आर-पार की जंग: घुसपैठ के रास्ते सील, मददगारों पर शिकंजा! जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद के खिलाफ LG मनोज सिन्हा का बड़ा फरमान
जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा है कि किसी भी क्षेत्र में सांप्रदायिक सद्भाव और कानून-व्यवस्था की स्थिति को बिगड़ने नहीं दिया जाएगा. इसके लिए उन्होंने आतंकवाद पर काबू पाने और घुसपैठ को बढ़ावा देने वाले मददरगारों का नेटवर्क ध्वस्त करने के लिए चल रही 'जीरो टॉलरेंस' पॉलिसी को और धारदार बनाने पर जोर दिया है.
उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने शुक्रवार को कश्मीर संभाग की एक उच्च-स्तरीय सुरक्षा समीक्षा बैठक में शीर्ष प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों को आतंकवाद के खिलाफ निर्णायक लड़ाई तेज करते हुए, घुसपैठ के सभी संभावित रास्तों को सील करके घाटी की कानून-व्यवस्था को चाक चौबंद करने के निर्देश दिए हैं. इस मीटिंग में मुख्य सचिव अटल डुल्लू, नामित मुख्य सचिव डॉ. सज्जन सिंह यादव, डीजीपी नलिन प्रभात, अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह) चंद्रकर भारती, विशेष डीजी (समन्वय) एस.जे.एम. गिलानी, एडीजी (सीआईडी) एम के सिन्हा और जम्मू-कश्मीर के अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे.
बैठक की अध्यक्षता करते हुए एलजी मनोज सिन्हा ने सुरक्षा तैयारियों की समीक्षा की और कश्मीर को शांतिपूर्ण और सुरक्षित बनाए रखने के लिए भविष्य की कार्ययोजनाओं को अंतिम रूप दिया.
एलजी ने आतंकी मॉड्यूल के खिलाफ लगातार और आक्रामक कार्रवाई करने का आदेश दिया है. इस काम में तेजी लाने के लिए उन्होंने सभी उपायुक्तों (डिप्टी कमिश्नरों) और एसएसपी को निर्देश दिये हैं कि वो प्रशासन के भीतर मौजूद राष्ट्र-विरोधी तत्वों पर कड़ी नजर रखें और कट्टरपंथ के खिलाफ जारी लड़ाई को जीतने के लिए योजना बनाकर काम करें.
'नशा-मुक्त जम्मू-कश्मीर'
उपराज्यपाल ने विशेष रूप से नार्को-आतंकवादियों और आतंकवाद का समर्थन करने वाले पूरे तंत्र (इकोसिस्टम) की संपत्तियों को जब्त करने की प्रक्रिया की हर महीने समीक्षा करने को कहा. उन्होंने स्पष्ट किया कि नार्को-आतंकी नेटवर्क, नशा तस्करों और नशा बेचने वालों के खिलाफ कार्रवाई तब तक कड़ा एक्शन होते रहना चाहिए, जब तक कि जम्मू-कश्मीर पूरी तरह से नशा-मुक्त न हो जाए.
सिस्तम मजबूत करने की तैयारी
इस मीटिंग में सीमापार पाकिस्तान से होने वाली घुसपैठ रोकने पर भी विशेष जोर दिया गया. सिन्हा ने अधिकारियों को घुसपैठ रोकने वाले तंत्र को मजबूत करने और आतंकवाद विरोधी हर अभियान के दौरान जिला प्रशासन, जम्मू-कश्मीर पुलिस, सेना और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने का निर्देश दिया.
लॉ एंड ऑर्डर पर फोकस
जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा है कि किसी भी क्षेत्र में सांप्रदायिक सद्भाव और कानून-व्यवस्था की स्थिति को कभी भी बिगड़ने नहीं दिया जा सकता. इसके साथ ही उन्होंने स्थायी शांति के लिए विकास की योजनाओं को समय पर पूरा करने और सर्वोत्तम कार्यप्रणालियों को अपनाने पर जोर दिया. उन्होंने ये भी कहा कि जनता की शिकायतों का त्वरित समाधान जरूरी है, इसलिए नागरिकों और पुलिस-प्रशासन के बीच एक मजबूत और निरंतर संपर्क बनाए रखने की कोशिशों को बढ़ावा दिया जाना चाहिए.
जम्मू-कश्मीर में अमन के दुश्मनों के प्रचार (प्रोपगैंडा) को बेअसर करने के लिए, उपराज्यपाल ने जिला-स्तरीय सोशल मीडिया सेल बनाने का निर्देश दिया, जो गलत सूचनाओं का तुरंत (रियल टाइम में) जवाब देंगे और हालात को बिगड़ने से रोकने में कारगर साबित होंगे.
सर्दियों की तैयारी के निर्देश
अगले कुछ महीनों में पड़ने वाली कड़ाके की ठंड (चिल्लई कलां) के मद्देनजर, उन्होंने प्रशासन को निर्देश दिया कि वे सभी जरूरी चीजों का पर्याप्त स्टॉक रखें और रास्तों पर जमने वाली बर्फ को हटाने की मजबूत व्यवस्था बनाकर रखें. अपनी इस बैठक में उन्होंने कश्मीर संभाग की प्रमुख बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की प्रगति की भी समीक्षा भी की.
टेरर नेटवर्क पर जीरो टॉलरेंस
उपराज्यपाल की बैठक का सार ये रहा कि जम्मू-कश्मीर में ऐसा सुशासन आगे भी दिया जाएगा, जिसमें सुरक्षा और विकास दोनों काम एक साथ आगे बढ़ेंगे. इसके लिए आतंकवाद, घुसपैठ या घुसपैठ को बढ़ावा देने वाले आतंकियों के मददरगारों के नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए 'जीरो टॉलरेंस' नीति अपनाई जाएगी.