पूजा पंडाल में भगदड़ मचने से 19 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कई घायल हैं. प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि हादसे के वक्त मौके पर क्या हालात थे. कैसे संकरी गली में बारिश के चलते भीड़ जुटी और फिर यह हादसा हुआ.
दुर्गा पूजा की धूम के बीच कोलकाता में शनिवार देर रात दर्दनाक हादसा हुआ. शनिवार देर शाम चोरबागान पूजा पंडाल में भगदड़ मच गई. इस दर्दनाक हादसे में 19 लोगों की मौत की पुष्टि हो गई है, जिनमें महिलाएं, पुरुष और बच्चे भी शामिल हैं. 40 से ज्यादा लोग गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं. भगदड़ मचते ही हर तरफ चीख-पुकार मच गई. इस पंडाल में सप्तमी को भारी संख्या में भक्त जुटे थे. हादसे के बाद पंडाल तक पहुंचने वाली संकरी गली में एंबुलेंस को एंट्री लेने में काफी मुश्किल हुई.
शनिवार शाम सप्तमी की भारी भीड़ पंडाल में दर्शन करने पहुंची थी. एक चश्मदीद ने बताया, 'एंट्रेंस बहुत संकरा था और एग्जिट गेट भी संकरा था. इलाके में कोई लाइटिंग नहीं थी, मेरी बेटी और पोती अस्पताल में भर्ती हैं.'
कैसे मची भगदड़?
दुर्गा पूजा की सप्तमी को इस पंडाल में हर साल भारी भीड़ उमड़ती है. पंडाल तक पहुंचने के लिए संकरी गली है. इस बार भी यहां दर्शन के लिए काफी भीड़ जुटी थी. हादसे के वक्त बड़ी तादाद में श्रद्धालु पंडाल के बाहर जुटे थे और अपनी बारी का इंतजार कर रहे थे. तभी अचानक झमाझम बारिश शुरू हो गई.
बारिश से बचने और दर्शन करने की जल्दी में लोग एक साथ पंडाल के अंदर घुसने लगे. इस आपाधापी में आगे चल रहे कई लोग लड़खड़ाकर सड़क पर गिर गए और पीछे से आ रही बेकाबू भीड़ उन पर चढ़ती चली गई. ये भी बताया जा रहा है कि भगदड़ के चलते पंडाल के एग्जिट गेट और ढांचे का एक हिस्सा भरभराकर गिरा.
'बारिश के चलते एक साथ भागे सब और मची भगदड़'
पंडाल में भगदड़ जैसी स्थिति को लेकर एक स्थानीय महिला ने बताया,'भीड़ तो हर साल होती है, लेकिन इस बार बारिश के कारण सभी लोग एक साथ अंदर भागे और इस तरह यह स्थिति पैदा हुई.'
'घायलों को मोटरसाइकिलों पर लादकर ले जाया गया'
हादसे के वक्त मौके पर मौजूद एक चश्मदीद ने भगदड़ का खौफनाक मंजर बयां किया. उसने बताया, 'अचानक भगदड़ मचते ही कई लोग नीचे गिरकर बेहोश हो गए, स्थिति इतनी खराब हो गई कि एंबुलेंस का इंतजार किए बिना कुछ लोगों को मोटरसाइकिलों पर लादकर ले जाया जा रहा था, मैंने अपने आस-पास यही सब होते देखा, जब लोग बेहोश हुए, तो उन्हें बाइकों पर ले जाया गया. यह सब हुआ, और वहां भारी भीड़ भी थी.'
हादसे के बाद पंडाल बंद किए गए
कोलकाता पुलिस के अनुसार, घटना शाम करीब 7:40 बजे की है. बारिश के बीच पंडाल घूमने आए लोगों की भारी भीड़ के कारण शारदा पार्क (चोर बागान) पूजा पंडाल के निकास द्वार पर भगदड़ मच गई. संकरे रास्ते और भारी दबाव के चलते लोग संतुलन खोकर एक-दूसरे पर गिरते चले गए. हादसे के बाद पंडाल को बंद कर दिया गया है. आसपास के पंडाल भी बंद किए गए हैं.
इतने बड़े हादसे की जवाबदेही किसकी?
इस दर्दनाक हादसे में सबसे बड़ा सवाल पंडाल आयोजकों और स्थानीय प्रशासन पर उठ रहा है. सवाल है कि जब हर साल सप्तमी और अष्टमी पर लाखों की तादाद में लोग दर्शन के लिए निकलते हैं, तो संकरी गली में बने इस छोटे से पंडाल में भीड़ कंट्रोल करने के पुख्ता इंतजाम क्यों नहीं किए गए? फिलहाल पुलिस ने आयोजकों को हिरासत में लिया है और जांच की जा रही है.
91 साल से आयोजित हो रहा पंडाल
यह पंडाल उत्तर कोलकाता में मौजूद है, जिसका नाम चोरबागान सार्वजनीन पूजा पंडाल है. गिरिश पार्क थाना क्षेत्र में आने वाला यह पंडाल पिछले 91 साल से आयोजित हो रहा है. पंडाल में एंट्री के लिए 2 और एग्जिट गेट पर 2 मतलब कुल चार गेट हैं. अब सीसीटीवी फुटेज के आधार पर जांच हो रही है कि आखिर भगदड़ कैसे मची.