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बंगाल की खाड़ी से उठे चक्रवाती तूफान 'अर्नब' ने बुधवार तड़के आंध्र प्रदेश और यनम तट पर दस्तक देना शुरू कर दिया है. इसके बाद तूफान का असर छत्तीसगढ़ के कई जिलों में दिखने लगा है और कई जिलों में लगातार बारिश हो रही है. इस बीच मौसम विभाग ने बस्तर और दंतेवाड़ा में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है, जिसके बाद कई जिलों में प्रशासन ने स्कूल और आंगनवाड़ी केंद्रों को बंद करने का फैसला किया है. दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने यात्री एडवाइजरी की है और यात्रियों से यात्रा से पहले ट्रेन का स्टेटस चेक करने की अपील की है. वहीं, चक्रवाती तूफान 'अर्नब' ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है.
चक्रवाती तूफान अर्नब ने बस्तर में दस्तक दे दी है और जगदलपुर शहर सहित ग्रामीण क्षेत्रों में लगातार हल्की बारिश हो रही है. बस्तर जिले के लिए मौसम विभाग ने ऑरेंज अलर्ट जारी किया है और बुधवार को बस्तर में भारी बारिश की आशंका जताई है. बस्तर में तूफान के अलर्ट को देखते हुए प्रशासन अलर्ट मोड पर आ गया है. जिला प्रशासन ने आपदा प्रबंधन की टीमों को सक्रिय कर दिया है. इंद्रावती नदी के तटीय इलाकों में स्थित गांवों में कोटवारों के माध्यम से मुनादी कराई जा रही है और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए एडवाइजरी जारी की गई है.
मौसम विभाग ने आगामी दिनों में भारी बारिश और तेज हवाओं की चेतावनी जारी की है. डिप्टी कलेक्टर सीपी बघेल ने बताया कि सभी ब्लॉकों में कंट्रोल रूम सक्रिय कर दिए गए हैं और राजस्व, पंचायत और नगर निगम की टीमों को मैदान में तैनात किया गया है. प्रशासन के अनुसार, तूफान से निपटने के लिए सभी जरूरी इंतजाम कर लिए गए हैं और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत शिविरों की पहचान कर ली गई है. साथ ही बिजली विभाग, स्वास्थ्य विभाग और खाद्य आपूर्ति विभाग को भी अलर्ट पर रखा गया है. वहीं, जिले के सभी आंगनवाड़ियों और स्कूलों में 28 अक्टूबर को छुट्टी घोषित कर दी गई है.
बंगाल की खाड़ी में चक्रवाती सिस्टम की आहट और बारिश की आशंका ने कोंडागांव के किसानों की चिंता बढ़ा दी है. किसानों में हड़कंप है और फसल बचाने को लेकर खेतों में भागदौड़ मची है. कई महीनों की मेहनत से तैयार फसल खराब न हो, इसलिए किसान उसे सुरक्षित घर पहुंचाने में युद्धस्तर पर जुटे हैं. कोई ट्रैक्टर से, कोई साइकिल पर, तो कोई सिर और कंधों पर फसल लादकर घर पहुंचा रहा है. कोंडागांव में सुबह से ही मौसम का मिजाज बदला हुआ है. आसमान में बादल और हल्की हवाओं के बीच किसानों को बारिश का डर सताने लगा है. खेतों में कटी पड़ी फसल भीगकर खराब न हो, इसलिए किसान जल्द से जल्द अपनी उपज समेटने में जुटे हैं.
सरगुजा जिला प्रशासन भी चक्रवर्ती तूफान को लेकर हाई अलर्ट मोड पर है, जहां जिले के सभी अधिकारियों और कर्मचारियों की छुट्टी आगामी आदेश तक निरस्त कर दी गई है. सरगुजा कलेक्टर अजीत बसंत ने कहा कि चक्रवर्ती तूफान की वजह से 28 और 29 अक्टूबर को तेज बारिश और तेज हवा में चलने की सूचना मौसम विभाग ने दी है, जिसको लेकर जिला प्रशासन द्वारा सारी तैयारियां कर ली गई है. आपदा प्रबंधन, स्वास्थ्य विभाग, मौसम विभाग सहित अन्य सभी विभागों को अलर्ट मोड पर रहने को कहा गया है. साथ ही लोगों से अपील भी की गई है कि सभी सुरक्षित स्थान पर रहे, किसी भी तरह के जर्जर मकान का सहारा ना ले की अपील की गई हैं.
तूफान ‘अर्नब’ का असर दंतेवाड़ा में में दिख रहा और देर रात से ही हल्की बारिश हो रही है. दंतेवाड़ा जिले के अलग-अलग क्षेत्रों में देर रात से हल्की बारिश हो रही है. हालांकि, फिलहाल हवाएं शांत हैं, लेकिन इंद्रावती नदी का जलस्तर धीरे-धीरे बढ़ रहा है. नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए नदी किनारे बसे गांवों के मछुआरे सतर्क नजर आ रहे हैं. मछुआरे अपनी लकड़ी की नावों को सुरक्षित स्थानों पर रख रहे हैं, ताकि जलस्तर बढ़ने की स्थिति में किसी तरह का नुकसान न हो. फिलहाल जिले में मौसम पर प्रशासन की नजर बनी हुई है.
चक्रवात के मद्देनजर दंतेवाड़ा जिले में बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए कलेक्टर देवेश कुमार ध्रुव के निर्देश पर 28 अक्टूबर को जिले के सभी शासकीय एवं अशासकीय स्कूलों के साथ-साथ आंगनबाड़ी केंद्रों में विद्यार्थियों के लिए अवकाश घोषित कर दिया गया है और प्रशासन ने खराब मौसम के दौरान नागरिकों से पूरी तरह सतर्क रहने तथा सभी सुरक्षा संबंधी निर्देशों का पालन करने की अपील की है.