SOCIAL MEDIA

Newsletter

PARTNER SITES
Select language

बर्फबारी के बीच आतंक और घुसपैठ पर कसेगी लगाम! जम्मू-कश्मीर पुलिस ने बना लिया 'विंटर एक्शन प्लान', सर्दियों में सेफ होगी घाटी

जम्मू-कश्मीर में बर्फबारी के बीच भी आतंक और घुसपैठ पर लगाम कसी रहेगी. इसके लिए जम्मू-कश्मीर पुलिस ने 'विंटर एक्शन प्लान' बना लिया है. इसमें निगरानी के साथ ही आतंकी तत्वों के खिलाफ सख्ती का दौर जारी रहेगा.

Written By Khalid Hussain
Published: Nov 02, 2026, 10:30 PM IST | Updated: Nov 02, 2026, 10:36 PM IST
Image Credit: कश्मीर घाटी में पुलिस ने आतंक और घुसपैठ पर रोक लगाने के लिए प्लान बना लिया है
Join

कश्मीर घाटी में सर्दियों की ठंड शुरू हो चुकी है. आने वाले महीनों में घाटी में विजिबलटी कम हो जाएगी. साथ ही, भारी बर्फबारी भी शुरू हो जाएगी. कामकाज में आने वाली संभावित चुनौतियों को देखते हुए कश्मीर के पुलिस महानिरीक्षक (IGP) ने घाटी के सुरक्षा ग्रिड की अहम बैठक बुलाई. यह बैठक सर्दियों में सुरक्षा बलों की रणनीति पर केंद्रित थी. इससे साफ संकेत मिलता है कि पुलिस नेतृत्व मौसम के पूरी तरह खराब होने और आवाजाही में बाधा आने से पहले ही सुरक्षा ढांचे को पूरी तरह से मजबूत करने की तैयारी कर रहा है.

बैठक में जुटे कश्मीर घाटी के तमाम पुलिस अधिकारी

इस बैठक में घाटी के आसपास के इलाकों और उससे सटे जिलों के प्रमुख ऑपरेशनल कमांडर शामिल हुए. इनमें DIG सेंट्रल कश्मीर रेंज, DIG साउथ कश्मीर रेंज, श्रीनगर, बडगाम, गांदरबल, पुलवामा और अवंतीपोरा के SSP, संबंधित जोनल पुलिस अधीक्षक और स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप के SP शामिल रहे.

सूत्रों के मुताबिक, आसपास के जिलों के अधिकारियों की मौजूदगी इस बात को दर्शा रही थी कि सुरक्षा को अब केवल एक अलग शहरी क्षेत्र के रूप में नहीं देखा जा रहा, बल्कि इसे एक व्यापक क्षेत्रीय ग्रिड के मुख्य केंद्र के रूप में देखा जा रहा है. जिसे सर्दियों के दौरान भी पूरी तरह से सुचारू और मजबूत बनाए रखना जरूरी है.

पुलिस की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, बैठक का मुख्य एजेंडा सर्दियों की रणनीति को ध्यान में रखते हुए घाटी के सुरक्षा ग्रिड को मजबूत करना था. अधिकारियों ने मौजूदा इंतजामों और आने वाले महीनों के लिए पूरी तैयारियों की समीक्षा की.

जोनल इकाइयों और SOG के बीच तालमेल पर जोर

हालांकि आधिकारिक बयान काफी नपे-तुले शब्दों में था, लेकिन बैठक और इसकी प्राथमिकताओं में कई मुद्दे शामिल रहे. इनमें इलाकों पर सख्त नियंत्रण, खुफिया जानकारी पर आधारित अधिक सक्रिय चेक-पॉइंट, शहरों और कस्बों में आने-जाने के रास्तों को और मजबूत करना, सिटी पुलिस, जिला पुलिस, ट्रैफिक विभाग, जोनल इकाइयों और SOG के बीच बेहतर तालमेल बिठाने की बातें शामिल थी. यह सुनिश्चित करना भी बैठक की प्राथमिकता थी कि खुले में या किसी निश्चित स्थान पर तैनात जवानों के पास ऐसे उपकरण और सहायता मौजूद हों, जिससे वे शून्य से नीचे के तापमान में भी प्रभावी ढंग से काम कर सकें.

यह पहली बार नहीं है जब घाटी के सुरक्षा ग्रिड की इतनी बारीकी से समीक्षा की गई है. इस साल की शुरुआत में हुई समीक्षाओं में ही यह बात सामने आई थी कि 'नाका' पॉइंट्स को इस तरह से फिर से व्यवस्थित करने की जरूरत है, जिससे कवरेज में कोई कमी आए बिना ट्रैफिक जाम की समस्या कम हो सके. साथ ही, शहरों और कस्बों के प्रवेश मार्गों पर चेक पोस्ट को मजबूत करने पर भी जोर दिया गया था. बेहतर निगरानी तथा रियल-टाइम जानकारी साझा करने के लिए तकनीक का इस्तेमाल करने पर भी बात हुई थी.

ऐसा लगता है कि बैठक में उन पुराने निर्देशों को ध्यान में रखते हुए सर्दियों की विशेष चुनौतियों को भी शामिल किया गया. जैसे- कम दृश्यता, धीमी प्रतिक्रिया, आवाजाही में संभावित रुकावटें और पहाड़ों के बर्फ से ढक जाने के दौरान जरूरी होने वाली अतिरिक्त सतर्कता.

चौकियों में हीटिंग की व्यवस्था का इंतजाम होगा

कश्मीर में सर्दियों के दौरान आमतौर पर दोहरी चुनौतियां होती हैं. इनमें बचे हुए खतरों और 'ओवरग्राउंड नेटवर्क' पर दबाव बनाए रखना और अपने सुरक्षा बलों को कठोर मौसम से बचाना होता है.

हाल ही में जोन-स्तरीय समीक्षाओं में कई अहम बातों पर चर्चा हुई है, जैसे पुलिस स्टेशनों और चौकियों पर हीटिंग की व्यवस्था हो, सर्दियों के लिए जरूरी उपकरणों की उपलब्धता हो, बर्फ या कोहरे के दौरान तुरंत तैनात होने के लिए 'क्विक रिएक्शन टीमों' की तैयारी बेहतर रहे. साथ ही, 'हाइब्रिड तत्वों' और 'ओवरग्राउंड वर्कर्स' पर लगातार नजर रखी जाए.

इस बैठक में सेंट्रल और साउथ कश्मीर रेंज के DIGs के साथ-साथ श्रीनगर की सुरक्षा घेरे से जुड़े जिलों के SSPs भी शामिल हुए. IGP ने स्पष्ट संकेत दिया है कि शहरों और कस्बों की सुरक्षा को अलग-थलग रहकर सुनिश्चित नहीं किया जा सकता. बडगाम, गांदरबल, पुलवामा, अनंतनाग या अवंतीपोरा में सुरक्षा की कोई भी कमी राजधानी के लिए तुरंत एक बड़ा खतरा बन सकती है. बैठक में SP- SOG की मौजूदगी यह भी दर्शाती है कि इस योजना के केंद्र में विशेष 'काइनेटिक' (सक्रिय कार्रवाई) और खुफिया क्षमताएं बनी हुई हैं.

ऊपरी स्तर से संदेश बिल्कुल साफ है और वह ये है कि सुरक्षा ग्रिड को अधिक मजबूती दी जाएगी. जैसे-जैसे घाटी आने वाले लंबे और ठंडे महीनों के लिए तैयार हो रही है, पुलिस नेतृत्व यह सुनिश्चित कर रहा है कि कश्मीर के सबसे प्रमुख और संवेदनशील शहरी व ग्रामीण इलाकों में सुरक्षा निगरानी और अधिक सख्त, स्मार्ट और मजबूत बनी रहे.
 

Add Zee News as a Preferred Source
TAGS:

About the Author

सैयद खालिद हुसैन जम्मू-कश्मीर के एक पुरस्कार विजेता पत्रकार हैं, जिन्हें 24 वर्षों से अधिक का अनुभव है. साल 2014 से 'ज़ी न्यूज़' में चीफ  स्पेशल कोरेस्पोंडेंट के रूप में काम कर रहे हैं.जी मीडिया से पहले हुसैन ने न्यूज़ 18 में नौ साल तक सीनियर कोरेस्पोंडेंट के रूप में काम किया. हुसैन ने अपने करियर की शुरुआत डीडी न्यूज से की थी. हुसैन ने अपनी तालीम श्रीनगर के पब्लिक स्कूल और डीएवी हाई स्कूल से हासिल की. फिर ग्रेजुएशन तक का सफ़र एस.पी हायर सेकेंडरी स्कूल और अमर सिंह कॉलेज से पूरा किया. उसके बाद मास कम्युनिकेशन की पढ़ाई के लिए दिल्ली के सर अरबिंदो इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन से पूरी की. इसके अलावा हुसैन लेखक फ़िल्म/ वीडियो कैमरा का स्पेशल कोर्स एफटीआई पुणे से कर चुके हैं.  मुंबई और दिल्ली में कई साल काम करने के बाद 2004 में उन्होंने जम्मू-कश्मीर में काम करना शुरू किया. डीडी न्यूज़, डीडी कश्मीर, BAG फ़िल्म्स में फ्रीलांस काम किया. हुसैन पिछले दो दशक से भी ज्यादा समय से जम्मू-कश्मीर से जुड़े कई मुद्दों को बेहतरीन तरीके से कवर कर रहे हैं. लद्दाख से लेकर मुंबई तक हुसैन भारत के कई शहरों से रिपोर्टिंग कर चुके हैं.
Read More

ZEENEWS TRENDING STORIES