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आईआईटी बॉम्बे में 20 वर्षीय छात्र साहिल वाकोड़े की खुदकुशी के मामले में एग्जाम हॉल का एक अहम सीसीटीवी फुटेज सामने आया है. 54 सेकेंड का यह फुटेज 18 सितंबर का बताया जा रहा है, जब छात्र पेपर दे रहे थे. फुटेज में दिख रहा है कि साहिल वाकोड़े काले रंग की टी-शर्ट पहने सबसे आगे वाली पहली बेंच पर बैठा हुआ है. क्लासरूम में तीन पर्यवेक्षक निगरानी कर रहे हैं. पेपर खत्म होने से ठीक पहले जब प्रोफेसर सूर्यनारायण दूल्ला ने साहिल को टोका, तो वह अपनी सीट से खड़ा हो गया.
इसके बाद छात्र से मोबाइल और ऑन्सर शीट ले ली जाती है. यह घटना 18 सितंबर दोपहर 12:38 बजे की है. बताया जा रहा है कि परीक्षा समाप्त होने से करीब 20 मिनट पहले साहिल कथित तौर पर मोबाइल फोन में देखने की कोशिश कर रहा था.
फुटेज के अंतिम हिस्से में दिख रहा है कि प्रोफेसर डूला छात्र साहिल को परीक्षा हॉल से बाहर ले जा रहे हैं. साहिल अपनी बेंच से उठकर प्रोफेसर के साथ शांति से एग्जामिनेशन हॉल से बाहर चला जाता है.
बताया जा रहा है कि परीक्षा हॉल से बाहर ले जाए जाने के कुछ ही समय बाद साहिल का शव उसके हॉस्टल के कमरे में फंदे से लटका मिला था. इस घटना के बाद से ही आईआईटी बॉम्बे का कैंपस सुलग रहा है. न्याय की मांग को लेकर छात्र दिन-रात धरने पर बैठे हैं. संस्थान प्रशासन का दावा था कि छात्र को सिर्फ परीक्षा में फोन इस्तेमाल करने के चलते नियमों की जानकारी और सामान्य काउंसलिंग दी गई थी.
इधर, साहिल के परिजनों और आंदोलनकारी छात्रों का आरोप बिल्कुल अलग है. उनका कहना है कि एग्जामिनेशन हॉल से बाहर ले जाने के बाद साहिल के साथ गंभीर मानसिक उत्पीड़न, घोर अपमान और जातिगत भेदभाव किया गया. इसी असहनीय मानसिक दबाव और बेइज्जती के चलते उसने यह आत्मघाती कदम उठाया.
इस मामले की गंभीरता और छात्रों के बढ़ते आक्रोश को देखते हुए मुंबई पुलिस ने आरोपी प्रोफेसर के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने और एससी/एसटी (अत्याचार निवारण) एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है. अब इस मामले की जांच मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच (DCB CID) को सौंप दी गई है. जांच एजेंसियां इस सीसीटीवी फुटेज को आधार बनाकर उस 20 मिनट और उसके बाद परीक्षा हॉल से बाहर हुए हर घटनाक्रम की कड़ियों को बारीकी से जोड़ने में जुटी हैं, ताकि छात्र की मौत के पीछे की असली वजह सामने आ सके.