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कद-काठी से लेकर जाति-धर्म तक... फर्टिलिटी के काले बाजार में लगती थी 'एग डोनर की मंडी', 7 राज्यों में था नेटवर्क

हैदराबाद पुलिस ने अंतरराज्यीय 'एग डोनर' रैकेट का पर्दाफाश किया है. पुलिस ने मौक से पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़, दिल्ली, असम, उत्तर प्रदेश, झारखंड और ओडिशा की रहने वाली 15 लड़कियों को रेस्क्यू किया है और 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया है.

Written By K. Raj Mishra
Published: Nov 02, 2026, 02:39 PM IST | Updated: Nov 02, 2026, 03:01 PM IST
Image Credit: फर्टिलिटी के काले बाजार का पर्दाफाश (AI तस्वीर)
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हैदराबाद पुलिस ने एक ऐसे अंतरराज्यीय रैकेट का पर्दाफाश किया है, जिसमें महिलाओं को 'एग डोनर' के इस्तेमाल किया जाता था. पुलिस ने अलग-अलग जगहों पर छापेमारी करके 43 महिलाओं को रेस्क्यू किया. मजबूर लड़कियों को अपना शिकार बनाने वाले 8 लोगों को गिरफ्तार भी किया गया है. पुलिस जांच में पता चला कि आरोपी देश भर में एजेंटों का एक नेटवर्क चलाते थे, जो उन्हें व्हाट्सएप ग्रुप और अन्य संचार माध्यमों के जरिए संभावित डोनर्स के बारे में जानकारी देते रहते थे. एजेंट अपने इलाके में ऐसी लड़कियों या महिलाओं का पता लगाते थे, जो आर्थिक तंगी से जूझ रही होती थीं. उन्हें एग-डोनेशन साइकिल के लिए 20 हजार से 30 हजार रुपये देने का लालच देकर हैदराबाद लाया जाता था. पुलिस ने मौक से पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़, दिल्ली, असम, उत्तर प्रदेश, झारखंड और ओडिशा की रहने वाली 15 लड़कियों को रेस्क्यू किया है.

कैसे ऑपरेट हो रहा था यह नेटवर्क

पुलिस के मुताबिक, इस गिरोह के सदस्य ऐसे लोगों का भी पता लगाते रहते थे, जिन्हें कोई एग डोनर चाहिए हो. ऐसे दंपती अपनी खास जरूरतों के साथ उनसे संपर्क करते थे. एजेंट अपने नेटवर्क में उन जानकारियों को फैला देते थे ताकि उपयुक्त महिलाओं की पहचान की जा सके. बेगमपेट के इंस्पेक्टर पी. सैदुलु ने यह खुलासा किया है. उन्होंने मीडिया को बताया कि आरोपी उन महिलाओं का फायदा उठाते थे, जिन्हें पैसों की जरूरत होती थी. आरोपियों के पास व्हाट्सएप ग्रुप और अन्य साधन थे, जिनके जरिए वे पूरे भारत में फैले अपने नेटवर्क के लोगों के साथ जानकारी साझा करते थे.

दंपती की जरूरतों का रखा जाता था ख्याल

इंस्पेक्टर के मुताबिक, जरूरतमंद दंपती की ओर से जाति, धर्म, रंग, कद और शिक्षा के अनुसार ही एग डोनेशन के लड़कियों की मांग की जाती थी. एजेंट की ओर से दंपती की मांग का पूरा ख्याल रखा जाता था. शहर में एक फर्टिलिटी रैकेट का भंडाफोड़ करने वाले मलकाजगिरी पुलिस अधिकारियों ने बताया कि उन्हें मौके से सात राज्यों की महिलाएं मिलीं, जिन्हें कथित तौर पर कमर्शियल एग डोनेशन के लिए भर्ती किया गया था. उन्होंने बताया कि एजेंटों ने अलग-अलग राज्यों से इन महिलाओं को इकट्ठा किया, उनके आने-जाने का इंतजाम किया और उन्हें किराए के मकानों में रखा, जिसके बाद उन्हें फर्टिलिटी सेवाओं से जुड़े लोगों के पास भेज दिया गया था.

कौन हैं गिरफ्तार किए गए आरोपी?

पुलिस ने इस रैकेट का खुलासा करते हुए जिन लोगों को गिरफ्तार किया है, उनके नाम अमित शर्मा (44), निक्कत परवीन (31), रेशमा खातून (26), मेघावत श्रीनिवास उर्फ सोनू (23), जेप्रे प्रदीप (27), एसके परवीन (42), विजय भगवान राव सालुंके (46), पंकज सोनी (52) और एमिरिशेट्टी दुर्गा प्रसाद (42) बताए जा रहे हैं. पुलिस के अनुसार, आरोपी अमित शर्मा (44) को इस नेटवर्क का मास्‍टरमाइंड है. वहीं, निक्कत परवीन पर महिलाओं की भर्ती में अहम भूमिका निभाने का आरोप है.

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About the Author

कर्मराज मिश्रा ज़ी न्यूज (डिजिटल) टीम में बतौर चीफ सब एडिटर कार्यरत हैं. वे यहां देश-विदेश की राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर लिखते हैं. कानपुर यूनीवर्सिटी से पत्रकारिता में मास्टर की डिग्री हासिल करके IBN-7 न्यूज चैनल से इंटर्नशिप की. इसके बाद खबर फास्ट, नेशन लाइव और साधना न्यूज न्यूज चैनलों में काम करने के बाद डिजिटल का रुख किया और 2017 से 2020 तक हिंदुस्थान समाचार न्यूज एजेंसी में बतौर सीनियर सब एडिटर काम किया. इसके बाद News Nation, India Ahead के बाद वर्तमान में Z Media का हिस्सा हैं. मीडिया में 10 साल के कार्यकाल के दौरान यूपी, बिहार, छत्तीसगढ़ और दिल्ली विधानसभा चुनावों के अलावा 2019 और 2024 का लोकसभा चुनाव कवर किया है.
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