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वायुसेना के प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने आज यानी 20 अक्तूबर 2026 अपनी आखिरी उड़ान भरी. 55 मिनट की यह उड़ान इसलिए भी खास थी, क्योंकि एपी सिंह के साथ इस उड़ान के दौरान उनके पहले फ्लाइंग इंस्ट्रक्टर, विंग कमांडर वीएस कोचर (रिटायर्ड) भी उनके साथ थे. यह मौका इंस्ट्रक्टर और छात्र के बीच एक भावुक पुनर्मिलन जैसा था, जिसने सिंह को भारतीय वायु सेना में उनके यादगार सफर की शुरुआती यादों से फिर से जोड़ दिया. यह एक पायलट, उनके इंस्ट्रक्टर और उस आसमान के बीच के गहरे रिश्ते को जाहिर करता है.
यह उड़ान इसलिए भी खास है, क्योंकि उन्होंने 1984 में पहली बार जिस विमान में उड़ान भरी थी, उसी विमान में आखिरी बार भी सफर किया. AP सिंह इंडियन एयरफोर्स के विमान HJT-16 किरण Mk-1 ट्रेनर में अपनी आखिरी उड़ान भरी. इस विमान का टेल नंबर U-707 था. सिंह ने अपनी पहली उड़ान 28 जनवरी 1984 को भरी थी. चार दशक से भी ज्यादा समय के बाद, आज 'किरण' विमान में भरी गई इस उड़ान ने उनके सफर को एक पूर्ण चक्र में ला दिया है.

एपी सिंह ने कहा,'यह सच में एक सपना सच होने जैसा है. मैंने अपना सफर इसी विमान से शुरू किया था. मुझे लगता है कि मैं शायद इकलौता ऐसा प्रमुख हूं, जो ऐसे समय में रिटायर हो रहा है, जब वह बुनियादी विमान जिससे मैंने उड़ान सीखी थी, आज भी सेवा में है. इसलिए मैं बहुत आभारी हूं. मैं अपने इंस्ट्रक्टर, वीएस कोचर सर का बहुत आभारी हूं, जिन्होंने मुझे शुरुआत में यहीं पर उड़ान भरना सिखाया था. मैं बस यही चाहता था कि यह सफर पूरा हो जाए. मैंने 1984 में 28 जनवरी को, इसी जगह पर उनके साथ अपनी पहली सॉर्टी (उड़ान) भरी थी और आज मैंने उन्हीं के साथ, उसी विमान में, अपनी आखिरी सॉर्टी भरी है.'
HJT-16 किरण Mk-1 भारतीय वायुसेना का एक जेट ट्रेनर विमान है, इसका इस्तमाल पायलटों को उड़ान का ट्रेनिंग देने के लिए किया जाता है. इस विमान का निर्माण हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) ने किया था. इसमें जेट इंजन लगा है, इसलिए यह सामान्य प्रोपेलर वाले ट्रेनिंग विमानों से अलग है. यह किरण विमान का शुरुआती वर्जन है. इसके बाद किरण के कुछ और वर्जन भी बनाए गए. दो सीटों वाला विमान: इसमें पायलट और ट्रेनर के बैठने की व्यवस्था होती है, जिससे उड़ान के दौरान ट्रेनिंग दी जा सकती है. किरण विमान की रफ्तार अलग-अलग वर्जन के हिसाब से अलग अलग है. एक जानकारी के मुताबिक लगभग इसकी रफ्तार 700km प्रति घंटा है. इस विमान ने पहली बार 4 सितंबर 1964 को पहली बार उड़ान भरी थी.

एपी सिंह 31 अक्टूबर 2026 को भारतीय वायुसेना प्रमुख के पद से रिटायर हो रहे हैं. उनके बाद एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित को वायुसेना की कमान सौंपने की जिम्मेदारी मिली है. आशुतोष दीक्षित कौन हैं? पढ़ने के लिए क्लिक
भारतीय वायुसेना में एपी सिंह का सफर 21 दिसंबर 1984 को फाइटर पायलट के तौर पर शुरू हुआ था. जो आज 42 साल बाद खत्म होने जा रहा है. इस दौरान उन्होंने 5000 घंटे से ज्यादा उड़ान का अनुभव हासिल किया. वह क्वालिफाइड फ्लाइंग इंस्ट्रक्टर और एक्सपेरिमेंटल टेस्ट पायलट रहे.