24 घंटे के भीतर 5 भूकंप और एक 'साइक्लोन', 'अर्नब' के तांडव का क्या है धरती में कंपन से कनेक्शन?
Cyclone Arnab Update: आंध्र प्रदेश और ओडिशा में इस समय चक्रवाती तूफान 'अर्नब' तबाही मचा रहा है. तूफान की दस्तक से पहले देश के अलग-अलग हिस्सों में भूकंप के झटके भी महसूस किए गए. इस बीच लोगों के मन में सवाल है कि क्या भूकंप और साइक्लोन के बीच कोई कनेक्शन है.
Cyclone Arnab Latest Update: बंगाल की खाड़ी से उठे भयंकर चक्रवाती तूफान 'अर्नब' ने आंध्र प्रदेश और ओडिशा में कहर बरपाना शुरू कर दिया है. चक्रवाती तूफान के कारण दोनों राज्यों के तटीय इलाकों में मंगलवार देर रात से ही लगातार बारिश हो रही है. 135 से 140 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से हवाएं चल रही हैं. समुद्र में ऊंची लहरें उठ रही हैं, जिस कारण पानी रिहायशी इलाकों तक पहुंचा है.
तेज हवाओं के कारण आंध्र और ओडिशा के अलग-अलग जिलों में बड़ी संख्या में पेड़ गिरें हैं, बिजली के खंभे भी टूट गए. तूफान को देखते हुए रेलवे ने 50 से अधिक ट्रेनों को रद्द किया है और उड़ानों पर भी सीधा असर देखने को मिला. इस बीच जहां भयंकर चक्रवाती तूफान 'अर्नब' तटीय इलाकों में कहर बरपा रहा है, तो दूसरी तरफ पिछले 24 घंटों के भीतर धरती पूरे पांच बार हिली, जिसने लोगों की चिंता बढ़ा दी.
24 घंटे में पांच बार भूकंप
नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी (NCS) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बताया कि 27 और 28 अक्टूबर 2026 के बीच देश के कई जगहों पर भूकंप के झटके महसूस किए गए. एक ओर तूफान और फिर धरती में कंपन के कारण लोगों के मन में सवाल खड़ा हो रहा है कि क्या 'अर्नब' तूफान और लगातार आ रहे भूकंप में कोई गहरा वैज्ञानिक कनेक्शन है?
एनसीएस की ओर से शेयर किए की गई जानकारी के अनुसार, 27 अक्टूबर की रात 22:52 बजे बंगाल की खाड़ी में भूकंप के झटके महसूस किए गए. इसकी तीव्रता 4.5 रही और केंद्र महज 10 किलोमीटर की उथली गहराई में था. सुबह 04:35 बजे असम के गोलपारा में 2.7 तीव्रता का भूकंप आया, सुबह 07:29 बजे म्यांमार में 3.5 तीव्रता का भूकंप महसूस किया गया, सुबह 07:51 बजे कोरल सी में 6.0 तीव्रता का भूकंप महसूस किया गया. इसके बाद सुबह 07:56 बजे मेघालय के पश्चिम खासी हिल्स में 3.1 तीव्रता का भूकंप भी महसूस किया गया.
तूफान और भूकंप का कनेक्शन
चूंकि, चक्रवाती तूफान और भूकंप दो अलग-अलग प्रकृतिक घटनाए हैं. जहां एक का सबंध आसमान और मौसम से है, तो भूकंप टेक्टोनिक प्लेट्स में टकराव के कारण आता है. हालांकि, आधुनिक भू-विज्ञान और मौसम विज्ञान के अनुसार, दोनों के बीच एक सामान्य कनेक्शन भी देखा जाता है. वैज्ञानिकी भाषा में इसके 'स्टॉर्मक्वेक' (Stormquake) कहा जाता है.
वैज्ञानिक बताते हैं कि जैसे कोई अति-प्रभावशाली तूफान समुद्र के ऊपर अपनी ताकत को जुटाता, तो उस क्षेत्र के वायुमंडलीय दबाव में कमी महसूस की जाती है. इस दबाव में कमी और तूफानी हवाओं के कारण समुद्र का जलस्तर तेजी से ऊपर उठता है, फिर एक साथ जब लाखों-करोड़ों टन पानी समुद्री तल से लगातार टकराता है, तो धरती के ऊपरी परत पर दबाव महसूस होता है.
वैज्ञानिक क्यों मानते हैं एक चेतावनी
हालांकि, कुछ मामलों में स्थिति थोड़ी अलग होती है. वैज्ञानिक यह भी मानते हैं कि ऐसे मामलों के प्रमाण सीमित हैं, ऐसे में इनके आधार पर सामान्य रूप से यह नहीं कहा जा सकता कि चक्रवात बड़े भूकंप पैदा करते हैं.तूफान अर्नब का उठना और अलग-अलग जगहों पर भूकंप के झटकों का महसूस होना, भले ही एक सामान्य प्रकृतिक घटनाएं लगें, लेकिन वास्तव में यह एक गंभीर चेतावनी है. जानकार मानते हैं कि तटीय इलाकों और पूर्वोत्तर के राज्यों में रहने वाले लोगों और आपदा प्रबंधन टीमों को अब दोहरे मोर्चे पर तैयारी करनी होगी.
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