IIT Bombay Suicide Case: साहिल को न्याय दिलाने भूख हड़ताल पर बैठे माता-पिता; लॉक आईफोन में उलझी क्राइम ब्रांच की जांच
साहिल का आईफोन पूरी तरह से लॉक है. इसलिए जांच अधिकारी अब तक उसका डेटा हासिल नहीं कर पाए हैं. पुलिस का मानना है कि इस फोन से यह अहम सुराग मिल सकता है कि साहिल ने परीक्षा के दौरान कथित तौर पर क्या सर्च किया था और अपनी जान देने से कुछ घंटे पहले उसके साथ क्या-क्या हुआ था.
आईआईटी बॉम्बे के छात्र साहिल वाकोडे की खुदकुशी का मामला इस वक्त काफी चर्चा में है. केस की जांच कर रही मुंबई क्राइम ब्रांच के सामने अब एक बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है. पूरी जांच का दारोमदार साहिल के लॉक आईफोन पर आ टिका है, जिसमें परीक्षा के दौरान सर्च की गई चीजें और मौत से चंद घंटे पहले के सारे राज छिपे हैं. लेकिन पेंच यह फंसा है कि फोन का मॉडल बिल्कुल नया है और इसका सिक्योरिटी लॉक इतना मजबूत है कि पुलिस अब तक उसका डेटा निकाल ही नहीं पाई है.
दरअसल, 18 सितंबर को परीक्षा के दौरान साहिल वाकोडे पर मोबाइल फोन इस्तेमाल करने का आरोप था. परीक्षा हॉल का एक सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है, जिसमें प्रोफेसर सूर्यनारायण दूल्ला उसे टोकते हैं और फिर साहिल अपनी सीट से खड़ा हो जाता है. इसके कुछ ही सेकंड बाद उसे हॉल के बाहर जाते हुए देखा जाता है. इस घटना के कुछ ही देर बाद कथित तौर पर साहिल ने आत्महत्या कर ली.
नए मॉडल के आईफोन को अनलॉक करना बनी चुनौती
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, साहिल आईफोन के नए मॉडल का इस्तेमाल कर रहा था, जिसका पासकोड जांच अधिकारियों के पास नहीं है. हालांकि फोन को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है, लेकिन अधिकारियों को बताया गया है कि फिलहाल उनके पास ऐसा कोई फॉरेंसिक एक्सट्रैक्शन टूल मौजूद नहीं है जो इस खास डिवाइस से डेटा निकाल सके.
इंडियन एक्सप्रेस ने अपनी रिपोर्ट में एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के हवाले से बताया कि 'वह फोन अनलॉक करने के लिए जिस पैटर्न/कोड का इस्तेमाल करता था, उसके बारे में उसके करीबी लोगों को भी जानकारी नहीं है. बिना पासकोड के नए आईफोन से डेटा निकालना बेहद मुश्किल काम है. हमारे पास उपलब्ध फॉरेंसिक टूल्स फोन के खास मॉडल और उसके सॉफ्टवेयर वर्जन पर निर्भर करते हैं. फिलहाल हमें ऐसा कोई टूल नहीं मिला है जो उसके फोन से डेटा निकाल सके.'
एक अन्य अधिकारी ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा, 'फोन के लिए उपलब्ध फॉरेंसिक एक्सट्रैक्शन टूल उसके मॉडल और सॉफ्टवेयर वर्जन पर तय होते हैं. मौजूदा समय में बाजार में आईफोन 15 तक के लिए टूल्स उपलब्ध हैं. जब कोई नया आईफोन मॉडल आता है, तो उसके अनुकूल टूल विकसित होने या अपडेट होने में समय लगता है. इस मामले में छात्र जिस नए फोन का इस्तेमाल कर रहा था, उसके लिए हमारे पास फिलहाल कोई सपोर्टेड टूल नहीं है.'
दूसरी स्पेशलाइज्ड एजेंसियों से मदद लेने की तैयारी
अधिकारी ने आगे कहा कि जांचकर्ता अब उन अन्य एजेंसियों से मदद लेने पर विचार कर रहे हैं, जिनके पास आधुनिक और विशेष फॉरेंसिक क्षमताएं हैं. अधिकारी के मुताबिक, 'केस में लगे आरोपों के आधार पर उसके फोन तक पहुंचना बेहद जरूरी था. हालांकि, अभी तक ऐसा संभव नहीं हो सका है और हम इस संबंध में अन्य विशेषज्ञ एजेंसियों से भी सुझाव और मदद मांगेंगे.'
खुद एप्पल भी नहीं खोल सकता फोन का ताला
एप्पल (Apple) के नियमों के मुताबिक, आईओएस 8 (iOS 8) और उसके बाद के नए आईफोन का डेटा कंपनी खुद भी नहीं निकाल सकती, भले ही पुलिस या जांच एजेंसियां इसकी मांग करें. इसकी वजह यह है कि फोन का पूरा डेटा बेहद मजबूत लॉक (एनक्रिप्टेड) में सुरक्षित होता है, और इसे खोलने वाली चाबी खुद एप्पल के पास भी नहीं होती.
47 मिनट की गतिविधियों की पड़ताल में जुटी पुलिस
क्राइम ब्रांच ने साहिल का लैपटॉप भी बरामद कर लिया है, जिसे फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है. जांच टीम परीक्षा हॉल के बाहर लॉबी के सीसीटीवी फुटेज की भी बारीकी से जांच कर रही है, जहां साहिल वाकोडे और प्रोफेसर सूर्यनारायण दूल्ला नजर आ रहे हैं. पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि परीक्षा हॉल से बाहर निकलने और हॉस्टल के कमरे में जाने के बीच क्या हुआ था. एक जांच अधिकारी ने बताया, 'क्लासरूम का फुटेज तो देखा जा चुका है, लेकिन अब हमारा पूरा ध्यान उस दौरान की गतिविधियों पर है जब दोपहर 12:38 बजे उसे परीक्षा हॉल छोड़ने के लिए कहा गया और 1:25 बजे वह अपने हॉस्टल के कमरे में दाखिल हुआ. इन दोनों समय के बीच असल में क्या हुआ, इसकी कड़ियां जोड़ी जा रही हैं.'
छात्रों का प्रदर्शन और क्राइम ब्रांच को जांच ट्रांसफर
साहिल के सुसाइड करने के बाद से ही आईआईटी बॉम्बे परिसर में छात्रों ने जोरदार विरोध-प्रदर्शन शुरू कर दिया था. वे साहिल को न्याय दिलाने की मांग कर रहे हैं. शुरुआत में पवई पुलिस स्टेशन में प्रोफेसर दूल्ला के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी, जिसके बाद मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच मुंबई क्राइम ब्रांच को ट्रांसफर कर दी गई है. चूंकि यह पूरा विवाद परीक्षा हॉल में मोबाइल के कथित इस्तेमाल से ही शुरू हुआ था, इसलिए अब क्राइम ब्रांच की जांच में साहिल के फोन का डेटा सबसे केंद्रीय और अहम कड़ी बन चुका है.
अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे माता-पिता
24 सितंबर को मृतक साहिल के माता-पिता ने गुरुवार शाम से मुंबई के आजाद मैदान में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू कर दी है. छात्र के माता-पिता की मांग है कि आईआईटी-बॉम्बे के निदेशक शिरीष केदारे और छात्र मामलों के डीन सत्यनारायण दुल्ला को तुरंत गिरफ्तार किया जाए. साहिल की मां सोनाली वाकोडे का कहना है कि 'मुझे अपने बेटे के लिए न्याय चाहिए. मैं प्रोफेसर केदारे और प्रोफेसर दुल्ला के खिलाफ कार्रवाई चाहती हूं, मुझे बस यही न्याय चाहिए.'
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