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फ्लाईओवर नहीं बना तो जिंदगीभर नहीं दिखाऊंगा चेहरा, केंद्रीय राज्यमंत्री भागीरथ चौधरी की ग्रामीणों से अपील

राजस्थान में पंचायत चुनाव के दूसरे चरण के दौरान कुशालपुरा और पाटन में ग्रामीणों ने मतदान का बहिष्कार किया. कुशालपुरा में ग्रामीण वोट डालने से इनकार कर रहे हैं, जबकि पाटन में फ्लाईओवर की मांग को लेकर विरोध जारी है. प्रशासन ग्रामीणों को मनाने में जुटा है.

फ्लाईओवर नहीं बना तो जिंदगीभर नहीं दिखाऊंगा चेहरा, केंद्रीय राज्यमंत्री भागीरथ चौधरी की ग्रामीणों से अपील
Image Credit: Rajasthan Panchayat Elections Boycott

किशनगढ़ क्षेत्र के पाटन गांव में फ्लाईओवर की मांग को लेकर ग्रामीणों का मतदान बहिष्कार जारी है. ग्रामीणों को मनाने के लिए केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री भागीरथ चौधरी ने हाथ जोड़कर उनसे मतदान करने की अपील की. उन्होंने कहा कि अगर फ्लाईओवर नहीं बना तो वह जिंदगी भर अपना चेहरा नहीं दिखाएंगे. भागीरथ चौधरी ने ग्रामीणों से लोकतंत्र के उत्सव में भागीदार बनने और मतदान करने की अपील की. हालांकि, उनकी अपील के बावजूद ग्रामीण सहमत नहीं हुए और मतदान बहिष्कार पर अड़े रहे.

 

 

राजस्थान में पंचायत चुनाव के दूसरे चरण के दौरान कुछ गांवों में ग्रामीणों ने मतदान का बहिष्कार कर दिया. नारेहड़ा के कुशालपुरा गांव में बूथ संख्या 44 पर ग्रामीणों ने वोट डालने से इनकार कर दिया. वहीं, किशनगढ़ क्षेत्र के पाटन गांव में फ्लाईओवर की मांग को लेकर ग्रामीण मतदान का बहिष्कार कर रहे हैं. दोनों जगह प्रशासनिक अधिकारी ग्रामीणों से बातचीत कर उन्हें मतदान के लिए मनाने की कोशिश कर रहे हैं.

कुशालपुरा में ग्रामीणों ने मतदान से किया इनकार
कोटपूतली क्षेत्र के नारेहड़ा स्थित कुशालपुरा गांव में पंचायत चुनाव के दूसरे चरण के दौरान मतदान बहिष्कार का मामला सामने आया है. बूथ संख्या 44 पर ग्रामीणों ने चुनाव में वोट नहीं डालने का फैसला किया है. ग्रामीणों को समझाने के लिए जिला प्रशासन की टीम गांव पहुंची और उनसे बातचीत की.

मौके पर सरुण्ड थाना अधिकारी यशपाल गुर्जर पुलिस जाप्ते के साथ मौजूद हैं. प्रशासनिक अधिकारी ग्रामीणों को समझाने और मतदान में हिस्सा लेने की अपील कर रहे हैं. हालांकि, ग्रामीण अपनी बात पर अड़े हुए हैं. उनका कहना है कि किसी भी स्थिति में मतदान नहीं किया जाएगा. ग्रामीणों और प्रशासन के बीच बातचीत जारी है. अधिकारियों की कोशिश है कि ग्रामीणों को समझाकर मतदान प्रक्रिया में शामिल होने के लिए तैयार किया जाए. फिलहाल, ग्रामीणों के विरोध के चलते बूथ संख्या 44 पर मतदान बहिष्कार का मामला चर्चा में है.

पाटन में फ्लाईओवर की मांग पर बहिष्कार
दूसरी ओर, किशनगढ़ क्षेत्र के पाटन गांव में भी ग्रामीणों ने मतदान का बहिष्कार किया है. यहां ग्रामीण फ्लाईओवर की मांग को लेकर वोट नहीं डाल रहे हैं. विरोध को देखते हुए अजमेर सांसद एवं केंद्रीय राज्य मंत्री भागीरथ चौधरी गांव पहुंचे. जिला कलेक्टर लोकबंधु और एसपी हर्षवर्धन अग्रवाला भी पाटन पहुंचे हैं. अधिकारी ग्रामीणों से बातचीत कर रहे हैं और उन्हें मतदान करने के लिए समझा रहे हैं. जिला कलेक्टर ने ग्रामीणों से मतदान की अपील की है. ग्रामीणों की मुख्य मांग फ्लाईओवर का निर्माण है. इसी मांग को लेकर उन्होंने मतदान से दूरी बनाई है. प्रशासन की ओर से ग्रामीणों से बातचीत कर विरोध खत्म कराने की कोशिश की जा रही है.

दोनों गांवों में ग्रामीणों को मनाने की कोशिश
कुशालपुरा और पाटन में मतदान बहिष्कार के बीच प्रशासन की प्राथमिकता ग्रामीणों को मतदान के लिए तैयार करना है. कुशालपुरा में ग्रामीणों ने साफ कहा है कि वे किसी भी रूप में मतदान नहीं करेंगे. वहीं, पाटन में फ्लाईओवर की मांग को लेकर विरोध जारी है और अधिकारियों की ग्रामीणों से वार्ता चल रही है.

दोनों जगह प्रशासनिक अधिकारी ग्रामीणों से बातचीत कर रहे हैं. पाटन में जिला कलेक्टर ने मतदान की अपील की है, जबकि कुशालपुरा में जिला प्रशासन और पुलिस की मौजूदगी में समझाइश की जा रही है.

बातचीत के बाद क्या निकलेगा रास्ता?
पंचायत चुनाव के दूसरे चरण के दौरान सामने आए इन दोनों मामलों में ग्रामीण अपनी मांगों और विरोध को लेकर अड़े हुए हैं. प्रशासन उन्हें मतदान के लिए मनाने में जुटा है. अब देखना होगा कि अधिकारियों की समझाइश के बाद ग्रामीण मतदान के लिए तैयार होते हैं या बहिष्कार जारी रखते हैं.


झुंझुनूं जिले के बुहाना क्षेत्र के हंसास गांव में पंचायत समिति और जिला परिषद सदस्य के चुनाव का बहिष्कार जारी है. मंदिर माफी की जमीन से जुड़ी समस्या को लेकर ग्रामीण मतदान के दिन धरने पर बैठ गए. ग्रामीणों का आरोप है कि गांव में आबादी होने के बावजूद जमीन से जुड़े मामले के कारण विकास कार्य नहीं हो पा रहे हैं. उनका कहना है कि इस वजह से वे सरकारी योजनाओं के लाभ से भी वंचित हैं. ग्रामीण इस समस्या का समाधान करने की मांग कर रहे हैं.

मंदिर माफी की जमीन को लेकर ग्रामीणों का विरोध
हंसास गांव में ग्रामीणों ने मंदिर माफी की जमीन से जुड़ी समस्या के समाधान की मांग को लेकर चुनाव का बहिष्कार किया है. ग्रामीणों का कहना है कि इस मामले के चलते गांव में विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं. इसी समस्या को लेकर वे मतदान के दिन धरने पर बैठ गए और अपनी मांग पर अड़े हुए हैं.

धरना स्थल पर पहुंचीं एसडीएम शकुंतला चौधरी
ग्रामीणों को समझाने और उनकी समस्या का समाधान निकालने के लिए बुहाना एसडीएम शकुंतला चौधरी धरना स्थल पर पहुंचीं. उन्होंने ग्रामीणों से बातचीत कर प्रशासन की ओर से किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी. हालांकि, ग्रामीणों और प्रशासन के बीच तीसरी वार्ता भी बेनतीजा रही. मतदान बहिष्कार खत्म कराने के लिए प्रशासन की ओर से समझाइश जारी है.

जमीन का विधिक परीक्षण करवाएगा प्रशासन
एसडीएम शकुंतला चौधरी ने बताया कि ग्रामीणों ने अपनी समस्या को लेकर ज्ञापन दिया था. इसके बाद मंदिर माफी की जमीन से जुड़े मामले का विधिक परीक्षण करवाने के लिए जिला कलेक्टर को पत्र लिखा गया है.

उन्होंने बताया कि जिला कलेक्टर के माध्यम से देवस्थान विभाग और राजस्व विभाग की टीम गठित कर जमीन का विधिक परीक्षण करवाया जाएगा. जांच में यह स्पष्ट किया जाएगा कि गांव की बसावट मंदिर माफी की जमीन पर है या नहीं और क्या इसी वजह से ग्रामीणों को सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है.

 

समस्या राज्य सरकार तक पहुंचाने का प्रयास
एसडीएम ने कहा कि यदि जांच में ग्रामीणों की समस्या की पुष्टि होती है, तो उनकी पीड़ा जिला कलेक्टर के माध्यम से राज्य सरकार तक पहुंचाई जाएगी. इसके बाद उच्च स्तर पर समाधान कराने का प्रयास किया जाएगा.

उन्होंने ग्रामीणों को प्रशासन की ओर से किए जा रहे प्रयासों की जानकारी देते हुए मतदान करने की अपील भी की. एसडीएम को उम्मीद है कि ग्रामीण आपस में चर्चा करने के बाद लोकतंत्र में अपनी भागीदारी निभाएंगे.

बहिष्कार खत्म होने पर फैसला बाकी
फिलहाल झुंझुनूं के बुहाना क्षेत्र स्थित हंसास गांव में पंचायत समिति और जिला परिषद सदस्य के चुनाव का बहिष्कार जारी है. प्रशासन ग्रामीणों को मनाने और उनकी समस्या के समाधान के लिए प्रयास कर रहा है. हालांकि, ग्रामीण बहिष्कार खत्म करेंगे या नहीं, इस पर अंतिम निर्णय सामने आना बाकी है.

 

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About the Author

Ansh Raj

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अंश राज Zee Rajasthan में सब-एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं. राजस्थान की हर छोटी-बड़ी खबर पर उनकी पैनी नजर रहती है. क्राइम, पॉलिटिक्स और पावर कॉरिडोर से जुड़ी खबरों में उनकी खास दिलचस्पी है. नई चीजों को सीखने की फिराक में रहते हैं. ऑपरेशन सिंदूर से लेकर विधानसभा चुनावों और प्रदेश के दिग्गज नेताओं के हर बड़े बयान तक, अंश राज खबरों की नब्ज पर नजर रखते हैं. हेडलाइन से खेलना, खबर की काट-छांट करना और किसी भी स्टोरी को ज्यादा प्रभावी और रोचक अंदाज में पेश करना उनकी खासियत है. खबर को सिर्फ लिखना नहीं, बल्कि उसे बेहतर तरीके से पैकेज कर दर्शकों तक पहुंचाना उनके काम का अहम हिस्सा है.  डिजिटल मीडिया में करीब 3 साल का अनुभव रखने वाले अंश राज इससे पहले Zee Uttar Pradesh/Uttarakhand और Zee Bharat के साथ काम कर चुके हैं. उन्होंने चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय से जर्नलिज्म में मास्टर्स किया है. खबरों की गंध को सबसे पहले पहचानना, उसकी तह तक पहुंचना और उसे सबसे पहले, सबसे तेज और सबसे बेहतर तरीके से दर्शकों तक पहुंचाना... यही अंश राज की पहचान है.
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