चुप रहो! बस चुप रहो! मैं तुम्हारा बॉस हूं...ठीक है, सस्पेंड कर दो, भाड़ में जाओ; IAS और महिला अधिकारी की तीखी बहस
जम्मू-कश्मीर में एक आईएएस अफसर और महिला अधिकारी के बीच तू-तू मैं-मैं होने लगी तो ऑनलाइन मीटिंग में मौजूद पूरा स्टाफ सन्न रह गया. विवाद एक समीक्षा बैठक के दौरान तब शुरू हुआ, जब दोनों अधिकारियों के बीच की बातचीत, प्रोजेक्ट का टारगेट पूरा करने और जम्मू-कश्मीर ग्रामीण आजीविका मिशन जैसी सहयोगी एजेंसियों की भूमिका पर केंद्रित हुई.
जम्मू-कश्मीर में सरकारी परियोजनाओं एक आधिकारिक समीक्षा बैठक के दौरान सीनियर आईएएस अधिकारी कुमार राजीव रंजन और सहायक निदेशक बीनिश वानी के बीच हुई तीखी और आक्रामक बहस का वीडियो लीक होकर वायरल हो गया है. वायरल वीडियो के चलते सोशल मीडिया पर हड़कंप मच गया है. इस वीडियो में कार्यस्थल पर डराने-धमकाने, अभद्र भाषा के इस्तेमाल और तत्काल निलंबित करने की धमकी देने जैसी घटनाएं सामने आई हैं. इसे लेकर जनता में भारी आक्रोश है और सिविल सेवा संघों, कर्मचारी यूनियनों तथा राजनीतिक हलकों में भी इसकी कड़ी निंदा की जा रही है.
IAS और महिला अधिकारी की तीखी बहस
सहायक निदेशक बीनिश वानी ने परफॉर्मेंस मेट्रिक्स दिखाने और अपने कामकाज के प्रोसेस को समझाने की कोशिश कर रही थीं, तभी IAS राजीव रंजन ने बार-बार उन्हें बीच में ही रोक दिया. उन्होंने ऊंची आवाज और आक्रामक लहजे में वानी से चुप रहने को कहा- 'चुप रहो! चुप रहो! एकदम साइलेंट'. लेकिन दूसरी ओर वानी ने बिना डरे अपनी बात पर अडिग रहते हुए विभागीय प्रदर्शन को समझाने और अपनी टीम के काम का बचाव करने के अपने पेशेवर अधिकार का पक्ष रखा.
'मैं तुम्हें सस्पेंड कर दूंगा' का जवाब 'भाड़ में जाओ!
ऑनलाइन मीटिंग में हालात तब और बिगड़ गए, जब रंजन ने महिला अधिकारी पर व्यक्तिगत टिप्पणी करते हुए कहा, 'तुम बकवास कर रही हो और मैं तुम्हारा बॉस हूं, ...' जब वानी ने अपमानजनक भाषा पर आपत्ति जताई, तो रंजन ने कहा, 'बाहर निकल जाओ, मैं तुम्हें सस्पेंड कर दूंगा.' इसके जवाब में वानी ने कहा, 'ठीक है, सस्पेंड कर दो, भाड़ में जाओ...' वीडियो में ये भी कि IAS ने वहां मौजूद अन्य अधिकारियों को तुरंत निलंबन आदेश तैयार करने का निर्देश दिया.
तनाव बढ़ने पर वानी ने मीटिंग से बाहर निकल गईं. इसके बाद रंजन ने स्टाफ को निर्देश दिया कि वानी की इस 'बगावती' टिप्पणी को उनके प्रस्तावित निलंबन आदेश में आधिकारिक तौर पर दर्ज किया जाए.
जांच की मांग
एक्स, फेसबुक और व्हाट्सएप जैसे प्लेटफॉर्म पर यह वीडियो तेजी से वायरल होने के बाद प्रशासनिक अधिकारियों पर सवाल उठने लगे हैं और इसके गंभीर परिणाम सामने आ रहे हैं. JKAS बिरादरी और विभिन्न सिविल सेवा कर्मचारी संघों ने कार्यस्थल पर अभद्र भाषा के इस्तेमाल और शत्रुतापूर्ण व्यवहार की कड़ी निंदा की है. उन्होंने इस घटना को मनमानी और कार्यस्थल पर उत्पीड़न का एक चिंताजनक उदाहरण बताते हुए त्वरित, निष्पक्ष और समयबद्ध उच्चस्तरीय जांच की मांग की है.