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अगर आप किसी सुनसान जगह पर जमीन में दबे खजाने की तलाश कर रहे हों और अचानक मिट्टी के अंदर से सोने का ऐसा टुकड़ा निकल आए, जिसकी कीमत लाखों रुपये हो. ऑस्ट्रेलिया में एक शख्स के साथ कुछ ऐसा ही हुआ. वह सोने की तलाश में निकला था, लेकिन उसे अंदाजा नहीं था कि इस बार उसकी खोज इतनी खास होने वाली है.
एबीसी न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, यह मामला ऑस्ट्रेलिया के न्यू साउथ वेल्स इलाके में स्थित टिबूबुरा के पास का है. यह जगह स्टर्ट स्टोनी डेजर्ट के आसपास पड़ती है और सिडनी से यहां पहुंचने में करीब 16 घंटे का सफर लग सकता है. दूर-दूर तक फैले इस इलाके में सोने की तलाश करने वाले लोग अक्सर आते हैं.
इस सोने के टुकड़े को खोजने वाले शख्स ने अपनी पहचान सार्वजनिक नहीं की है. उसने बताया कि जब वह मेटल डिटेक्टर से जमीन में सोना तलाश रहा था, तब मशीन ने शुरुआत में कोई बहुत तेज सिग्नल नहीं दिया था. लेकिन जैसे-जैसे उसने जमीन की खुदाई की, मशीन की आवाज तेज होने लगी. उसने ऑस्ट्रेलिया के एबीसी न्यूज को बताया कि करीब 100 मिलीमीटर की गहराई तक पहुंचने पर मशीन जोर से आवाज करने लगी. मिट्टी हटाते समय उसे गड्ढे के बीचोंबीच चमकीले पीले रंग की चीज दिखाई दी. वह सोने का एक बड़ा टुकड़ा था. शख्स ने इसे बाद में 'टिबूबुरा स्पड' नाम दिया. 'स्पड' अंग्रेजी में आलू के लिए इस्तेमाल होने वाला एक शब्द है. सोने के इस टुकड़े का आकार भी कुछ हद तक आलू जैसा बताया गया है.
इस खोज की सबसे खास बात इसका वजन है. सोने के इस टुकड़े का कुल वजन करीब 1.2 किलो बताया गया है. इसमें लगभग 940 ग्राम शुद्ध सोना मौजूद है. इसी वजह से इसकी कीमत काफी ज्यादा आंकी गई. टिबूबुरा इलाके में सोने की तलाश से जुड़ी एक दुकान चलाने वाले ग्रेग स्पैंगलर ने इसकी कीमत के बारे में जानकारी दी. उनके अनुसार, जब यह टुकड़ा मिला था, उस समय सोने के बाजार भाव के हिसाब से इसकी कीमत करीब 1.95 लाख ऑस्ट्रेलियाई डॉलर तक आंकी गई थी. यह रकम उस समय लगभग 1.02 लाख ब्रिटिश पाउंड के बराबर थी. हालांकि, सोने के भाव में बाद में गिरावट आई. इसके चलते इसकी अनुमानित कीमत घटकर करीब 1.60 लाख ऑस्ट्रेलियाई डॉलर यानी लगभग 85 हजार ब्रिटिश पाउंड रह गई. भारतीय रुपये में इसकी कीमत कई लाख नहीं, बल्कि करोड़ रुपये के आसपास बैठ सकती है.
ग्रेग स्पैंगलर ने बताया कि सोने की इतनी बड़ी खोज मिलना बेहद दुर्लभ है. उन्होंने कहा कि खोज करने वाले शख्स ने उन्हें मौके से ही फेसटाइम कॉल किया था. वह काफी उत्साहित था, और इतनी बड़ी चीज मिलने पर किसी का भी उत्साहित होना स्वाभाविक है. सोने की तलाश करने वालों के लिए यह सिर्फ एक पत्थर मिलने जैसा अनुभव नहीं है. जमीन से निकला ऐसा टुकड़ा उनकी कई साल की मेहनत का फल बन सकता है. हालांकि, हर बार सोने की तलाश में निकलने वालों को इतनी बड़ी कामयाबी नहीं मिलती. कई बार घंटों या दिनों तक तलाश करने के बाद भी कुछ खास हाथ नहीं लगता.
ऑस्ट्रेलिया दुनिया के बड़े सोना उत्पादक देशों में शामिल है. यहां कई इलाकों में लोग मेटल डिटेक्टर लेकर सोने की तलाश करने निकलते हैं. न्यू साउथ वेल्स के ब्रोकन हिल और उसके आसपास के दूरदराज इलाकों में भी यह शौक काफी लोकप्रिय है. सोना तलाशने वाले लोग मशीन की मदद से जमीन के भीतर धातु का पता लगाते हैं. इसके बाद उस जगह की खुदाई करके देखते हैं कि वहां सोना है या कोई दूसरी धातु. लेकिन टिबूबुरा में मिली इस खोज ने दिखा दिया कि कभी-कभी जमीन के नीचे छिपी चीज का अंदाजा लगाना भी मुश्किल होता है.
इस खोज की चर्चा की एक वजह सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव भी है. सोने का भाव लगातार बदलता रहता है और इसी के साथ जमीन से मिले किसी टुकड़े की अनुमानित कीमत भी ऊपर-नीचे हो सकती है. इसलिए खोज के समय बताई गई कीमत और आज की कीमत में अंतर होना असामान्य नहीं है. फिलहाल, 'टिबूबुरा स्पड' की खोज सोने की तलाश करने वालों के बीच एक खास घटना बन गई है. आलू जैसा दिखने वाला यह टुकड़ा आकार और वजन, दोनों के लिहाज से दुर्लभ बताया जा रहा है. रेगिस्तान की जमीन में दबा यह सोना एक बार फिर याद दिलाता है कि कभी-कभी बड़ी खोज किसी बहुत मामूली दिखने वाले संकेत से शुरू होती है. फर्क बस इतना है कि उस संकेत को पहचानने और उसके पीछे मेहनत करने का मौका हर किसी को नहीं मिलता.