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चक्रवात अर्नब आंध्र प्रदेश के तट से टकरा गया है. इस दौरान हवा की रफ्तार 125 से 135 किलोमीटर प्रति घंटे और झोंकों में 150 किलोमीटर प्रति घंटे देखने को मिल रही है. तूफानी हवाओं के साथ-साथ भारी बारिश का दौर शुरू हो गया है. ओडिशा और आंध्र प्रदेश में इस चक्रवात का सबसे खतरनाक रूप देखने को मिल रहा है. इन दोनों राज्यों में कई पेड़ उखड़ गए हैं. बिजली के खंभे टूटने से कई इलाके अंधेरे में डूबे हुए हैं. मौसम विभाग तूफान पर पल-पल की नजर बनाए हुए है. मौसम विभाग कहना है कि चक्रवात के लैंडिंग की प्रक्रिया अगले 3 से 4 घंटे जारी रह सकती है.
आंध्र प्रदेश में तबाही मचाने में जुटा 'अर्नब'!
साइक्लोन अर्नब से आंध्र प्रदेश के काकीनाडा काजा शहर सबसे बुरी तरह प्रभावित हुआ है. तूफान से मचने वाली तबाही को देखते हुए यहां प्रशासन पहले से अलर्ट था. प्रशासन की ओर से पहले से ही पुनर्वास केंद्रों की स्थापना की गई थी. चक्रवात के दौरान बचाव टीम की ओर से लोगों को पुनर्वास केंद्रों में शिफ्ट किया जा रहा है. विशाखापत्तनम में भी चक्रवात का प्रभाव देखने को मिल रहा है. यहां तेज हवाओं के साथ हुई भारी बारिश के कारण कई पेड़ उखड़ गए, जिससे बीच रोड और सीथाम्मधारा का रास्ता बाधित हो गया. इसके अलावा कोनासीमा जिले के अमलापुरम में भी चक्रवात अर्नब के कारण तेज हवाओं के साथ भारी बारिश देखने को मिल रही है.
#WATCH | Cyclone Arnab | Kakinada, Andhra Pradesh | Residents in the coastal areas of Kakinada struggle to cope with the devastation caused by the cyclone. Several houses damaged as seawater entered residential areas; families in distress. https://t.co/494Wj8Ml0v
— ANI (@ANI) October 28, 2026
#WATCH | Cyclone Arnab | Visakhapatnam, Andhra Pradesh | Tree uprooted near the AU College of Engineering for Women due to strong winds prevailing under the influence of the cyclone. Centre of the severe cyclonic storm is very close to the coast line and the landfall process will continue during next few hours.
— ANI (@ANI) October 28, 2026
घरों में घुसा समंदर का पानी
काकीनाडा जिले में भारी बारिश और समुद्र का पानी घुसने से कई इलाके जलमग्न हो गए. बॉम्बे कट्टा इलाके के पास बाढ़ के पानी में फंसे चार लोगों को पुलिस ने सुरक्षित बचाया. उधर, काकीनाडा एंकरेज पोर्ट स्थित सीडब्ल्यूसी (CWC) गोदामों में भी तीन लोगों के फंसे होने की सूचना मिली है, जिन्हें बचाने का अभियान शुरू हो गया है. जानकारी के मुताबिक, चक्रवात के कारण समुद्र की लहरें 2 मीटर ऊंची उठ गईं. ऊंची-ऊंची लहरों से समुद्री पानी लोगों के घरों में घुस गया और पूरा इलाका जलमग्न हो गया. इस दौरान बिजली आपूर्ति भी पूरी तरह बाधित हो गई. पुलिस के मुताबिक, गोदाम के चारों तरफ पानी भरने के कारण नाइट शिफ्ट के कर्मचारी परिसर से बाहर नहीं निकल सके.
ओडिशा सरकार पूरी तरह से अलर्ट
वहीं, ओडिशा में भी चक्रवात 'अरनाब' के तट से टकराने से काफी तबाही देखने को मिल रही है. चक्रवात को देखते हुए ओडिशा के राजस्व और आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी ने भुवनेश्वर स्थित 'स्टेट इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर' में वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक समीक्षा बैठक की. बैठक के बाद उन्होंने बताया कि तट से टकराने की प्रक्रिया आज तड़के करीब 1:30 बजे काकीनाडा के पास शुरू हुई और यह आंध्र प्रदेश की ओर बढ़ने लगा. ताजा जानकारी के अनुसार, यह सिस्टम अभी एक ही जगह पर रुका हुआ है. आंध्र प्रदेश के तट में प्रवेश करने के बाद, यह उत्तर और उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर बढ़ेगा और मलकानगिरी तक पहुंचेगा. उन्होंने कहा कि इस चक्रवात से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए हमने अलग-अलग जगहों पर 313 रिस्पॉन्स टीमें तैनात की हैं, जिनमें 60 ODRF टीमें, 9 NDRF टीमें और 244 फायर एंड इमरजेंसी टीमें शामिल हैं.
#WATCH | Andhra Pradesh: Very strong winds and heavy rainfall in Amalapuram in Konaseema district as an impact of Cyclone Arnab. (Video Source: Andhra Pradesh I&PR) https://t.co/E1jMR5asRd
— ANI (@ANI) October 27, 2026
अभी तक कोई हताहत नहीं- मंत्री सुरेश पुजारी
मंत्री सुरेश पुजारी ने बताया कि चक्रवाती तूफान के कारण सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाए गए लोगों के लिए 2,037 आश्रय स्थल (शेल्टर) तैयार रखे गए हैं. अधिक जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं को भी सुरक्षित स्थानों पर भेज दिया गया है. सभी मछली पकड़ने वाली नावें वापस किनारे पर आ गई हैं. तट से टकराने की प्रक्रिया अभी भी जारी है. जैसे ही यह ओडिशा की ओर बढ़ेगा, हमारा पूरा तंत्र इस चक्रवाती तूफान से निपटने के लिए तैयार रहेगा. हम लोगों की जान-माल की सुरक्षा के लिए हर संभव कदम उठाएंगे. अभी तक किसी के हताहत होने की कोई खबर नहीं है